छत्तीसगढ़
पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला ने बिलासपुर रेंज अंतर्गत जिलों के पुलिस अधीक्षकों की ली बैठक

- बैठक में जिले में लंबित अपराध, मर्ग जॉच, कानून-व्यवस्था, सड़क दुर्घटना तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर की गई कार्यवाही की हुई समीक्षा।
- पुलिस कल्याण एवं अनुशासन से जुड़े विषयों की समीक्षा कर दिये गये निर्देश।
- वर्षान्त के पूर्व लंबित अपराधों के अधिकाधिक निराकरण हेतु दिये गये निर्देश।
- गंभीर अपराधों सहित गत वर्षों के लंबित अपराधों में समयावधि के भीतर कार्यवाही पूर्ण कर निराकरण किये जाने दिये निर्देश।
- जिले में प्रभावी गश्त-पेट्रोलिंग, आदतन पूर्व सिद्धदोष, निगरानी व गुण्डा-बदमाशों तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर निगाह रखते हुए त्वरित वैधानिक कार्यवाही करने दिये निर्देश।
- बैठक में जिलों में विगत दस माह में की गई कार्यवाही की समीक्षा करते हुए आगामी माहों के लिये कार्य योजना तैयार कर तदनुसार कार्यवाही करने दिये गये निर्देश।
आज दिनाँक 13.11.2024 को डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर द्वारा बिलासपुर रेंज अंतर्गत जिलों के पुलिस अधीक्षकों की अपराध समीक्षा बैठक ली गई, जिसमें जिले में लंबित अपराध, महिलाओं और बच्चों से संबधित अपराध, संपत्ति संबंधी अपराध, मर्ग एवं लघु अधिनियम व प्रतिबंधात्मक कार्यवाही अंतर्गत की गई कार्यवाही तथा कानून-व्यवस्था और सड़क दुर्घटनाओं सहित जिले के कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई तथा सभी विषयों पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिये गये।
पुलिस महानिरीक्षक द्वारा इस बात पर विशेष बल दिया गया कि गंभीर किस्म के प्रकरणों में सतत विवेचना करते हुए यथाशीघ्र विधिसम्मत निराकरण किया जावे, प्रकरण लंबी अवधि तक विवेचना में लंबित न रहे। थानों में तैयार चालान अनावश्यक लंबित न रहे इसके लिए पुलिस अधीक्षकों को लंबित चालान की समीक्षा विधिसम्मत कार्यवाही के निर्देश दिये गये। महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों में तत्काल संज्ञान लेकर त्वरित विधिसम्मत कार्यवाही किये जाने निर्देश दिये गये। मादक पदार्थां और सूखे नशे के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही के साथ-साथ उनकी बरामदगी के स्तर पर भी सुधार हेतु निर्देशित किया गया। आयुध अधिनियम के अंतर्गत अस्त्र-शस्त्रों की नियमित चेकिंग कर अवैध अस्त्र-शस्त्रों पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने और चाकूबाजों की सूची बनाकर कार्यवाही किये जाने, संपत्ति संबंधी अपराध में रिकव्हरी रेट बढ़ाये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
पुलिस बल में अनुशासन बनाये रखने हेतु पुलिस अधीक्षकों को स्वतः पहल कर इस दिशा में सार्थक कार्यवाही करने निर्देशित किया गया। जिले में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित पेंशन प्रकरणों का निराकरण, स्वत्वों के भुगतान हेतु विशेष पहल करने निर्देश दिये गये तथा अभियान चलाकर जिले में लंबित विभागीय जांच और शिकायतों का त्वरित निराकरण कराये जाने निर्देशित किया गया तथा विगत वर्ष के लंबित सभी प्रकरणों की समीक्षा की जाकर प्रकरण का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया। माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में लंबित जवाबदावा प्रकरणों में समय पर कार्यवाही करने निर्देश दिये गये।
पुलिस महानिरीक्षक द्वारा जिले में लंबित सभी गंभीर प्रकरणों के निराकरण की ओर विशेष ध्यान दिये जाने तथा लंबित ऐसे सभी प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध निराकरण किये जाने निर्देशित किया गया। अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु प्रभावी गश्त-पेट्रोलिंग, आदतन पूर्व सिद्धदोष, निगरानी व गुण्डा-बदमाशों तथा संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर सतत निगाह रखते हुए आवश्यक कार्यवाही कराये जाने निर्देशित किया गया। जेल से छूटने वाले अपराधियों की जानकारी उनकी गतिविधियों पर विशेष निगाह रखे जाने निर्देशित ताकि अपराधी को किसी प्रकार के अपराध की पुनरावृत्ति से रोका जा सके। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने दुर्घटनाजन्य क्षेत्र में हुई दुर्घटनाओं का विस्तृत विश्लेषण कराया जाकर प्राप्त कारणों के आधार पर दुर्घटनाजन्य क्षेत्र में संबंधित विभागों से समन्वय कर कार्यवाही कराये जाने निर्देशित किया गया।
धार्मिक-सामाजिक समरसता स्थापित किये जाने तथा सामाजिक शांति एवं व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने वाले विषयों को ध्यान में रखकर आसूचना तंत्र को प्रभावी किये जाने निर्देशित किया गया। स्ट्रीट चेकिंग नियमित करते हुए अड्डेबाजों के विरूद्ध कार्यवाही करने तथा गैंगवार पर अंकुश लगाने निर्देशित किया गया। आगामी नगरीय निकाय व त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए संवेदनशील ग्रामों को चिन्हांकित किये जाने निर्देशित किया गया। पुलिस की क्षेत्र में प्रभावी उपस्थिति दर्शाने के लिये विज़िबल पुलिसिंग हो, इस दिशा में आवश्यक कार्यवाही करते हुए राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना/चौकी प्रभारियों को नियमित रूप से प्रतिदिन शाम को क्षेत्र में पैदल गश्त कर अपनी प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया।
पुलिस महानिरीक्षक ने इस बात पर विशेष बल दिया कि पर्यवेक्षणकर्ता अधिकारी अपने पर्यवेक्षणीय थाना के कार्यों की प्रतिदिन नियमित मॉनिटरिंग करें तथा अधीनस्थों को उचित दिशा-निर्देश व मार्गदर्शन करें, इसे सुनिश्चित कराये जाने पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया। जिलों में आधारभूत पुलिसिंग को मजबूत करने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह, पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चाम्पा श्री विवेक शुक्ला, पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री भोजराम पटेल, पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री दिव्यांग पटेल, पुलिस अधीक्षक गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही श्रीमती भावना गुप्ता, पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी, पुलिस अधीक्षक सक्ती सुश्री अंकिता शर्मा, पुलिस अधीक्षक सारंगढ़-बिलाईगढ़ श्री पुष्कर शर्मा सहित रेंज कार्यालय में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मधुलिका सिंह और उप पुलिस अधीक्षक श्री विकास पाटले उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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