Connect with us

छत्तीसगढ़

आदिवासी समाज को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में वन धन विकास केंद्र निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका

Published

on

रायपुर| वन धन विकास योजना के अंतर्गत ट्राइफेड (ट्राइबल कोआपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया) गौण वनोत्पाद (एमएफपी) आधारित बहुउद्देशीय वन धन विकास केंद्र स्थापित करने में मदद करता है। छत्तीसगढ़ राज्य में इन वनधन विकास केंद्रों की स्थापना ने यहाँ के जनजातियों के लिए रोजगार के प्रमुख स्रोत का सृजन किया है। आदिवासियों का कौशल उन्नयन और क्षमता निर्माण के साथ वनोत्पादों का प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन करने में इन केंद्रों का महत्वपूर्ण योगदान है। छत्तीसगढ़ में अब तक 139 वन धन विकास केंद्रो की स्थापना की जा चुकी है।

इन्हीे केंद्रों में से एक है धमतरी जिले के दुगली में स्थित वन धन विकास केन्द्र  जो अपने उद्देश्यों को लेकर लगातार सफलता पूर्वक कार्य किया है। इसी का परिणाम है कि दुगली केंद्र को केन्द्रीय जनजाति कार्य मंत्री अर्जुन मुण्डा ने 27 अगस्त को राष्ट्रीय अवार्ड से सम्म्मानित किया है। वन धन विकास केन्द्र दुगली में क्रियाशील समूहों द्वारा आंवला, तिखुर, शहद, दोना-पत्तल इत्यादि 17 हर्बल उत्पाद का संग्रहण एवं प्रसंस्करण किया जाता है। इस वन धन विकास केन्द्र में सीजन में आठ से दस समूह कार्य करते हैं जिससे यहाँ के लोगों को अच्छी आय प्राप्त हो जाती है। यहां समूह द्वारा तीखुर, आंवला और शहद इत्यादि 674 क्विंटल कच्चे माल से 19 लाख 75 हजार रुपए के 114.50 क्विंटल हर्बल उत्पाद का प्रसंस्करण  किया गया इससे समूह को 5 लाख तक की आमदनी हुई है।

यह भी पढ़ें   जशपुर: आबकारी विभाग बड़ी की कार्यवाही, 20 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब व 70 कि.ग्रा. महुआ लाहन जप्त

वन मण्डलाधिकारी सतोविषा समाजदार से मिली जानकारी के मुताबिक न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत लघु वनोपज के अधिकतम उपार्जन और प्रसंस्करण करने के लिए ट्राइफेड (ट्रायबल कोपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया) के 34 वें स्थापना दिवस को दुगली वन धन विकास केन्द्र को उक्त अवार्ड देने की घोषणा की गई। यह अवार्ड मिलने से दुगली के समूह की महिलाओं को ही नहीं बल्कि अन्य वन धन विकास केंद्रों में कार्यरत समूह को भी प्रेरणा मिलेगी।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   नाबालिग को शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर अपहरण करने वाले आरोपी यूपी से गिरफ्तार
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   बियॉन्से के कॉन्सर्ट में ऑल ब्लैक लुक से Priyanka Chopra ने लूटी महफिल, हैरान कर देगी एक्ट्रेस की आउटफिट की कीमत
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सभी ट्रेनों के टिकट चेकिंग स्टाफ हुए हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीनों से लैस
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending