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छत्तीसगढ़

ठरकी शिक्षक की करतूत : 19 छात्राओं ने लगाया शोषण का आरोप, महिला प्रधान पाठक मामले को दबाती रही

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सूरजपुर: स्कूल में पढ़ने वाली 19 बच्चियों ने शिक्षक पर शोषण का आरोप लगाया है। शिक्षक की इस हरकत को स्कूल की महिला प्रधान पाठक नजर अंदाज कर मामले को दबाती रही।

सूरजपुर: एमसीबी जिले के जनकपुर में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि सूरजपुर जिले से एक और बड़ी घटना सामने आई है। गुरु शिष्य के रिश्ते को कलंकित करते हुए एक शिक्षक ने स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों से अश्लील हरकतें करने के साथ ही गंदी बातें करता रहा।

स्कूल में पढ़ने वाली 19 बच्चियों ने शिक्षक पर शोषण का आरोप लगाया है। हैरानी की बात तो यह है कि , शिक्षक की इस हरकत को स्कूल की महिला प्रधान पाठक नजर अंदाज कर मामले को दबाती रही। बच्चियों ने बाल संरक्षण अधिकारियों से टोल फ्री नंबर में जब अपने साथ हो रही घटना की जानकारी दी तो जिले में हड़कंप मच गया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर ने जांच टीम का गठन किया और जांच उपरान्त शिक्षक व प्रधान टीम का गठन किया और जांच उपरान्त शिक्षक व प्रधान पाठक को निलंबित करने के साथ ही उनके खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है। बता दें कि सोनगरा आदर्श शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के कक्षा 6वीं से 8वीं तक की छात्राओं ने बाल संरक्षण विभाग के टोल फ्री नंबर में फोन कर अपने साथ हो रहे शोषण की शिकायत की थी। बच्चियों द्वारा दी गई शिकायत के बाद जिलेभर में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर ने जांच टीम का गठन किया।

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महिला प्रधान पाठक पर सहयोग करने का आरोप

बच्चियों द्वारा की गई शिकायत के बाद एसडीएम ललिता भगत, बीईओ एमएस ध्रुव, नायब तहसीलदार सरिता रजवाड़े, बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने बच्चियों का बयान लिया। अपने बयान में बच्चियों ने शिक्षक सुमन कुमार रवि पर शोषण का आरोप लगाया। गुरु शिष्य के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने वाली घटना में बच्चियों ने आरोप लगाया कि शिक्षक सुमन कुमार रवि लम्बे समय से बच्चियों से अश्लील हरकतें की जा रही थी। शिक्षक बच्चियों से गंदी बातें करने के साथ ही पीठ, बांह को गलत तरीके से हाथ लगाया जाता था।

इस तरह खुला मामला

बताया जा रहा है कि जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल द्वारा पिछले दिनों सोनगरा शासकीय स्कूल में जागरूकता शिविर लगाया गया था। इस दौरान अधिकारियों ने बच्चियों को गुड़ टच-बैड टच सहित अन्य जानकारियां दी गई थी। इसके साथ ही उन्हें टोल फ्री नंबर के बारे में बताया गया था ताकि किसी बच्ची के साथ स्कूल में कोई गलत हरकत होती है तो वे इसकी शिकायत कर सकें। इसी टोल फ्री नंबर पर बच्चियों ने 23 नवंबर को फोन कर शिकायत दर्ज कराई थी।

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शिकायत मिलने के बाद जिले में हड़कंप मचा तो कलेक्टर ने 25 नंवबर को जांच टीम का गठन किया। जांच टीम ने 26 नवंबर को मामले की जांच करने के साथ ही रिपोर्ट कलेक्टर व डीईओ को प्रस्तुत की और जांच में आरोप की पुष्टि होने के बाद 27 नवंबर को कलेक्टर के निर्देश पर स्कूल में पदस्थ शिक्षक सुमन कुमार रवि, प्रधान पाठक श्रीमती अनीता बेक को निलंबित कर दिया गया लेकिन इस पूरे मामले को शिक्षा विभाग व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने दबा दिया था।

किया गया है निलंबित

बीईओ एमएस ध्रुव ने बताया कि, बाल संरक्षण अधिकारी ने स्कूल में जागरूकता शिविर लगाया था। जिसके बाद ही बच्चियों ने घटना की शिकायत की थी। कलेक्टर के निर्देश पर गठित टीम द्वारा जांच कर बच्चियों के बयान लिए गए। बयान में बच्चियों ने शिक्षक व प्रधान पाठक पर आरोप लगा। जांच रिपोर्ट कलेक्टर व डीईओ को प्रस्तुत की गई जिसके बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया है।

चल रही है तलाश

सूरजपुर एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने बताया कि, घटना की शिकायत के बाद मामले में प्रधान पाठक व शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। निलंबन के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए है इस लिए उनकी तलाश जारी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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