Connect with us

बिलासपुर

Bilaspur News: विवाह का झांसा देकर दैहिक शोषण करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

Published

on

विवाह का झांसा देकर दैहिक शोषण करने वाले आरोपी को माननीय न्यायालय से मिली आजीवन कारावास की सजा

माननीय न्यायालय में आरोपी ने पीड़िता को अपनी पत्नी बताकर आपसी सहमति का मामला बताने का प्रयास किया था

आरोपी द्वारा पूर्व में भी 2 अन्य महिलाओं से विवाह कर छोड़ दिया गया था

दोनों महिलाओं /पूर्व पत्नियों को बनाया गया साक्षी

माननीय न्यायालय ने गंभीर अपराधिक कृत्य मानते हुए आरोपी को आजीवन कारावास के सजा से दंडित किया है।

आरोपी के पूर्व पत्नियों के बयान को माननीय न्यायालय ने गंभीर अपराध के लिए आधार माना है ।

प्रकरण में दोषसिद्धि के लिए माननीय न्यायालय में साक्ष्य के प्रस्तुतीकरण का तरीका एवं आरोपी का पूर्व इतिहास को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण होता है ।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि पीड़िता के द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि आरोपी अशोक राजवाड़े के द्वारा पीड़िता को कहा गया कि वह उसे अत्यधिक प्रेम करता है और विवाह करना चाहता है । फिर बिलासपुर लाकर नोटरी के माध्यम से इकरारनामा तैयार कर स्वयं को पीड़िता का पति बताते हुए पीड़िता से लगभग 03 वर्ष तक शारीरिक शोषण किया । इस दौरान पीड़िता को ज्ञात हुआ कि आरोपी पूर्व से शादीशुदा है, उसकी 01 पुत्री भी है , यह भी ज्ञात हुआ कि आरोपी के द्वारा पहली पत्नी को छोड़ने के बाद एक अन्य महिला से भी विवाह किया गया था उसको भी छोड़ दिया है । इस संबंध में आरोपी से पूछताछ करने पर उसने पीड़िता को मारपीट किया और जान से मारने की धमकी दिया ।

यह भी पढ़ें   CG Crime: पोते ने दादी का किया मर्डर, जानिए पूरा मामला

पत्नी के रूप में रखने से इंकार कर दिया । पीड़िता के रिपोर्ट पर पुलिस चौकी सी एस ई बी थाना कोतवाली कोरबा में आरोपी अशोक राजवाड़े के विरुद्ध अपराध क्रमांक 539/2020 धारा 376(2)(n),417, 294,506 (b) भादवि के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ,पीड़िता अनुसूचित जाति की थी अतः धारा 3(2)(5) अनु. जाति/अजजा अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा लगाया गया । प्रकरण के विवेचना के दौरान विवेचना अधिकारी द्वारा पीड़िता के साथ घटित घटना के संबंध के साक्ष्य एकत्रित करने के साथ साथ आरोपी के दोनों पूर्व पत्नियों का भी कथन लेकर माननीय न्यायालय में साक्ष्य कथन कराया गया ।
प्रकरण का विचारण माननीय विशेष न्यायाधीश अ जा/अ ज जा अत्याचार निवारण अधिनियम न्यायालय कोरबा में हुआ , जिसका निर्णय दिनांक 19 .11.2024 को घोषित हुआ है । माननीय न्यायालय के द्वारा आरोपी को धारा 376(2)(n),417, 294,506 (b) भादवि के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 25000 रुपए का जुर्माना तथा धारा 3(2)(5) अनु. जाति/अजजा अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 25000 के जुर्माना से दंडित किया गया है ।


