छत्तीसगढ़
जनजातीय गौरव दिवस बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

खुड़िया में जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन
बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उनके संघर्षों को किया गया याद
बिलासपुर. 15 नवम्बर 2024. आदिवासी सांस्कृतिक परंपराओं और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उनके संघर्षों को स्मृतियों में संजोने के लिए आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम खुड़िया के शासकीय हाई स्कूल मैदान में जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के जमुई से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया और देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। खुड़िया में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री अरुण साव शामिल हुए। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जननायक थे। उन्होंने आदिवासी समुदाय को जल, जंगल व जमीन को बचाने के लिए जागरूक किया और उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा दी।
भगवान बिरसा मुंडा ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 15 नवम्बर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को हर साल जनजाति गौरव देश के रूप में मनाया जाता है। साव ने कहा कि आज खुड़िया क्षेत्र में 18 करोड़ की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण हुआ है। इसके साथ ही खुड़िया में 538 आवास स्वीकृत हुआ है। इसके लिए सभी को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए लगातार कार्य हो रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी ने आदिवासियों के उत्थान के लिए अलग से विभाग बनाया। आदिवासी समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए जगह-जगह छात्रावास एवं एकलव्य विद्यालय खोले जा रहे हैं। हमारी सरकार आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए लगातार योजना बनाकर कार्य कर रही है।
आदिवासी समाज के भाई-बहनों की तरक्की और वनांचल के विकास के लिए हमारी सरकार समर्पित है और पूरी तत्परता से कार्य कर रही है। आज आदिवासी समाज की बेटी राष्ट्रपति के रूप में देश के सर्वाेच्च संवैधानिक पद पर बैठी हैं। यह सौभाग्य की बात है कि आज छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज का बेटा मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। ‘हमने बनाया है हम ही संवारेंगे’ के मूल मंत्र के साथ आज छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास हो रहा है।
मुख्य अतिथि साव ने स्टॉलों का किया अवलोकन
मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया और शासन द्वारा जनजाति एवं अन्य समुदायों को लाभान्वित करने विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली। साव ने महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में बच्चों का अन्नप्राशन कराया और महिलाओं एवं बच्चों को पौष्टिक आहार किट भी वितरित किए। समाज कल्याण विभाग के स्टाल में हितग्राही को ट्रायसायकल का वितरण किया। शासन की विभिन्न योजनाओं से जागरूक एवं लाभान्वित करने आदिवासी विकास, जिला पंचायत, वन, शिक्षा, श्रम, मछली पालन, पशुपालन, उद्यानिकी सहित 20 से अधिक विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए जनजातीय समाज प्रमुखों को मिला सम्मान
साव ने कार्यक्रम में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से भेंट-मुलाकात की और 80 से अधिक जनजातीय समाज प्रमुखों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। इनमें पूर्व जनपद सदस्य, समाज अध्यक्ष, शिक्षक, सेवानिवृत्त शिक्षक सहित समाज के अन्य प्रतिष्ठित नागरिक शामिल हैं।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिवारजनों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री साव ने मुंगेली जिले के 15 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और 6 वीर शहीदों के परिवारजनों का हालचाल जाना और उन्हें शाल व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
विकास कार्यों का किया गया लोकार्पण एवं शिलान्यास
साव ने कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 5 विकास कार्यों के लोकार्पण और 3 निर्माण कार्यों के शिलान्यास सहित 17 करोड़ 59 लाख 92 हजार रूपए के कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग अंतर्गत 9 करोड़ 58 लाख 71 हजार रुपए, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 5 करोड़ 8 लाख 2 हजार रुपए के कार्यों का शिलान्यास और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत 2 करोड़ 93 लाख 19 हजार रूपए का लोकार्पण किया गया।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।




















