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छत्तीसगढ़

टीका लगवा चुके विमान यात्रियों के लिए भी छत्तीसगढ़ में आरटीपीसीआर जांच निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य

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रायपुर| छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में आने वाले विमान यात्रियों के लिए आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया है। कोरोना वायरस निरोधक टीके की दोनों खुराक ले चुके यात्रियों को भी 96 घंटे के भीतर की आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना जरूरी होगा

राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को यहां बताया कि अन्य राज्यों से विमान से छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों के लिए राज्य सरकार ने संशोधित निर्देश जारी किया है।

संशोधित निर्देश के अनुसार सभी यात्रियों के लिए कोविड-19 की आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य होगी। केवल आईसीएमआर द्वारा स्वीकृत और प्रमाणित पैथोलॉजी लैब की ही रिपोर्ट मान्य होगी। जांच रिपोर्ट में आईसीएमआर आईडी या एसआरएफ आईडी अंकित नहीं होने पर विमानतल पर आरटीपीसीआर जांच करवाने का निर्देश दिया जाएगा।

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अधिकारियों ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी संभागों के आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को परिपत्र के माध्यम से नया दिशा-निर्देश जारी किया है। संशोधित निर्देश आठ अगस्त से प्रभावी होंगे।

उन्होंने बताया कि राज्य शासन के नए निर्देशों के मुताबिक जिन यात्रियों के पास कोरोना वायरस से बचाव के टीके की दोनों खुराक लेने का प्रमाण हो, उन्हें भी 96 घंटे के भीतर की कोविड-19 आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट लाना जरूरी होगा। निगेटिव रिपोर्ट नहीं होने की स्थिति में एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर या रैपिड एंटीजन जांच कराना अनिवार्य होगा।

अधिकारियों ने बताया कि जांच के लिए नमूना देते समय यात्री को फोटो आईडी और मोबाइल नंबर देना आवश्यक होगा। अपने मोबाइल नंबर से जांच दल के सदस्य को मिस्ड कॉल देकर मोबाइल नंबर प्रमाणित कराना होगा। जिन यात्रियों के पास मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं है, वह अपने परिजन के मोबाइल नंबर से मिस्ड कॉल देकर नंबर प्रमाणित करा सकते हैं।

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उन्होंने बताया कि इससे पहले राज्य शासन ने इस वर्ष 28 अप्रैल को निर्देश जारी कर छत्तीसगढ़ आने वाले विमान यात्रियों को 72 घंटे के भीतर की आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य किया था।

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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