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भाजपा की बैठकों में ‘मिशन-2028’ का शंखनाद, स्मृति ईरानी ने कहा- यह सिर्फ चुनावी लक्ष्य नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता, विकास और सुशासन का संकल्प

भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री व छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने कहा है कि हमारी रीति-नीति सांगठनिक अनुशासन, आंतरिक लोकतंत्र और कार्यकर्ताओं के निःस्वार्थ परिश्रम पर टिकी है। भाजपा शुचिता, सादगी और मूल्यों की राजनीति करती है। ईरानी रविवार को यहां कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पूर्व व वर्तमान पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा निगम, मंडल एवं आयोग के अध्यक्षों की विभिन्न चरणों में आहूत बैठकों को संबोधित कर रही थीं।
भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी ईरानी ने कहा कि पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर शत-प्रतिशत दिखना चाहिए। भाजपा का निष्ठावान कार्यकर्ता ‘मिशन-2028’ के संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है और पार्टी आगामी समय में निश्चित रूप से पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। ईरानी ने कहा कि ‘मिशन-2028’ केवल एक चुनावी लक्ष्य नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता, विकास और सुशासन की पुनर्प्रतिष्ठा का संकल्प है। अपने पितृ-पुरुषों के त्याग और राष्ट्र-समर्पण को आदर्श मानकर बूथ स्तर तक संगठन को अभेद्य बनाएं और जनसेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ें। ईरानी ने कहा कि चुनाव केवल मतपत्रों या मशीनों से नहीं जीते जाते, चुनाव कार्यकर्ता के पसीने, जन-जन से उसके आत्मीय जुड़ाव और संगठन के सुदृढ़ तंत्र से जीते जाते हैं।
शुचिता और सादगी की राजनीति का अनूठा उदाहरण
भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री व छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी तथा राष्ट्रीय मंत्री व प्रदेश सह-प्रभारी सिद्धार्थ शम्भू के राजधानी रायपुर पहुंचने पर पार्टी की ओर से शुचिता और सादगी की राजनीति का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया गया। शहर में बड़े-बड़े फ्लेक्स और पोस्टरों के अनावश्यक प्रदर्शन से बचते हुए केवल पार्टी के गरिमामय ध्वज लहराकर दोनों शीर्ष नेताओं का आत्मीय व अनुशासित स्वागत किया गया।
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छत्तीसगढ़ में नर्सिंग प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल को लिखा पत्र

छत्तीसगढ़ में नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाने के लिए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल को पत्र लिखा है। तकनीकी कारणों से प्रदेश के शासकीय और निजी नर्सिंग महाविद्यालयों में अब तक काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में निर्धारित समय के भीतर प्रवेश प्रक्रिया के सभी चरण पूरे करना संभव नहीं है। इसे देखते हुए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने नर्सिंग के सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 15 दिसंबर 2026 करने की मांग की है।
तकनीकी कारणों से शुरू नहीं हो सकी काउंसिलिंग
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त रितेश कुमार अग्रवाल ने सोमवार 26 अक्टूबर को इंडियन नर्सिंग काउंसिल, नई दिल्ली के सचिव को पत्र लिखा है। पत्र में बताया गया है कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल की 24 सितंबर 2026 की अधिसूचना के अनुसार, नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
15 दिसंबर तक प्रवेश की अनुमति देने की मांग
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने पत्र के माध्यम से बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और डिप्लोमा इन साइकिएट्रिक नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने का अनुरोध किया है।
इस पत्र की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव, पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव और छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के रजिस्ट्रार को भी भेजी गई है।

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CG News : शिक्षकों के लिए होगी विशेष टीईटी परीक्षा, राज्य सरकार ने दी सहमति

