छत्तीसगढ़
स्वदेशी चीजों के इस्तेमाल से मज़बूत होगा भारत अरूण साव

उप मुख्यमंत्री ने सात दिवसीय स्वदेशी मेले का किया शुभारंभ
बिलासपुर, 15 नवंबर 2024/उप मुख्यमंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री अरुण साव ने साइंस कॉलेज मैदान में स्वदेशी मिले का शुभारंभ किया। स्वदेशी जागरण मंच के सौजन्य से आयोजित यह मेला 21नवंबर तक चलेगा । साव व अतिथियों ने मां भारती, सरस्वती माता और भगवान बिरसा मुंडा की छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि स्वदेशी चीजों के सतत उपयोग से जहां देश मजबूत होगा वहीं देश के लोगों में आत्म निर्भरता और स्वाभिमान की भावना वा विकसित होगी।
इसलिए हमें ज्यादा से ज्यादा स्वदेश निर्मित चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए। समारोह की अध्यक्षता विधायक अमर अग्रवाल ने की। विशेष अतिथि के रूप में विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर रामशरण यादव उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि की आसंदी से साव ने कहा कि स्वदेशी का विचार हमारे लिए कोई नई बात नहीं है । सैकड़ों वर्षों से हम स्वदेशी का इस्तेमाल करते आए हैं । इस स्वदेश विचार को हमने पूरी दुनिया को दिया है। हमने बहुत सारी चीजें दुनिया को दिया है, लिया कुछ भी नहीं। उन्होंने कहा कि हमने विश्व को आयुर्वेद,शून्य, शल्य चिकित्सा और वेद का ज्ञान दिया है। इसीलिए हमारा देश सनातन काल में सोने की चिड़िया कहा जाता रहा ।
उन्होंने कहा कि मुगलों और अंग्रेजों के शासनकाल में हमें अपने चीजों से दूर कर हीनभावना भर दी गई। हमारी विरासत और मान बिंदुओं पर चोट किया गया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान स्वदेशी आंदोलन को नई दिशा दी। स्वदेशी का सम्मान हमारे स्वावलंबन की साथ-साथ आत्मनिर्भरता से ही है। इससे देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत होती है ।उन्होंने सभी लोगों को अपने जीवन में स्वदेशी चीजों का इस्तेमाल करने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक हम अग्रवाल ने कहा कि आज हर देश कई तरह के वैश्विक संधियों से जुड़ा हुआ है। हम कानून के तहत दूसरे देशों के चीजों को पर बंदिश नहीं लगा सकते। कानून किसी व्यक्ति को अपने सामान को जोर जबरन उपयोग की इजाजत नहीं देता। इसलिए हम जागरुक बनें और अपने देश में निर्मित सामानों का इस्तेमाल करें। इससे हमारा देश हित भी जुड़ा हुआ है और बड़ी जनसंख्या को रोजगार भी उपलब्ध करा पाएंगे। उन्होंने कहा कि दत्तोपंत ठेंगड़ी ने देश में स्वदेशी आंदोलन को बढ़ाने के लिए संगठित प्रयास किया। हम सबको उनके इस आंदोलन में सहभागिता निभाना चाहिए। और यह केवल कहने से नहीं बल्कि स्वदेशी चीजों के निरंतर उपयोग से संभव होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की जो विचार दिए हैं, उनके कारण देश आज विश्व में 5 वीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाया है। अगले पांच साल में तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेंगे। समारोह को विशेष अतिथि श्री सुशांत शुक्ला, महापौर रामशरण यादव और स्वदेशी जागरण मंच के सह विचार प्रमुख प्रो. राघवेंद्र प्रताप सिंह चंदेल ने भी संबोधित किया। सभी ने स्वदेशी चिंतन और देश में बने वस्तुओं के उपयोग की वकालत की। स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों और योग व्यायाम का प्रदर्शन भी किया गया।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















