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छत्तीसगढ़: सात घंटे में 101 महिलाओं की नसबंदी, जांच के आदेश

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रायपुर, चार सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सात घंटे के दौरान 101 महिलाओं की कथित रूप से नसबंदी करने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को यहां बताया कि जिले के मैनपाट के नर्मदापुर गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 27 अगस्त को कथित रूप से सात घंटे में 101 महिलाओं की नसबंदी की गई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं।

राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉक्टर आलोक शुक्ला ने आज बताया कि नसबंदी शिविर में अनियमितता की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद ही इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी।

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शुक्ला ने बताया कि नसबंदी शिविर में एक ही दिन में 101 महिलाओं की नसबंदी होने की जानकारी मिली है। हालांकि यह भी जानकारी मिली है कि महिलाओं की स्थिति सामान्य है। अधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशों के तहत शिविर में एक दिन में एक चिकित्सक अधिकतम 30 महिलाओं की नसबंदी कर सकता है। इस बात की जांच की जा रही है कि किस स्थिति में वहां मौजूद अधिकारियों ने शासन के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है।

गौरतलब है कि सरगुजा क्षेत्र के स्थानीय अखबारों में नसबंदी शिविर में अनियमितताओं की खबर छपने के बाद जिले के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी पी. एस. सिसोदिया ने 29 अगस्त को नसबंदी करने वाले चिकित्सक डॉक्टर जिबनूस एक्का और खंड चिकित्सा अधिकारी आर. एस. सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अधिकारी ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की समिति भी बनाई है।

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नवंबर 2014 में आयोजित एक नसबंदी शिविर में एक ही दिन में 83 महिलाओं की नसबंदी कर दी गई थी। बाद में तबीयत बिगड़ने के कारण इनमें से 13 महिलाओं की मौत हो गई थी।

भाषा संजीव sg नीरज

नीरज

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‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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