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क्राइम

ईडी ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दो नई गिरफ्तारियां की

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Raipur: द प्रवर्तन निदेशालय अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग ऐप मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नितिन टिबरेवाल और अमित अग्रवाल को विभिन्न धाराओं के तहत हिरासत में ले लिया गया धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) और शुक्रवार को रायपुर में एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, ईडी के वकील सौरभ पांडे ने कहा, उन्होंने बताया कि अदालत ने उन्हें 17 जनवरी तक ईडी की हिरासत में भेज दिया, टिबरेवाल पर इस मामले के एक आरोपी विकास छापरिया का “करीबी सहयोगी” होने का आरोप है।

Additional Information : ईडी के सूत्रों ने कहा कि उन पर दुबई में कुछ “अघोषित” संपत्तियां खरीदने और एक एफपीआई कंपनी में बहुसंख्यक शेयरधारक होने का आरोप है, जिसमें चप्पारिया भी एक शेयरधारक हैं।

एजेंसी को संदेह है कि ये संपत्तियां महादेव ऐप के मुनाफे से उत्पन्न “अपराध की आय” का उपयोग करके खरीदी गई थीं।

सूत्रों ने बताया कि अमित अग्रवाल इस मामले के एक अन्य आरोपी अनिल कुमार अग्रवाल का रिश्तेदार है।

अमित अग्रवाल पर अनिल कुमार अग्रवाल से महादेव ऐप फंड प्राप्त करने का आरोप है और कहा जाता है कि उनकी (अमित अग्रवाल की) पत्नी ने मामले के एक अन्य आरोपी अनिल दम्मानी के साथ कई संपत्तियां खरीदी हैं।

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छपारिया और अनिल अग्रवाल की दुबई स्थित दो अचल संपत्ति, एक फ्लैट और एक प्लॉट, जिसकी कीमत 99.46 करोड़ रुपये है, को पिछले साल ईडी ने जब्त कर लिया था।

एजेंसी ने पहले कहा था कि ऐप द्वारा उत्पन्न कथित अवैध धन का इस्तेमाल राज्य में राजनेताओं और नौकरशाहों को रिश्वत देने के लिए किया गया था। एजेंसी ने कई मशहूर हस्तियों और बॉलीवुड अभिनेताओं को ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म और भुगतान के तरीके के साथ उनके संबंधों पर पूछताछ के लिए बुलाया था।

अब तक, ईडी ने इस मामले में दो आरोप पत्र दायर किए हैं, जिनमें कथित अवैध सट्टेबाजी और गेमिंग ऐप के दो मुख्य प्रमोटरों – सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल – सहित अन्य शामिल हैं।

दोनों को हाल ही में ईडी के आदेश पर जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर दुबई में हिरासत में लिया गया था और एजेंसी उन्हें संयुक्त अरब अमीरात से भारत निर्वासित या प्रत्यर्पित करने की कोशिश कर रही है।

ईडी ने पहली चार्जशीट में आरोप लगाया कि चंद्राकर ने फरवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात के रास अल खैमा में शादी की और इस आयोजन में लगभग 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए गए।

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एजेंसी ने आरोप लगाया कि चंद्राकर के रिश्तेदारों को भारत से यूएई ले जाने के लिए निजी जेट किराए पर लिए गए थे और मशहूर हस्तियों को शादी में प्रस्तुति देने के लिए भुगतान किया गया था।

ईडी के अनुसार, इस मामले में अपराध की अनुमानित आय लगभग 6,000 करोड़ रुपये है।

एजेंसी ने नवंबर में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले दावा किया था कि फोरेंसिक विश्लेषण और कथित कैश कूरियर असीम दास के बयान से “चौंकाने वाले आरोप” लगे हैं कि महादेव सट्टेबाजी ऐप प्रमोटरों ने पूर्व छत्तीसगढ़ को लगभग 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने अब तक कहा है कि ये आरोप “जांच का विषय” हैं।

बघेल ने इन आरोपों को उनकी छवि “खराब” करने का प्रयास बताया था जबकि कांग्रेस ने इसे उनके खिलाफ केंद्र की “प्रतिशोध की राजनीति” करार दिया था।

चंद्राकर और उप्पल छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर के रहने वाले हैं। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों को सक्षम करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म की व्यवस्था करने वाला एक प्रमुख सिंडिकेट है।

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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

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Surajpur Murder Case-Chhattisgarh

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।

शरीर पर मिले चोटों के निशान

Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

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पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।

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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

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अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

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Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।

Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।

क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।

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धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।

इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।

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गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।

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