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महाकुंभ 2025: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तैयारियों का लिया जायजा, ₹5000 करोड़ खर्च

- भारतीय रेल ने खर्च किए महाकुंभ तैयारियों के लिए 2 वर्षों में 5000 करोड़ रुपये से अधिक : अश्विनी वैष्णव
- केंद्रीय रेल मंत्री ने महाकुम्भ -2025 की तैयारियों का किया अवलोकन
- प्रयागराज क्षेत्र में सुगम रेल परिचालन के लिए 21 रोड ओवर ब्रिजों और रोड अंडर ब्रिजों का किया गया निर्माण
- महाकुंभ -2025 के दौरान 3000 स्पेशल गाडियाँ सहित 13000 से अधिक रेल गाडियाँ चलायी जाएंगी
केंद्रीय मंत्री, रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, अश्विनी वैष्णव ने प्रयागराज क्षेत्र में महाकुम्भ-2025 के लिए की जा रही तयारियों का अवलोकन किया । केंद्रीय रेल मंत्री ने प्रयागराज में सबसे पहले झूंसी रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों एवं महाकुंभ -2025 की तैयारियों का निरीक्षण किया तत्पश्चात झूंसी स्टेशन के निकट गंगा नदी पर प्रयागराज –वाराणसी रेल मार्ग दोहरीकरण कार्य के अंतर्गत बने नए ब्रिज संख्या -111 का निरीक्षण किया ।
केंद्रीय रेल मंत्री ने निरीक्षण के अगले क्रम में पुनर्विकास योजना के अंतर्गत फाफामऊ स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यो का जायजा लिया ओर संबधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। इसी क्रम में उन्होंने प्रयाग जं स्टेशन का भी निरीक्षण किया और महाकुंभ 2025 की तैयारियों को परखा। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने यात्री सेवा एवं यात्री हितों की दिशा में किए जा रहे सभी रेल कार्यों तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा इस विषय में संबंधितों को महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए आवश्यक निर्देश पारित किए।
उन्होंने मेला अवधि में इन स्टेशनों पर यात्री सुविधा संबंधी,आपातकालीन,चिकित्सा तथा आकस्मिक सेवा संबंधी, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण संबंधी, यात्री सुरक्षा एवं संरक्षित तथा समयानुसार गाड़ी परिचालन संबंधी सभी व्यवस्थाओं का गहनतापूर्वक अवलोकन किया। इसके साथ ही माननीय रेलमंत्री, मेला के दौरान रेलवे द्वारा निर्धारित की जाने वाली अन्य विशेष तथा वैकल्पिक व्यवस्थाओं से भी भलीभांति अवगत हुए।
इसके अतिरिक्त उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से यात्री एवं भीड़ प्रबंधन की नीतियों एवं मेला के सुगम और सुचारु रूप से संचालन करने की दिशा में किए जाने वाले अन्य प्रयासों के विषय में भी क्रमबद्ध रूप से जानकारी प्राप्त की। इस दौरान माननीय रेलमंत्री ने फाफामऊ जं से प्रयाग जं तथा प्रयाग जं से प्रयागराज जं. तक विंडो ट्रेलिंग करते हुए रेलपथ की संरक्षा की जानकारी भी प्राप्त की तथा इस अवसर पर इन दोनों स्टेशनों पर उपस्थित जन प्रतिनिधियों तथा स्थानीय नागरिकों से भेंट की।
केंद्रीय रेल मंत्री, अश्विनी वैष्णव ने निरीक्षण के अगले क्रम में प्रयागराज जंक्शन पर महाकुंभ -2025 के लिए की जा रही तयारियों का निरीक्षण किया । ध्यातव्य है कि प्रयागराज जंक्शन को स्टेशन पुनर्विकास योजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है । केंद्रीय रेल मंत्री ने प्रयागराज जंक्शन पर यात्री आश्रय का निरीक्षण कर आश्रय के बाहर टिकट काउंटर, कलर कोडिंग और उपलब्ध साइनेज का जायजा लिया । यात्री आश्रयों में कलर कोडिंग की व्यवस्था की गई है । इसे कलर कोडिंग के अनुसार यात्री दिशावर यात्रा के लिए सुनिश्चित प्लेटफार्मों पर गाएँगे और अपने गंतव्य की ओर यात्रा करेंगे ।
