छत्तीसगढ़
धमतरी : चिटफंड कम्पनी से धन वापसी हेतु तहसील स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त

धमतरी| चिटफंड कंपनियों में निवेश करने वाले निवेशकों से छत्तीसगढ़ राज्य के निक्षेपकों से आगामी 02 से 06 अगस्त तक निर्धारित प्रपत्र में धन वापसी हेतु आवेदन लिया जाना है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धमतरी चन्द्राकांत कौशिक ने बताया कि आवेदकों द्वारा निर्धारित प्रपत्र में आवेदन तहसील कार्यालय धमतरी के कक्ष क्रमांक 15 में जमा किया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने तहसीलदार धमतरी पवन ठाकुर को नोडल अधिकारी और नायब तहसीलदार आकांक्षा साहू को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। साथ सहायक ग्रेड 02 श्री श्यामलाल यदु, सहायक ग्रेड 03 अजीत सिंह, भृत्य मिलउ राम सिन्हा और चैनमैन कुमारी सुष्मिता साहू की ड्यूटी लगाई है।
इसी तरह अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नगरी जितेन्द्र कुमार कुर्रे ने बताया कि नगरी अनुभाग स्तर पर श्रृंगी ऋषि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान स्थित इंडोर स्टेडियम में निर्धारित प्रपत्र में आवेदन लिए जाएंगे। इसके लिए तहसीलदार नगरी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही आवेदन प्राप्त करने के लिए सहायक ग्रेड 02 गोपाल यादव, अश्वनी चौहान, आर.पी.शर्मा, ईश्वर लाल जोशी, सहायक ग्रेड 03 विजय कुमार सिन्हा, आर.के.नागवंशी और कम्प्यूटर ऑपरेटर कुमारी टिकेश्वरी ध्रुव की ड्यूटी लगाई गई है। इसी तरह शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्व निरीक्षक विजय पटेल, पटवारी विवेक जैन और हरी मंडावी तथा आवश्यक सहयोग के लिए भृत्य नेहरू लाल सोम एवं चैनमेन संजय साहू की ड्यूटी लगाई गई है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुरूद सुनील शर्मा द्वारा कुरूद तहसील के लिए प्रभारी तहसीलदार निवेश कुरेटी, मगरलोड तहसील के लिए तहसीलदार हेमलता डहरिया और भखारा तहसील के लिए तहसीलदार विवेक गोहिया की ड्यूटी लगाई गई है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम-2005 के अधीन चिटफंड कम्पनियों से निवेश करने वाले निवेशकों से निर्धारित प्रपत्र में आवेदन 02 से 06 अगस्त तक लिया जाना है। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार तहसीलदार, पटवारी, कोटवार के जरिए करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निर्धारित प्रपत्र को प्रत्येक शहर/ग्राम में सरल एवं सुविधाजनक स्थानों पर चस्पा कर प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए गए हैं। ज्ञात हो कि आवेदनों की भलीभांति परीक्षण करने के बाद कंपनीवार सूचीबद्ध कर पूर्ण विवरण के साथ दस अगस्त तक जिला कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश कलेक्टर पी.एस.एल्मा द्वारा सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देशित किया गया है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