दैहिक शोषण के ऐसे मामले जिनमें पीड़िता बालिग हो, आरोपी एवं पीड़िता के मध्य विवाह के संबंध में कोई इकरारनामा आदि तैयार किया गया हो, ऐसे मामलों मे आपसी सहमति का मामला मानकर आरोपी माननीय न्यायालय से दोष मुक्त हो जाते हैं । किंतु इस प्रकरण में पीड़िता एवं आरोपी के मध्य तैयार किया गया इकरारनामा ही दोष सिद्धि का आधार बना । इसका मुख्य वजह यह रहा की विवेचना अधिकारी के द्वारा आरोपी के पूर्व कृत्य को माननीय न्यायालय में प्रमुखता से उजागर किया गया एवं आरोपी के द्वारा जिन 02 महिलाओं से विवाह कर छोड़ दिया गया था, उन दोनों महिलाओं को न्यायालय में साक्षी के रूप में प्रस्तुत किया गया ।

यह भी पढ़ें   रायपुर : रकम दोगुना करने का झांसा देकर युवक से 7 लाख की ठगी


इस प्रकरण की पीड़िता उच्च शिक्षित और बालिग थी । आरोपी एवं पीड़िता के मध्य विवाह संबंधी इकरारनामा भी तैयार हुआ था, किंतु माननीय न्यायालय ने माना कि दोनों के मध्य दी गई सहमति में पीड़िता के द्वारा दी गई सहमति स्वच्छ अंतःकरण से दी गई सहमति थी किंतु आरोपी द्वारा छल पूर्वक सहमति दी गई थी ।


प्रकरण का विवेचना पुलिस चौकी सीएसईबी में पदस्थ रहे तत्कालीन चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कृष्णा साहू द्वारा किया गया है , जो वर्तमान में थाना सरकंडा में पदस्थ है , विवेचना में आरक्षक देवनारायण कुर्रे द्वारा सहयोग किया गया था । माननीय न्यायालय में प्रकरण की पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री कमलेश उपाध्याय द्वारा किया गया है ।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

बिलासपुर को मिली नई सौगात

Published

on

Chouksey College of Ayurved Research Center & Hospital

बिलासपुर। क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। Chouksey Group of Colleges के अंतर्गत नया Chouksey College of Ayurved Research Center & Hospital अब राष्ट्रीय आयुर्वेद आयोग (NCISM), नई दिल्ली से संबद्ध हो गया है।

यह उपलब्धि बिलासपुर के लिए गौरव की बात है, क्योंकि अब जिले को अपना पहला और एकमात्र निजी बीएएमएस (BAMS) कॉलेज मिल गया है।

कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि इस वर्ष होने वाली काउंसलिंग में चौकसे आयुर्वेद कॉलेज में NEET 2025 के आधार पर प्रवेश (Admission) दिए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद शिक्षा एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़: अस्पताल से नवजात बच्चे को चुराकर भागी महिला

ज्ञात रहे कि इस वर्ष Chouksey Group के इंजीनियरिंग कॉलेज में बिलासपुर संभाग में सर्वाधिक प्रवेश (Admissions) हुए हैं। साथ ही डिग्री पाठ्यक्रमों जैसे B.Com, Law, BBA, BCA, PGDCA की सभी सीटें भी पूर्ण रूप से भर गई हैं। यह विद्यार्थियों के बीच चौकसे ग्रुप की बढ़ती लोकप्रियता और विश्वास को दर्शाता है।

चौकसे ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के प्रबंध निदेशक डॉ. आशीष जायसवाल ने कहा —
“हमारा संकल्प विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। बिलासपुर में पहला निजी बीएएमएस कॉलेज खुलना न केवल विद्यार्थियों बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। हमें विश्वास है कि यह कॉलेज आयुर्वेद शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।”

Continue Reading

blog

Bilaspur के नामी LCIT Group of Institutions का छात्रों के साथ भयानक फर्जीवाड़ा : वादे बड़े-बड़े, हकीकत पानी-पानी!

