छत्तीसगढ़
पीएम स्वनिधि योजना से शहरी गरीबों के लिए खुली आत्मनिर्भरता की राह मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री ने पीएम स्वनिधि व एनयूएलएम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले निकायों, बैंकों, लाभार्थियों एवं स्ट्रीट वेंडर्स को किया सम्मानित
बिलासपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में स्ट्रीट वेंडर्स और महिला समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पीएम स्वनिधि योजना ने स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनाने में मदद की है और डे-एनयूएलएम योजना ने महिलाओं को उद्यमशीलता की राह में आगे बढ़ाने का काम किया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में पीएम स्वनिधि तथा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले निकायों, बैंकों, लाभार्थियों एवं स्ट्रीट वेंडर्स को सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप और विधायक मोतीलाल साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में कहा कि हमारे स्ट्रीट वेंडर्स बहुत सस्ते में और गुणवत्ता के साथ ग्राहकों को सामान उपलब्ध कराते हैं। पहले इन लोगों की सहायता के लिए किसी तरह की योजना नहीं थी। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवेदनशीलता के साथ स्ट्रीट वेंडर्स की दिक्कतों को न केवल समझा, बल्कि उन्हें आगे बढ़ाने के लिए पीएम स्वनिधि योजना प्रारंभ की। इस योजना की शर्तें बेहद आसान रखी। कोई जमानतदार नहीं, मासिक किश्तों में ऋण चुकाने की सुविधा और ब्याज सब्सिडी के लाभ के चलते लाखों स्ट्रीट वेंडर्स के लिए अब अपने सपनों को पूरा करने की राह खुल गई। हमारी सरकार स्ट्रीट वेंडर्स को हरसंभव मदद प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वसहायता समूहों को विभिन्न छोटे-छोटे व्यवसायों के लिए कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध करके उन्हें सशक्त करने का सराहनीय कार्य एनयूएलएम में किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में मामूली ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करा कर लाखों महिलाओं को उद्यमशीलता की राह में आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शहरी बेघरों के लिए चलाए जा रहे आश्रयस्थल की लगातार मानिटरिंग की आवश्यकता बताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ और चार नगरीय निकायों को स्पार्क अवार्ड 2023-24 से सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की मदद के लिए नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों तथा इन्हें बैंक लिंकेज प्रदान करने वाले बैंक अधिकारियों का भी हम सम्मान कर रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में कहा कि ये योजनाएं रोज कमाने खाने वाले गरीब परिवारों के लिए बड़ी लाभदायक साबित हो रही हैं। इसके जरिए लाभार्थी शहर की फुटपाथों पर व्यवसाय संचालित कर भरण पोषण कर रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा एक वर्ष में किए गए कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी। वन मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार द्वारा नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा गरीबों व महिलाओं को आजीविका के साधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। जब यह तबका मजबूत होगा तो छत्तीसगढ़ भी मजबूत होगा।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने शहरी गरीब परिवारों के उत्थान के लिए संचालित पीएम स्वनिधि योजना और दीनदयाल अंत्योदय योजना के कुशल क्रियान्वयन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी तक 88 हजार 498 स्ट्रीट वेंडर्स को 184 करोड़ 98 लाख रुपए की वित्तीय सहायता पीएम स्वनिधि योजना अंतर्गत बैंकों से प्रदान कराई गई है। इसी तरह राज्य शहरी आजीविका मिशन के तहत 30 हजार 347 महिला स्वसहायता समूहों को रिवाॅल्विंग फंड के रूप में 30 करोड़ 34 लाख रुपए का वितरण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में “विकास, उपलब्धि और सुशासन के एक साल”, “डे-एनयूएलएम, पीएम स्वनिधि योजना” और “मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना” पर लघु फिल्म लांच की। इस अवसर पर लाभार्थियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने अवलोकन किया। कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, आयुक्त नगर पालिक निगम श्री अबिनाश मिश्रा, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पाण्डेय, बैंकर्स, स्ट्रीट वेंडर्स तथा डे-एनयूएलएम के लाभार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















