देश
सोशल मीडिया पर आई Money Heist के मीम्स की बाढ़, न देखने वालों से लोगों ने कहा- ‘बहुत पीछे रह गए आप’

मनी हाइस्ट सीजन 5 (Money Heist Part 5) नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुका है. जिसे दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं. फैंस को इस सीजन में भरपूर एक्शन देखने को मिला है जो चौथे पार्ट में कहीं नजर नहीं आया था.
मनी हाइस्ट का क्रेज सिर्फ भारत में ही नहीं है, इसे पूरी दुनिया में बहुत प्यार मिला है. आम इंसान से लेकर बॉलीवुड से जुड़े कई सितारों में इसके लिए दीवानगी है. सीजन 5 को दर्शक खूब प्यार दे रहे हैं. हर कोई इस सीरीज के बारे में ही बात कर रहा है.
मनी हाइस्ट सीजन 5 के ट्रेलर रिलीज के बाद से ही दर्शक इस सीरीज को देखने के लिए काफी उत्साहित थे. ऐसे में इसके रिलीज के बाद से ही सोशल मीडिया पर भी सिर्फ मनी हाइस्ट सीजन 5 की ही चर्चा है.
मनी हाइस्ट सीजन 5 की रिलीज के बाद एक तरफ जहां लोग इस सीजन की स्टोरी, प्लस और माइनस पॉइंट्स, कलाकारों की एक्टिंग के बारे में चर्चा कर रहे हैं.
वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इसे देखने के बाद अपने-अपने रिव्यु भी दे रहे हैं. अपर इन सबसे अलग इस वेब सीरीज के कुछ प्रशंसक मजेदार मीम्स और जोक्स शेयर कर रहे हैं.
मनी हाइस्ट वेब सीरीज के ये फैंस सोशल मीडिया पर उन लोगों के ऊपर मजेदार मीम्स की बरसात कर रहे हैं जिन्होंने अब तक ये सीरीज नहीं देखी. लोग ना सिर्फ ऐसे लोगों का मजाक उड़ा रहे हैं बल्कि उनसे अब तक ऐसी धांसू सीरीज ना देखने का कारण भी जानना चाह रहे हैं. कई लोग अपने दोस्तों से नेटफ्लिक्स (Netflix) का पासवर्ड मांगते भी नजर आए.
सोशल मीडिया मनी हाइस्ट से जुड़े मीम्स से भरा
सोशल मीडिया पर कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें मनी हाइस्ट सीजन 5 में कई कलाकार ऐसे नजर आ रहे हैं, जिनमें विराट कोहली और बॉबी देओल जैसी समानताएं हैं.
मनी हाइस्ट के ये उत्साहित फैंस सोशल मीडिया पर तरह-तरह के मजेदार मीम्स और जोक्स शेयर कर दूसरों को एंटरटेन कर रहे हैं. बल्कि आपस में भी एक-दूसरे का मजाक उड़ा रहे हैं. कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दूसरों का मजा किरकिरा करते हुए सीरीज से जुड़े स्पॉइलर दे रहे हैं. कुल मिला कर सोशल मीडिया पर इस समय मनी हाइस्ट सीजन 5 की ही चर्चा है.
लोग इसके बारे में तरह-तरह के कमेंट और रिएक्शन दे रहे हैं. लोगों ने सोशल मीडिया को मनी हाइस्ट से जुड़े मीम से भर दिया है. मनी हाइस्ट सीजन 5 को 2 वॉल्यूम में बांटा गया है. पहला वॉल्यूम 3 सितम्बर को रिलीज किया गया है जबकि दूसरा वॉल्यूम 3 दिसंबर को रिलीज किया जाएगा.
बहुत पीछे रह गए-
Jab aapke grp main sirf aapne hi abhi tak Money Heist Season 5 naa dekha ho pic.twitter.com/QGYupH5imA
— Hemang Jesani (@HemangJesani) September 4, 2021
खाने के पैसे नहीं-
Bhai yr Netflix ka password dy de
Le gareeb me:#MoneyHeistSeason5 pic.twitter.com/5xQstRXYdK
— Abdul Rauf (Osama 17sep) (@abdulrauf37x) September 4, 2021
नॉट कूल-
Telling people that you haven’t watched a single episode of money heist was also not cool
— Rahnoor (@_Nonnonchalant) September 4, 2021
अब तक नहीं देखा-
Everyone around me going crazy for #MoneyHeist
Me who haven’t watched a single episode of it pic.twitter.com/5nYCgYMQfs
— Udupi (@Udupi_Memes_UM) September 4, 2021
I haven’t watched any seasons of #MoneyHeist series, will the society accept me
— Akshay Rai (@akshyy_rai) September 4, 2021
माफ़ कर दे भाई-
Me To The People Who Is Watching Money Heist : pic.twitter.com/lgZKF1x3s1
— Memes_by_AD (@MemesbyAD1) September 4, 2021
देश
‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।
सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज
केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम
आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”
‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’
दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
- पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल
पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
- संगठन और रणनीति का मिला लाभ
बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।




