Published

on

LCIT Group of College bilaspur

बिलासपुर: LCIT Group of Institutions – Bilaspur, जो हर साल एडमिशन के दौरान बड़े-बड़े वादे और लुभावने दावे करता है, उसकी सच्चाई अब धीरे-धीरे सामने आने लगी है। दावा किया जाता है कि यहां आधुनिक लैब्स, अनुभवी फैकल्टी और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा — लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

बारिश आई, लैब्स ने छलनी बनकर स्वागत किया!
हमें मिले वीडियो में कॉलेज की लैब्स से टपकती छतें साफ़ दिखाई दे रही हैं। जहां स्टूडेंट्स को मशीनों के साथ प्रैक्टिकल करना चाहिए था, वहां अब पानी से बचने के लिए प्लास्टिक की बाल्टियाँ रखी जा रही हैं। सवाल ये उठता है कि जब प्रयोगशालाएं ही सुरक्षित नहीं, तो शिक्षा कितनी सुरक्षित होगी?

यह भी पढ़ें   रायपुर : रकम दोगुना करने का झांसा देकर युवक से 7 लाख की ठगी

फैकल्टी? बस कागज़ों पर!
सूत्रों के अनुसार, यहां कई फैकल्टी सदस्य केवल ऑन पेपर मौजूद हैं। यानी नाम तो है, पर काम में कहीं नजर नहीं आते। छात्रों का कहना है कि कई विषयों की क्लास ही नियमित नहीं होती।

इंजीनियरिंग प्रिंसिपल भी सिर्फ नाम के!
कहा जा रहा है कि इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रिंसिपल भी फुल टाइम नहीं है, बल्कि केवल औपचारिकता निभाने के लिए कागजों पर मौजूद हैं। यह छात्रों के भविष्य के साथ खुला मज़ाक है।

स्टाफ की नियुक्ति पर भी सवाल
बताया जा रहा है कि अधिकांश स्टाफ या तो यहीं के पुराने छात्र हैं या फिर अन्य कॉलेज से किसी वजह से हटाए गए लोग हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग जाता है।

यह भी पढ़ें   रोजगार मेले में चयनित युवाओं को रेलवे में मिली नौकरी! PM मोदी ने कहा- देश के लिए सेवा का अवसर

🎙 बिलासपुर के इस संस्थान की मार्केटिंग चमचमाती है, लेकिन हकीकत में ढहती छतें, दिखावटी स्टाफ और खोखले दावे छात्रों के सपनों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ज़रूरत है कि शिक्षा को सिर्फ व्यापार न बनाकर, जिम्मेदारी समझा जाए

Continue Reading

बिलासपुर

Bilaspur News: सट्टा के खिलाफ संगठित अपराध और जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई

Published

on

बिलासपुर: नगदी रकम 11,600/- रूपये, मोचाईल, सट्टा प‌ट्टी पर्ची जप्त

अपराध क्रमांक 1268/2024 धारा- 06 ख जुआ प्रतिशेध अधिनियम 2022 तथा धारा 112(2) बीएनएस०
नाम गिर० आरोपी :– आकाश सारथी पिता राजेश सारथी उम्र 28 साल नि० दुर्गा मंदीर के पास, कस्तुरबा नगर थाना सिविल लाईन जिला बिलासपुर छ०ग०

विवरण इस प्रकार है कि उपरोक्त आरोपी कल्याण सट्टा नाम से अंको के माध्यम से हारजीत का दाव लगाकर स‌ट्टा लिख रहा था। मुखबीर से प्राप्त सूचना के आधार पर आरोपी को गुरुद्वारा के सामने सिन्धी कॉलोनी थाना सिविल लाईन के पास से गिरफ्तार किया गया। आरोपी से पूछताछ करने पर मोबाईल नंबर धारक व्यक्ति कथित खाईवाल के कहने पर तथा उससे मिलकर कर स‌ट्टा प‌ट्टी लिखना, जिसके एवज में प्रतिदिन कमीशन के रूप में नगदी रकम प्राप्त होना बताया। आरोपी के बताये अनुसार प्रकरण में मोबाईल नंबर धारक व्यक्ति कथित खाईवाल को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपियो के विरुध्द जुआ अधिनियम तथा संगठित अपराध की धारा के अंतर्गत कार्यवाही की गई।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में नक्सली घटना पर बोले भूपेश बघेल- मौन बैठे हैं मुख्यमंत्री और गृह मंत्री
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending