छत्तीसगढ़
आईआईटी और मेडिकल के लिए रायपुर में राष्ट्रीय स्तर की कोचिंग प्रारंभ
रायपुर| आईआईटी और मेडिकल जैसी तकनीकी संस्थानों में प्रवेश की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब राज्य के छात्र-छात्राओं को प्रदेश के बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राजधानी रायपुर में ही राष्ट्रीय स्तर की कोचिंग की सुविधा हो गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने जिन-एडू संस्थान द्वारा संचालित आईआईटी-मेडिकल जोन (कोचिंग सेंटर) का आज यहां सिविल लाइन में शुभारंभ किया। शुभारंभ अवसर पर महापौर रायपुर एजाज ढेबर, रेरा के अध्यक्ष विवेक ढांड, कोचिंग सेंटर के संचालक प्रशांत शर्मा, गगन वोरा, प्रमोद सिंह राणा, हिमांशु शर्मा सहित विद्यार्थी भी उपस्थित थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम ने रायपुर में राष्ट्रीय स्तर की कोचिंग शुरू होने पर सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार आईआईटी-मेडिकल जोन द्वारा विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों के लिए डिजिटल क्लासरूम के माध्यम से कम खर्च पर कोचिंग उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल और इंजीनियरिंग इंट्रेन्स एक्जाम की कोचिंग देने वाले देश के एक्सपर्ट टीचर बच्चों को कोचिंग देंगे। डॉ. टेकाम ने कहा कि हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा बेहतर शिक्षा ग्रहण करें। राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ में भी तेजी से शैक्षणिक सुविधाएं बढ़ी है। शिक्षा व्यवस्था दिनों-दिन बेहतर होते जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय प्रतियोगिता का समय है। इसके लिए जरूरी है कि प्रतिभागी बच्चों को इस तरह तैयार किया जाए कि वह राष्ट्रीय स्तर पर कामयाबी हासिल कर सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि रायपुर में इस कोचिंग संस्थान के शुरू होने से छत्तीसगढ़ से आईआईटी-मेडिकल में प्रवेश के लिए सफल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या में इजाफा होगा।
महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार की भी ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजधानी में कोचिंग सेंटर प्रारंभ होने से यहां के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की कोचिंग उपलब्ध होगी। छत्तीसगढ़ के बच्चों को अब प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए कोटा नहीं जाना पड़ेगा, इससे धन और समय की बचत होगी।
रेरा के अध्यक्ष विवेक ढांड ने कहा कि यह हाईटेक कोचिंग संस्थान राजधानी रायपुर के साथ देश के 16 स्थानों पर संचालित होगी। विद्यार्थियों को यहां ऑनलाईन और आफलाईन कोचिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। क्लासरूम में डिजीटल बोर्ड पर पढ़ाई जाने वाली पाठ्य सामग्री को इस संस्थान के देश भर में संचालित क्लासरूम में छात्र देख और सुन सकेंगे। इसके अलावा किसी भी क्लासरूम में छात्र द्वारा पूछे गए प्रश्न को विद्यार्थी सुनकर अपने डाउट को क्लीयर कर सकेंगे। कार्यक्रम को कोचिंग संस्थान के प्रशांत शर्मा ने भी संबोधित किया।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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