Connect with us

छत्तीसगढ़

बेहतर टेस्टिंग, ट्रेसिंग, टीकाकरण और उपचार से छत्तीसगढ़ ने कोरोना पर कसी नकेल

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बेहतर टेस्टिंग, ट्रेसिंग, टीकाकरण और उपचार से कोरोना पर नकेल कसने में कामयाब हुआ है। राज्य में हर रोज प्रति दस लाख आबादी पर 2197 टेस्ट किए जा रहे है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह औसत 1245 ही है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सतत् माॅनिटंरिग और निर्देशन से अब 39 लैबों में ट्रूनाट और 15 में आरटीपीसीआर टेस्ट की सुविधा मुहैया करायी जा ही है। इसके साथ ही आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए बलौदाबजार, दुर्ग, दंतेवाड़ा, जांजगीर-चांपा, जशपुर और कोरबा में 6 नये शासकीय लैब और तैयार हो रहे है। एंटिजन टेस्ट राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों स्तर तक उपलब्ध है जबकि प्रत्येक जिले में अतिरिक्त मशीन प्रदाय कर ट्रूनाट लैब की जांच क्षमता भी बढ़ाई जा रही है।

कोरोना संक्रमण के लिए राज्य में किए जा रहे प्रयासों से संक्रमण दर में तेज गिरावट आयी है, अप्रैल में जो संक्रमण दर 30 प्रतिशत के करीब थी वह उतरकर अब 12 प्रतिशत हो गई है। पिछले साल जहां कोविड संक्रमित मरीज पर औसत 4 से 4 काॅंटेक्ट्स को ही टेªक किया जा रहा था वहीं अब हर कोविड मरीज के 7 संपर्को की तलाश और उनकी जांच सुनिश्चित की जा रही है जिससे संक्रमण को रोकने में काफी मदद मिली है।

प्रदेश में वर्तमान में 1063 काॅटेन्मेंट क्षेत्र घोषित किये गए हैं जहां घर-घर जाकर टेस्टिंग की जा रही है। राज्य में 6 मेडिकल कॉलेज और एम्स रायपुर सहित 37 डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल तथा कुल 154 कोविड केयर सेण्टर बनाए गए हैं इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जिले में डेडिकेटेड कोविड अस्पताल भी बनाए गए है। शासकीय डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में 5294 बेड तथा कोविड केयर सेण्टर में 16405 बेड की सुविधा उपलब्ध करायी गई है। निजी कोविड अस्पतालों में 9 हजार 596 बेड उपलब्ध कराए गए है। इसके साथ ही कुल 1151 वेटिंलेटर उपलब्ध कराए गए है जिसमें 526 शासकीय और 625 निजी अस्पतालों में है।

यह भी पढ़ें   CG: समर्थन मूल्य में धान खरीदी का आज अंतिम दिन

ऑक्सीजेनेटेड बेड की संख्या बढ़ाये के लिए राज्य में 18 नए ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट्स स्थापित किये गए हैं इसके अतिरिक्त 6 प्लांट्स प्रक्रियाधीन हैं इनमे से 3 प्लांट अगले एक सप्ताह में स्थापित हो जायेंगे। रायपुर मेडिकल कॉलेज में एक विशेष टेलीकंसल्टेशन हब स्थापित किया गया है जिसके माध्यम से मई 2020 से कॉलेज के विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रत्येक दिन सभी शासकीय डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संपर्क स्थापित कर उन्हें टेलीकंसल्टेशन प्रदान किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर टेली राउंड भी लिए जाते हैं।

डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में वर्चुअल ओ.पी.डी. की सुविधा

वर्तमान में सामान्य मरीजों की सुविधा के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में वर्चुअल ओ.पी.डी. की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। यह सुविधा प्रतिदिन सुबह 10ः30 बजे से 11ः30 बजे तक उपलब्ध है। इस दौरान मेडिसिन विभाग, पल्मोनरी मेडिसिन विभाग एवं मनोरोग विभाग के विशेषज्ञों द्वारा चिकित्सकीय परामर्श दिया जाएगा। भविष्य में मरीजों की संख्या बढ़ने पर अन्य विभागों के चिकित्सक भी उपलब्ध रहेंगे। लिंक के माध्यम से वर्चुअल ओ.पी.डी. ज्वाइन की जा सकती है। छत्तीसगढ़ में अब तक 7.72 लाख से अधिक लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं जिसमें से 1.38 लाख अस्पताल से डिस्चार्ज हुए तथा 6.34 लाख मरीजों ने होम आइसोलेशन की अवधि पूरी की है। होम आइसोलेटेड मरीजों की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में कण्ट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है।

यह भी पढ़ें   अचानकमार टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर का कोरोना से निधन

18-44 वर्ष के आयु वर्ग के 3.99 लाख लोगों का टीकाकरण

बीते 11 मई को भारत सरकार की वीडियो कांफ्रेंसिंग के अनुसार 45 वर्ष से अधिक आयु समूह को कोविड-19 वैक्सीन की प्रथम डोज देने में छत्तीसगढ़ राज्य का स्थान पूरे देश में छठा है। पूरे देश में सिर्फ लद्दाख, सिक्किम, त्रिपुरा, लक्षद्वीप और हिमाचल प्रदेशही छत्तीसगढ़ से आगे हैं। यदि हेल्थ केयर वर्कर्स की प्रथम डोज की कवरेज की बात करें तो छत्तीसगढ़ (98.4 प्रतिशत) के साथ देश में तीसरे नंबर पर है।

प्रदेश में 2 अप्रैल 2021 को सर्वाधिक 3.26 लाख व्यक्तियों का तथा 3 अप्रैल को 2.92 लाख व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया। 14 मई तक राज्य में कुल 64.20 लाख हितग्राहियों को वैक्सीन डोजेज दी गई हैं। 14 मई 2021 को 2,086 सेशन मे 40,266 व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया। 14 मई तक 18-44 वर्ष के आयु वर्ग वाले कुल 3,99,262 हितग्राहियों का टीकाकरण किया गया। 14 मई 2021 के टीकाकरण के पश्चात् केंद्र सरकार के चैनल में से 2,72,050 डोज तथा राज्य सरकार के चैनल में से 96,950 शेष हैं।

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   58 फीसदी आरक्षण को लेकर CGPSC का बड़ा फैसला
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   BJP MLA रश्मि वर्मा की आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल, जानिए क्या है सच?
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   सीएम बघेल ने की भगवान जगन्नाथ की पूजा, प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की..
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending