छत्तीसगढ़
राजस्व प्रकरणों के निराकरण में ना हो देरी, आम ज़नों की परेशानियों का हो त्वरित निराकरण : डॉ. अलंग

बिलासपुर। संभागायुक्त डॉ. संजय अलंग ने आज कोरबा जिले के कटघोरा पहुंचकर एसडीएम तथा तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू की मौजूदगी में डॉ. अलंग ने राजस्व संबंधी भू-प्रकरणों की जानकारी रीडर शाखा के लिपिक से ली। उन्होंने डायवर्सन अर्थदण्ड आदि प्रकरणों में बी 1, बी 2, बी 7 के साथ सी श्रेणी के रिकॉर्ड अगले तीन महीने में अद्यतन करने का निर्देश उपस्थित राजस्व अधिकारियों को दिया। डॉ. अलंग ने रिकॉर्ड अपडेशन के बाद वास्तविक राजस्व मांग और उपकर आदि का आकलन करने को कहा। संभागायुक्त ने भूमि से संबंधित प्रकरणों में लैण्ड रिकॉर्ड भी नस्ती करने के निर्देश दिए।
संभागायुक्त ने नकल शाखा, सांख्य लिपिक शाखा, शिकायत शाखा, भू-बंटन शाखा, राजस्व अधीक्षक शाखा, भू-अर्जन शाखा, नजूल शाखा, स्थापना शाखा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शाखाओं में मौजूद कर्मचारियों और प्रभारी अधिकारियों को अपनी-अपनी शाखा के सभी रिकॉर्ड अद्यतन और व्यवस्थित रखने के सख्त निर्देश दिए। डॉ. अलंग ने इन शाखाओं मे अपने काम से आने वाले लोगों से भी मित्रवत् अच्छा व्यवहार करने और उनकी हर संभव सहायता करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को समय पर कार्यालय आने और अपना काम पूरी निष्ठा से समय पर करने को कहा।
संभागायुक्त ने इस दौरान राजस्व अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों को तेज़ी से नियमानुसार निराकृत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटबारा सहित फ़ौती जैसे छोटे कामों के लिए भी किसानों और आम ज़नों को सरल प्रक्रिया अपनाकर परेशानी से बचाया जाये। डॉ. अलंग ने पटवारी रिपोर्ट के कारण निराकृत होने से लम्बित प्रकरणों को 31 जुलाई तक निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व प्रकरण के निराकरण पर जारी आदेश के बाद उसके रिक़ार्ड सुधार की करवाई करने को भी कहा, ताकि किसानो और आम ज़नो को अपने राजस्व रिक़ार्ड अपडेट होकर मिल सके। संभाग आयुक्त ने अर्थ दंड के प्रकरणों में मिली राशि को चालान द्वारा निर्धारित समय अवधि में शासकीय खाते में जमा कराने और इसका पूरा रिक़ार्ड पंजी में संधारित करने के भी निर्देश दिए। डॉक्टर अलंग ने अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करने और एसडीएम को पटवारी बस्ता की जांच करने का भी निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर डॉ. अलंग ने नाजिर शाखा और स्थापना शाखा,स्टेशनरी भण्डार रजिस्टर सहित अन्य रिकॉर्ड दुरुस्त रखने पर डॉ. अलंग ने लिपिकों की तारीफ़ की। इसी प्रकार नाजिर शाखा में कैशबुक संधारण और अन्य संबंधित दस्तावेजों को अद्यतन रखने पर संभागायुक्त से तारीफ मिली। इस दौरान सीईओ श्री कुंदन कुमार, उप आयुक्त श्रीमती अर्चना मिश्रा, एसडीएम श्रीमती सूर्यकिरण तिवारी, नगर निगम आयुक्त श्री कुलदीप शर्मा सहित राजस्व अमला उपस्थित रहा।
वकीलों और आम जनों से जानी समस्यायें
डॉ अलंग ने तहसील कार्यालय निरीक्षण के दौरान राजस्व प्रकरणों में पैरवी करने वाले वकीलों से भी मुलाकात की तथा उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान संभागायुक्त ने पेशी के लिए आए हुए किसानों और आमजनों से भी मुलाकात की और उनके प्रकरणों के बारे में जानकारी ली। वकीलों ने संभाग आयुक्त को कटघोरा में कोर्ट टिकट नहीं मिलने की जानकारी दी, जिस पर डॉ अलंग ने पर्याप्त मात्रा में कोर्ट टिकट उपलब्ध कराने का निर्देश सहायक कोषालय अधिकारी को दिया। डॉ. अलंग ने इस दौरान निर्धारित दिन व समय पर राजस्व कोर्ट में उपस्थित रहकर प्रकरणों की सुनवाई और निराकरण का निर्देश अधिकारियों को दिया। वकीलों ने कटघोरा में अपर कलेक्टर का लिंक कोर्ट भी शुरू करने की मांग संभाग आयुक्त से की।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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