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के सेवारत शासकीय शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के विशेष आयोजन के प्रस्ताव को सहमति प्रदान की है। यह परीक्षा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) के माध्यम से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) पद्धति से आयोजित की जाएगी। शासन ने वर्ष में न्यूनतम दो बार परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सेवारत शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के पर्याप्त अवसर मिल सकें।
टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील क्रमांक 1385/2025 में 1 सितंबर 2025 तथा पुनर्विचार याचिका में 29 मई 2026 को पारित निर्णय के अनुपालन में यह निर्णय लिया गया है। न्यायालय के निर्देशानुसार कक्षा पहली से आठवीं तक के ऐसे समस्त सेवारत शिक्षक, जिनकी सेवा अवधि पांच वर्ष या उससे अधिक शेष है, उन्हें सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति के लिए निर्धारित स्तर की टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राज्यों को निर्देशित किया गया है कि गैर-टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों के लिए प्रतिवर्ष न्यूनतम दो बार शिक्षक पात्रता परीक्षा का विशेष आयोजन किया जाए। इसी परिप्रेक्ष्य में लोक शिक्षण संचालनालय ने 24 सितंबर 2026 को शासन को प्रस्ताव भेजा था, जिस पर राज्य सरकार ने सहमति प्रदान की है।
साल में न्यूनतम दो बार परीक्षा का आयोजन
शासन के निर्णय के अनुसार टीईटी परीक्षा निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) पद्धति से आयोजित की जाएगी। परीक्षा एक से अधिक पालियों में होगी तथा सभी पालियों के लिए तैयार प्रश्नपत्रों का स्तर समान रखा जाएगा, जिससे परीक्षा प्रक्रिया में एकरूपता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। विशेष टीईटी परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले शिक्षकों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), रायपुर द्वारा प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। राज्य शासन ने लोक शिक्षण संचालनालय को वर्ष में न्यूनतम दो बार परीक्षा का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के 10 आसान उपाय

शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने और उनके मंत्रों का जप करने से मां जल्दी प्रसन्न होती है। शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। अगर आप भी आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे है या चाहते हैं कि घर में धन की कमी न हो, तो शरद पूर्णिमा के दिन कुछ आसान उपाय कर सकते है। इन उपायों में मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करने से लेकर विशेष मंत्रों का जप करने तक कई तरीके शामिल हैं। जो बेहद ही आसान और कम खर्चे में किया जा सकते हैं इसके लिए आपको किसी विशेष सामग्री की जरूरत नहीं है।
कब है शरद पूर्णिमा
पंचांग के अनुसार, शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर, रविवार को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 11.55 मिनट पर शुरू होगी और 26 अक्टूबर को सुबह 9.41 मिनट पर समाप्त होगी। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ ही धन-समृद्धि की कामना की जाती है।
शरद पूर्णिमा के 10 आसान उपाय
शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी की पूजा करें। इसके बाद कमल गट्टे की माला से मां लक्ष्मी के मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें।
मंत्र: ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः।’
शरद पूर्णिमा की शाम को मां लक्ष्मी की पूजा करते समय उनके चरणों में सात कौड़ियां रखें। रात 12 बजे के बाद इन्हें घर की जमीन में गाड़ने का पारंपरिक उपाय बताया जाता है।
शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी के मंदिर में जाकर कमल गट्टे की माला अर्पित करें और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान चांदी का सिक्का रखें। पूजा के बाद इसे अपनी तिजोरी में रख दें।
मां लक्ष्मी को कमल का फूल और सफेद मिठाई अर्पित करें। इसके बाद धन-धान्य और सुख-शांति की कामना करें।
शंख में केसर मिला दूध भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करने का उपाय भी बताया जाता है। पूजा करते समय मां लक्ष्मी का स्मरण करें।
शरद पूर्णिमा की शाम घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में गाय के घी का दीपक जलाएं। चाहें तो उसमें थोड़ी केसर भी डाल सकते है।
पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ के पास पंचमुखी दीपक जलाकर मां लक्ष्मी से आर्थिक परेशानियां दूर करने की प्रार्थना करें।
कर्ज से परेशान लोगों के लिए पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करने का पारंपरिक उपाय बताया जाता है। इसके साथ कर्ज चुकाने की योजना बनाना भी जरूरी है।
पीपल के पांच पत्तों पर पीला चंदन लगाकर उन्हें बहते जल में प्रवाहित कर दें। ऐसा करते समय नदी या जलस्रोत को प्रदूषित न करें; बेहतर है कि पत्तों को मिट्टी में रख दें।
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