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छत्तीसगढ़

चार दोस्तों की एक साथ निकली अंतिम यात्रा: रायपुर के चांगोराभाटा में शोक की लहर, सड़क हादसे में चारों की जान गई

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अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में चार दोस्तों की मौत हो गई। चारों मृतकों का अंतिम संस्कार महादेव घाट मुक्ति धाम में किया जा रहा है।

रायपुर: अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में चार दोस्तों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद रायपुर चांगोराभाटा में शोक की लहर है। सोमवार को चारों लड़कों का एक साथ अंतिम यात्रा निकाली जा रही है। वहीं चारों मृतकों का अंतिम संस्कार महादेव घाट मुक्ति धाम में किया जा रहा है । बड़ी संख्या में लोग चारों दोस्तों की अंतिम यात्रा में शामिल हो रहे है।

भीषण सड़क हादसा में 5 दोस्तों की हुई मौत

उल्लेखनीय है कि, अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में चार युवकों की मौत ने चंगोराभाठा के रहवासियों को झकझोर कर रख दिया है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक युवक को रायपुर रेफर किया गया है। युवकों ने आधी रात को 2 बजे इंस्टाग्राम पर हनी सिंह का आखिरी वीडियो अपलोड किया। उसके एक घंटे बाद ही उनके साथ बड़ी दुर्घटना हो गई। हादसे के शिकार चार युवकों, अम्लेश्वर निवासी स्वप्निल हेमाने, चंगोराभाठा निवासी संजू साहू, दुष्यंत देवांगन तथा राहुल साहू की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं डिकेश साहू गंभीर रूप से घायल हो गया।

एक्सीडेंट की जानकारी मिलते ही रविवार को मृतक तथा घायल युवक के परिजन अंबिकापुर के लिए रवाना हो गए। घटना के बाद हरिभूमि की टीम हादसे में मृत युवकों के परिजनों से मिलने उनके घर पहुंची तो दुष्यंत के पड़ोस में रहने वाले युवकों ने बताया कि सभी आपस में अच्छे मित्र थे। उनकी मोहल्ले या आस-पड़ोस में रहने वाले किसी भी व्यक्ति से कभी विवाद की स्थिति निर्मित नहीं हुई। पांचों युवक अच्छे दोस्त होने के साथ-साथ कामकाजी भी थे।

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पड़ोसियों के मुताबिक, दुष्यंत तथा अन्य तीन युवक चंगोराभाठा में आसपास के ही निवासी थे। परिजनों को सुबह 9 बजे एक्सीडेंट की जानकारी मिली। घटना की जानकारी मिलने के बाद पड़ोसी घायल तथा मृत युवकों के घर सांत्वना देने पहुंचने लगे। इसी दौरान परिजन आनन-फानन में गाड़ी किराए पर लेकर अंबिकापुर के लिए रवाना हुए।

रात 11 बजे के बाद दोस्तों की टोली रवाना हुई

पड़ोस में रहने वाले लड़कों के मुताबिक, दुष्यंत तथा उनके साथी रात 11 बजे जगदलपुर जाने के लिए रवाना हुए। इसी दौरान उनका मन बदल गया और वे जगदलपुर जाने के बजाय अंबिकापुर के लिए रवाना हो गए। अंबिकापुर में सड़क हादसा होने की जानकारी मिलने पर परिजनों को यकीन ही नहीं हो रहा था।
परिजनों को इन सभी के जगदलपुर जाने की जानकारी थी।

अगस्त में खरीदी थी नई कार

मृतक स्वप्निल के पड़ोसियों के मुताबिक, स्वप्निल ने तीन माह पूर्व में नई स्कोडा कार खरीदी थी। उसी कार में सभी दोस्त टूर पर निकले थे। स्पप्निल के ट्रैवल एजेंसी चलाने के बारे में जानकारी मिली है। उसके पास कार के साथ ट्रक होने की बात सामने आई है। इसी तरह संजू जिम संचालित करता है। डिकेश की घड़ी चौक पर फोटोकॉपी शॉप है। राहुल और संजू उसके सहयोगी बताए जा रहे हैं।

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वाट्स एप पर खबर, मोहल्ले में पसरा मातम

चंगोराभाठा के रहवासियों का एक वाट्स एप ग्रुप है। इस ग्रुप में जैसे ही युवकों के एक्सीडेंट की जानकारी वायरल हुई। वाट्स एप ग्रुप पर घटना को लेकर लगातार मैसेज आने शुरू हो गए। लोग अंबिकापुर में अपने परिचितों के माध्यम से एक्सीडेंट को लेकर जानकारी जुटाने लगे। एक साथ पांच युवकों की अकाल मृत्यु की खबर से क्षेत्र में मातम पसर गया।

इंस्टाग्राम पर आखिरी वीडियो रात 2 बजे

हादसे में जान गंवाने वाले युवकों ने आधी रात को लगभग 2 बजे इंस्टाग्राम पर वीडियो अपलोड किया। वीडियो में कार के भीतर से सड़क पर दिख रहा है कि स्क्रीन के पास लगे म्यूजिक सिस्टम के पैनल में स्क्रीन लगी है। स्क्रीन पर हनी सिंग का वीडियो चल रहा था। एक्सीडेंट की वजह स्क्रीन से भी ध्यान भटकने से होने की आशंका जताई जा रही है।

छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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