छत्तीसगढ़
अगले हफ्ते छत्तीसगढ़ के दौरे पर आएंगे राहुल गांधी

रायपुर, 28 अगस्त (भाषा) छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद के बंटवारे की चर्चा और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को रायपुर पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में उनके समर्थक स्वागत के लिए मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह राहुल गांधी स्वयं राज्य के दौरे पर आएंगे।
बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता का प्यार कांग्रेस के प्रति अटूट रहा है। कभी कम नहीं हुआ है और यह लगातार बढ़ते जा रहा है।
राज्य में पिछले कुछ दिनों से मुख्यमंत्री पद के कथित ढाई-ढाई वर्ष के बंटवारे की चर्चा और इस बीच लगातार नयी दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के साथ बैठकों के बाद बघेल शनिवार को दोपहर बाद विधायकों और अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ रायपुर पहुंचे। इस दौरान हवाई अड्डे पर बड़ी संख्या में उनके समर्थक कार्यकर्ता और नेता मौजूद थे।
रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से चर्चा के दौरान बघेल ने कहा कि कार्यकर्ताओं की भावना तथा हमारे मंत्रियों और विधायकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए राहुल जी अगले सप्ताह बस्तर आएंगे। वह दो दिन यहां रूकेंगे। मध्य छत्तीसगढ़ और उत्तर छत्तीसगढ़ भी जाएंगे।लगातार वह दौरा करेंगे। छत्तीसगढ़ मॉडल को देखेंगे और यहां का जो विकास कार्य है इसे लेकर वह पूरे हिंदुस्तान में जाएंगे।
बघेल ने कहा कि यहां की सरकार ने किसानों, आदिवासी, महिलाओं और युवाओं के लिए जो कार्य किया है। गरीबों के लिए जो कार्य किया है। यहां के विकास के लिए व्यापार और उद्योग जगत के लिए जो काम किया है, वह उन सारे कार्यों से रूबरू होंगे। सभी लोगों से मिलेंगे पर्याप्त समय राहुल गांधी जी देंगे।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता का प्यार कांग्रेस के प्रति अटूट रहा है। कभी कम नहीं हुआ है और यह लगातार बढ़ता जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल जी से बहुत विस्तार से बात हुई। राजनीतिक चर्चा हुई। शासकीय योजनाओं को लेकर चर्चा हुई। विभिन्न वर्ग के लोगों के बारे में चर्चा हुई और अंत में मैंने उन्हें निमंत्रण दिया जिसपर उन्होंने आने की अपनी सहमति दी है। अगले सप्ताह वह आएंगे। वह यहां के सभी लोगों से मिलेंगे। आदिवासी किसान युवाओं से, महिलाओं से, सभी वर्ग और सभी समाज के लोगों से वह मिलेंगे।
छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की सरकार के ढाई वर्ष के पूरे करने के बाद मुख्यमंत्री के पद के लिए ढाई-ढाई वर्ष के फार्मूले की चर्चा है। इस चर्चा के बीच बीते मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बुलावे पर भूपेश बघेल दिल्ली पहुंचे थे। इस दौरान राहुल गांधी ने बघेल और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की थी।
नयी दिल्ली में मंगलवार को बघेल और सिंहदेव की राहुल गांधी के साथ बैठक के बाद छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने संवाददाताओं से कहा था कि बैठक में विकास के मुद्दों पर चर्चा की गई। नेतृत्व परिवर्तन पर बातचीत नहीं हुई है।
बुधवार को दिल्ली से रायपुर पहुंचने के बाद बघेल ने कहा था कि जो लोग ढाई साल की बात कर रहे हैं, वह राजनीतिक अस्थिरता लाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें वह कभी सफल नहीं होंगे।
लेकिन इसके दूसरे ही दिन बृहस्पतिवार को बघेल को एक बार फिर दिल्ली से बुलावा आ गया। इस बीच उनके समर्थक विधायक और मंत्री भी दिल्ली पहुंच गए। इस दौरान विधायक छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया और पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल से मिले थे।
शुक्रवार को दोपहर बाद राहुल गांधी के साथ बघेल की नयी दिल्ली में बैठक हुई। दो घंटे तक चली बैठक के बाद बघेल ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने गांधी को छत्तीसगढ़ आने न्योता दिया है।
छत्तीसगढ़ में दिसंबर, 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से मुख्यमंत्री बघेल और स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के बीच रिश्ते सहज नहीं रहे हैं। सिंहदेव के समर्थकों का कहना है कि ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री को लेकर सहमति बनी थी और ऐसे में अब सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