केंद्रीय रेल मंत्रीने यात्री आश्रय में खानपान, प्रकाश, पेयजल, चिकत्सा बूथ, जन सुविधाएँ, सुरक्षा व्यवस्था को बारीकी से देखा । महाकुंभ -2025 के दौरान स्टेशन पर यात्रियों के प्रवेश और निकास योजना पर जानकारी के साथ स्टेशन पर यात्रियों को दिशावार यात्रानुसार गेट से प्रवेश से लेकर गाड़ी तक भेजने की व्यवस्था, यात्रियों को टिकट काउंटर पर भेजना, यात्रियों को टिकट उपलब्ध करवाना, सही गाड़ी की जानकारी देना, भीड़ को नियंत्रित करना, यात्रियों के प्लेटफ़ॉर्म पर पहुँचने पर उन्हें सुरक्षित रूप से गाड़ी के अंदर भेजना और गाड़ी में पर्याप्त यात्री हो जाने पर गाड़ी को प्रस्थान करवाने के लिए प्लेटफार्म से कंट्रोल टावर को सूचना भेजना और अन्य विभागों से समन्वय की कार्यप्रणाली पर भी जानकारी ली ।
केंद्रीय रेल मंत्री, अश्विनी वैष्णव ने प्रयागराज जंक्शन की सुरक्षा प्रणाली और आपात स्थिति के लिए की गई तैयारियों की भी जानकारी ली । निरीक्षण के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री ने रैपिड एक्शन टीम एवं क्विक रेस्पोंस टीम और फायर फाईटिंग टीम के कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी कार्यप्रणाली को परखा, और बेहतर कार्य करने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए । स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए एवं आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड एक्शन टीम एवं क्विक रिस्पांस टीम और फायर फाइटिंग टीम की व्यवस्था की गयी है। आपात स्थति के लिए सिविल लाइन साइड में फुट ओवर ब्रिज संख्या -3 के निकट एवं सिटी साइड में रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट के निकट रैपिड एक्शन टीम टीम तैनात रहेगी। रैपिड एक्शन टीम में रेलवे के विभिन्न विभागों के 20 कर्मचारी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए 24×7 तैयार रहेंगी ।
केंद्रीय रेल मंत्री, अश्विनी वैष्णव ने निरीक्षण के अगले क्रम में 18 स्क्रीन से सुसज्जित सीसीटीवी कक्ष युक्त मेला टॉवर का निरीक्षण किया । मेला टॉवर से भीड़ नियंत्रण, गाड़ियों का आगमन-प्रस्थान, सिविल प्रशासन के साथ समन्वय, आपात स्थिति से निपटना, यात्रियों की सहायत इत्यादि जैसे कार्यों को किया जाता है । मेला टॉवर के सीसीटीवी कक्ष में प्रयागराज क्षेत्र के स्टेशनों और सिविल एरिया के सीधे प्रसारण को देखकर नियंत्रण और निर्देश की प्रणाली स्थापित की गयी है। कक्ष में तैनात कर्मचारियों से सीसीटीवी के विषय में जानकारी ली और बेहतर समन्वय और त्वरित कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक निर्देश दिए ।
केंद्रीय रेल मंत्री, अश्विनी वैष्णव ने निरीक्षण के अगले क्रम में स्टेशन रिडेवलपमेंट के अंतर्गत विकसित किये जा रहे प्रयागराज जंक्शन के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और कार्य को गुणवत्ता और समय के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए । केंद्रीय रेल मंत्री, अश्विनी वैष्णव ने प्रयागराज जंक्शन पर आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुये कहा कि महाकुंभ -2025 में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के संभावना को देखते हुये गत 2½ वर्षों से वृहत स्तर पर तैयारियाँ चल रही हैं ।
इससे संबंधित कार्यों में गत 2 वर्षों में प्रयागराज क्षेत्र में 5000 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि खर्च की गई है । इस धनराशि से बड़े स्तर पर विकास किए गए हैं । प्रयागराज क्षेत्र में सुगम रेल परिचालन के लिए 21 रोड ओवर ब्रिजों और रोड अंडर ब्रिजों का निर्माण किया गया है । महाकुंभ -2025 के दौरान 3000 स्पेशल गाडियाँ सहित 13000 से अधिक रेल गाडियाँ चलायी जाएंगी जब कि गत कुम्भ मेला में 7000 गाड़ियों का संचालन किया गया था । छोटी दूरी के लिए बड़ी संख्या में मेमू ट्रेन का इंतजाम किया जा रहा है । महाकुंभ -2025 के रेगुलर गाड़ियों में दोनों तरफ इंजन लगाया जाएगा जिससे समय की बचत होगी ।
बनारस से प्रयागराज के मध्य दोहरीकरण किया गया है इसी खंड में गंगा नदी पर 100 वर्ष बाद नया ब्रिज बने गया है। एवं फाफामऊ-जंघई के मध्य दोहरीकरण होने से ट्रेन परिचालन क्षमता में वृद्धि हुयी है । महाकुंभ -2025 के दौरान बेहतर सुविधाओं के लिए विभिन्न स्टेशनों पर 43 स्थायी होल्डिंग एरिया का निर्माण किया गया है । प्रयागराज क्षेत्र के सभी स्टेशनों पर सभी फुट ओवर ब्रिजों पर एकदिशीय यातायात की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर उन्होंने मीडिया कर्मियों को महाकुंभ के दौरान दिशावार कलर कोडिंग व्यवस्था और टिकटिंग व्यवस्था के बारे में भी बताया।
इसी क्रम में माननीय रेल मंत्री महोदय ने डीएफसी के कंट्रोल सेंटर का भी निरीक्षण किया। इसके उपरांत मंत्री महोदय ने उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में रेल अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि, यदि आवश्यकता हो तो होल्डिंग एरिया की क्षमता और बढ़ाई जाए एवं मेला अवधि में अधिकतम ट्रेनो का परिचालन किया जाए। इसी के साथ ही अयोध्या, चित्रकूट एवं विंध्याचल के लिए भी ज्यादा से ज्यादा ट्रेन चलाने की बात की। उन्होंने चित्रकूट एवं विंध्याचल में भी होल्डिंग एरिया विकसित करने के निर्देश दिए ।
इसी क्रम में वैष्णव ने स्वच्छ एवं प्लास्टिक फ्री कुंभ की दिशा में प्रयास करने की बात कही। उन्होंने मेडिकल के संबंध यदि आवश्यकता हो तो बाहर से अतिरिक स्टाफ हायर करने और यात्रियों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए। अपने संबोधन में रेल मंत्री महोदय ने कानपुर एरिया को बुंदेलखंड, लखनऊ एवं अयोध्या के दिशा में जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए वहां भी क्षमता बढ़ाने के लिए प्रयास की आवश्यकता जताई। अंत में उन्होंने जिला प्रशासन एवं रेल विभाग को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए और मेला को सुचारु और सुरक्षित बनाने के सभी प्रयास करने की बात कही।
इस दौरान अध्यक्ष रेलवे बोर्ड सतीश कुमार सहित उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर रेलवे एवं पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक एवं संबंधित मंडल रेल प्रबंधकों के साथ अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
देश
‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।
सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज
केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम
आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”
‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’
दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
- पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल
पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
- संगठन और रणनीति का मिला लाभ
बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।





















