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श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को मिला पहला CEO, रिटायर्ड मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मिली जिम्मेदारी

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Retired Marshal Jitendra Mishra CEO Ram mandir, मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को हुई अहम बैठक में बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं. ट्रस्ट ने भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (Retired Marshal Jitendra Mishra) को अयोध्या राम मंदिर का पहला CEO (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) नियुक्त किया है. बुधवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में उनके नाम का औपचारिक ऐलान किया गया.

कौन हैं जितेंद्र मिश्रा?


देवरिया के रहने वाले जितेंद्र मिश्रा (Jitendra Mishra) देश के एक सम्मानित सैन्य अधिकारी रहे हैं. उन्होंने हाल ही में चर्चा में रहे ऑपरेशन सिंदूर (ऑपरेशन सिंदूर) में पश्चिमी वायु कमान को लीड किया था. उनके प्रशासनिक अनुभव और अनुशासन को देखते हुए ट्रस्ट ने मंदिर के प्रबंधन को और अधिक प्रोफेशनल बनाने के लिए यह फैसला लिया है. CEO के तौर पर उनकी जिम्मेदारी मंदिर के रोजमर्रा के प्रशासन, सुरक्षा, भक्तों की व्यवस्था और ट्रस्ट के सभी कार्यों के क्रियान्वयन की होगी.

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तीन नए ट्रस्टी की भी नियुक्ति
महेश भागचंदका – दिल्ली के जाने-माने समाजसेवी
मदन मोहन पांडेय – अयोध्या के वरिष्ठ एडवोकेट
निर्मला यादव – RSS से जुड़ीं शिकोहाबाद निवासी.
निर्मला यादव के ट्रस्टी बनने के साथ ही एक नया इतिहास बना है. वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य बन गई हैं.

चढ़ावा चोरी मामले के बाद हुए बड़े बदलाव
बताया जा रहा है कि ये सभी नियुक्तियां 7 जून को सामने आए मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद की गई हैं. इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है. इस घटना ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए थे. इसी मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 2 जुलाई को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे के बाद रिटायर्ड IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था.अब पूर्व एयर मार्शल को CEO बनाकर और नए ट्रस्टियों की नियुक्ति कर ट्रस्ट ने साफ संकेत दिया है कि वह राम मंदिर के प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी और सख्त अनुशासन वाला बनाना चाहता है.

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ICC ने श्रीलंका को दिया बड़ा झटका: पहली बार आयोजित होने वाली महिला चैंपियंस ट्रॉफी की छीनी मेजबानी, भारत को मिल सकती है जिम्मेदारी

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Women’s Champions Trophy 2027: श्रीलंका  क्रिकेट फैंस के लिए निराश करने वाली खबर सामने आई है। 2027 की शुरुआत में पहली बार आयोजित होने वाली महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी अब श्रीलंका में नहीं होगी। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने श्रीलंका से इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट की मेजबानी वापस ले ली है। ICC और श्रीलंका सरकार के बीच क्रिकेट बोर्ड के कामकाज में दखल को लेकर चल रहा विवाद नहीं सुलझ पाने के बाद यह फैसला लिया गया है।

श्रीलंका को पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी मिली थी, लेकिन अब उसे दूसरे देश में शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि, टूर्नामेंट का नया मेजबान देश कौन होगा, इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। माना जा रहा है कि भारत को इसकी मेजबानी मिल सकती है। नए मेजबान के नाम का ऐलान अक्टूबर में होने वाली ICC की अगली बोर्ड बैठक में किया जा सकता है।

क्रिकेट बोर्ड में  सरकारी दखल बना बड़ी वजह

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड में लंबे समय से जारी सरकारी और राजनीतिक हस्तक्षेप ICC के लिए चिंता का विषय रहा है। ICC के नियमों के अनुसार, किसी भी देश का क्रिकेट बोर्ड सरकार के दबाव से स्वतंत्र होकर काम करने में सक्षम होना चाहिए। क्रिकेट

ICC की ओर से श्रीलंका को क्रिकेट प्रशासन में इस व्यवस्था को सुधारने के लिए कई बार कहा गया था। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया। सरकार और क्रिकेट बोर्ड के बीच विवादों के समाधान नहीं होने के बाद ICC ने सख्त कदम उठाते हुए महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी श्रीलंका से वापस लेने का फैसला किया।

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श्रीलंका क्रिकेट अधिकारी ने की पुष्टि

श्रीलंका क्रिकेट के अधिकारी प्रकाश शैफ्टर ने भी इस बात की पुष्टि की है कि महिला चैंपियंस ट्रॉफी अब श्रीलंका में आयोजित नहीं होगी। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट को किसी दूसरे देश में स्थानांतरित किया जाएगा, लेकिन नए आयोजन स्थल का फैसला अभी नहीं हुआ है।

हालांकि, मेजबान बदलने के बावजूद टूर्नामेंट अपने निर्धारित समय पर ही आयोजित किया जाएगा। छह टीमों के बीच होने वाली यह प्रतियोगिता 14 से 18 फरवरी 2027 के बीच खेली जाएगी।

अक्टूबर में हो सकता है नए मेजबान का ऐलान
अब सभी की नजरें ICC की अक्टूबर में होने वाली बोर्ड बैठक पर हैं। इसी बैठक में महिला चैंपियंस ट्रॉफी के नए मेजबान देश के नाम पर मुहर लग सकती है। फिलहाल भारत को इस टूर्नामेंट की मेजबानी का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। क्रिकेट

मेजबानी जाने से श्रीलंका के क्वालीफिकेशन पर भी संकट
महिला चैंपियंस ट्रॉफी में मेजबान देश के अलावा आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर रहने वाली टीमों को खेलने का मौका मिलेगा। श्रीलंका की महिला टीम फिलहाल ICC रैंकिंग में छठे स्थान पर है।

ऐसे में मेजबानी गंवाने के बाद श्रीलंका के लिए टूर्नामेंट में सीधे जगह बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यदि टीम शीर्ष रैंकिंग वाली निर्धारित टीमों में जगह नहीं बना पाती है, तो उसे इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ सकता है।

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‘देशवासियों सोना नहीं खरीदे, विदेश यात्रा से बचे,’ पीएम मोदी ने चार महीने में तीसरी बार की अपील, 7.8% GDP Growth रेट पर वीडियो संदेश जारी किया

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PM Modi Appeal Not To Buy Gold: पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से सोना नहीं खरीदने की अपील की है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8% दर्ज करने के बाद वीडियो संदेश जारी कर ये अपली की है। पीएम मोदी ने 7.8% GDP Growth रेट हासिल करने पर वीडियो संदेश जारी कर देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि कहा 140 करोड़ भारतीयों की मिली-जुली ताकत देश को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए एकजुट हो रही है। इस दौरान उन्होंने अपील करते हुए कहा कि देशवासियों सोना नहीं खरीदे। विदेश यात्रा से भी बचे।

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पीएम मोदी ने चार महीने में तीसरी बार सोना नहीं खरीदने की अपील की है। इससे पहले इसी वर्ष मई महीने में दो बार सो ना नहीं खरीदने और फिजूल खर्ची पर रोक लगाने की अपील की थी। उस समय अमेरिका-ईरान युद्ध (खाड़ी युद्ध) चल रहा था। इससे पूरे विश्व में आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया था।

अमेरिका-ईरान युद्ध और डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ दबावों के बीच भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8% की शानदार जीडीपी ग्रोथ दर्ज की है। भारत के जीडीपी ग्रोथ रेट को देखकर पीएम नरेंद्र मोदी भी गदगद हैं। भारत की शानदार जीडीपी ग्रोथ रेट पर पीएम मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि ‘हमें स्वदेशी और ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को अपनाना चाहिए. हमें सिर्फ मौज-मस्ती के लिए विदेश यात्रा करने या विदेशों में शादियां करने से बचना चाहिए। इसके बजाय, हमें ‘भारत में शादी’ के मंत्र को अपनाना चाहिए। जब तक बहुत जरूरी न हो, हमें सोना खरीदने से भी बचना चाहिए। हम जितना ज़्यादा ‘स्वदेशी’ और आत्मनिर्भरता पर जोर देंगे। मुझे उतना ही भरोसा है कि आजादी के 100 साल पूरे होने तक हम अपने युवाओं को एक विकसित भारत सौंपेंगे।

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‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा- विकसित भारत’ पर चर्चा की, युवाओं के इनोवेटिव आइडिया को सराहा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी में देश को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि ये एक ऐसा मंच है, जहां हम देशवासियों के इनोवेटिव आइडियाज पर चर्चा करते हैं. पीएम ने कहा कि मन की बात नए प्रयासों सामने लाने का एक मंच है. आज कई कड़ी में उन्होंने कड़ी में युवाओं, महिलाओं, किसानों, स्वच्छता कार्यकर्ताओं और देश के अलग-अलग हिस्सों में अपने छोटे प्रयासों से बदलाव ला रहे लोगों का उल्लेख करते हुए समाज की भागीदारी से विकसित भारत के निर्माण का संदेश दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 137वें ‘मन की बात’ एपिसोड में देशवासियों के इनोवेटिव आइडिया पर चर्चा कर रहे है. इस संबोधन में वह देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बात कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा, ‘नशा मुक्त युवा – विकसित भारत’ अभियान पूरे देश में जोर पकड़ रहा है. जिसका लक्ष्य  नशा-मुक्त युवा, नशा-मुक्त भारत है. भारत के युवाओं की सेहत, खुशी और उज्ज्वल भविष्य के लिए हमारा सामूहिक संकल्प जरूरी है.

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प्रधानमंत्री ने मुंबई के कृष्णा शेषाद्री की पहल का उल्लेख किया, जिन्होंने इतिहास को तकनीक के जरिए रोचक और सरल बनाने के उद्देश्य से ‘भारत राज्य’ नाम की वेबसाइट तैयार की है. कृष्णा ने वेबसाइट का नाम भी बहुत सिंपल रखा है. इसका नाम WWW.BHARATRAJYA.com है. पीएम मोदी ने युवाओं को इतिहास के ज्ञान को आसानी से प्राप्त करने के लिए इस वेबसाइट पर जाने की अपील की है.  इस वेबसाइट पर किसी भी वर्ष का चयन कर यह जाना जा सकता है कि उस समय भारत के किस हिस्से पर किसका शासन था.

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