छत्तीसगढ़
सीएम भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के 27 जिलों को दी 2 हजार 834 करोड़ रुपए की सौगात, विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेश के 27 जिलों में 2 हजार 834 करोड़ रुपए लागत के 401 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
कोरबा जिले में 109 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरबा जिलेवासियों को 109 करोड़ 11 लाख रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री बघेल ने 19 करोड़ 93 लाख 95 हजार रुपए की लागत से कोटमी-पसान-कटघोरा मार्ग के 15 किलोमीटर सड़क के नवीनीकरण और उन्नयन काम का भूमिपूजन किया। नगर निगम क्षेत्र में ध्यानचंद चौक से गोपालपुर तक 46.38 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली 10.20 किलोमीटर लंबी सड़क के जीर्णाेद्धार, नाली निर्माण उन्नयन और जंक्शन सुधार कार्य और सक्ति-कोरबा मार्ग पर 37 करोड़ 75 लाख 86 हजार रुपए की लागत से 16 किलोमीटर सड़क उन्नयन कार्य का भूमिपूजन किया।
इस कार्यक्रम में पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड में 95.35 लाख रुपए की लागत से गुरसिया में बने नए हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन, 50 लाख रुपए की लागत से पसान में बनाए गए नए मिनी-इनडोर स्टेडियम, पोड़ी-सलिहाभाठा मार्ग पर गुंजन नाला (टेटी नाला) पर 3.58 करोड़ रुपए की लागत से बने उच्च स्तरीय पुल का लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने की।
बेमेतरा को 152 करोड़ 83 लाख रुपये के विकास कार्यों की मिली सौगात
बेमेतरा जिले में बेहतर आवागमन सुविधा के लिए 152 करोड़ 83 लाख रुपए की लागत से बनने वाली 24 सड़कों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया।
रायगढ़ जिले के 203 करोड़ के कार्यों लोकार्पण और भूमिपूजन
कार्यक्रम में रायगढ़ जिले को 203 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिली। इन कार्यों में 20 करोड़ 56 लाख रुपये के 06 कार्यों का लोकार्पण और 182 करोड़ 04 लाख रुपये के कुल 108.50 किलोमीटर लंबी 05 विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन हुआ। रायगढ़ जिले में जहां बरमकेला जनपद के सरिया में 4.65 करोड़ की लागत से निर्मित शासकीय महाविद्यालय भवन और 13.19 करोड़ रुपए की लागत से राधापुर से घुघरा मार्ग में माण्ड नदी पर निर्मित पुल का लोकार्पण हुआ, वहीं सड़क निर्माण के अनेक बड़े कार्यों का भूमिपूजन किया गया। जिले में जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया, उनमें 93 करोड़ 69 लाख की लागत से रायगढ़ से धरमजयगढ़ मार्ग के 56 किमी भाग का उन्नयन और चौड़ीकरण कार्य, 62 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत से 27.50 किमी पूंजीपथरा-तमनार-मिलूपारा मार्ग का निर्माण कार्य, 17 करोड़ 97 लाख की लागत से छाल से घरघोड़ा मार्ग के 10 किमी भाग का उन्नयन एवं मजबूतीकरण कार्य शामिल हैं।
बलरामपुर जिलेवासियों को 160 करोड़ 46 लाख के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिलेवासियों को 160 करोड़ 46 लाख के विकास कार्यों की सौगात दी। जिले में जिन 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया, उनमें 40 करोड़ 63 लाख की लागत से अंबिकापुर, वाड्रफनगर, बनारस मार्ग का नवीनीकरण कार्य, 11 करोड़ 35 लाख रूपये की लागत से बनने वाले कैलाशपुर बस्ती से सोनडीह मार्ग निर्माण लम्बाई 8 किमी मीटर पुल-पुलिया सहित, 21 करोड़ 58 लाख की लागत से केरता से बच्छराजकुंवर, मानपुर तक सड़क तथा पुल-पुलिया निर्माण, 31 करोड़ 25 लाख की लागत से राजपुर, कुसमी मार्ग का उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य शामिल हैं।
राजनांदगांव जिले को मिली 144 करोड़ 95 लाख रुपए के विकास कार्यों की सौगात
राजनांदगांव जिले में 144 करोड़ 95 लाख रुपए के 31 विकास कार्यों का वर्चुअल भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया। जिसमें डोंगरगांव विधानसभा अंतर्गत 12 करोड़ 63 लाख रुपए की लागत से 8.10 किलोमीटर लंबे बागद्वार – बेलरगोंदी – पण्डरीपथरा – सीताकसा मार्ग का पुल-पुलिया सहित निर्माण, 11 करोड़ 13 लाख रुपए की लागत से 10.60 किलोमीटर लंबे लामानीन भाठा से जामरी, हरणसिंघी, राका मार्ग का पुल पुलिया सहित निर्माण तथा 7 करोड़ 78 लाख 88 हजार रुपए की लागत से 13.60 किलोमीटर लंबे चिरचारी पीटेपानी पीपरखार बुढ़ानछापर मार्ग के उन्नयन एवं नवीनीकरण का भूमिपूजन किया गया।
इसके साथ ही मोहला-मानपुर विधानसभा अंतर्गत 11 करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से दोड़के – विचारपुर मार्ग में शिवनाथ नदी पर निर्मित उच्चस्तरीय पुल, खुज्जी विधानसभा अंतर्गत 8 करोड़ 45 लाख रुपए की लागत से धनगांव में डुमरघुचा पहुंच मार्ग में शिवनाथ नदी पर निर्मित उच्चस्तरीय पुल, 11 करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से छुईखदान – कुम्हरवाड़ा – बकरकट्टा मार्ग पर निर्मित 05 नग उच्चस्तरीय पुल, मोहला-मानपुर विधानसभा अंतर्गत 8 करोड़ 45 लाख रुपए की लागत से दनगढ़ नाले पर निर्मित पुल का लोकार्पण किया गया।
बलौदाबाजार भाटापारा जिले में 182.41 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन
बलौदाबाजार जिले को आज 182 करोड़ 41 लाख रुपए के 34 विकास कार्यों की सौगात मिली। जिसमें 133.21 करोड़ रूपये के 13 कार्यों का भूमिपूजन तथा 49.19 करोड़ रूपये के 21 कार्यों का लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने की। जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया, उनमें 1 पुल निर्माण, 7 सड़क निर्माण तथा 5 भवनों के निर्माण कार्य शामिल है। इसी प्रकार 1 पुल, 4 सड़क, 16 भवनों का लोकार्पण किया गया।
दुर्ग जिले को 115 करोड़ रुपए के कार्यों की सौगात
दुर्ग जिले में अंजोरा – चंगोरी- भरदा मार्ग और दुर्ग- नगपुरा – करेला मार्ग पर शिवनाथ नदी में 37 करोड़ की लागत से उच्च स्तरीय पुल के निर्माण, शिवपुरी-सुरडूंग- रिंगनी मार्ग में 12 करोड़ की लागत से 6 किलोमीटर सड़क का उन्नयन कार्य, 5.9 करोड़ की लागत से कैवल्यधाम पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य एवं पुल निर्माण, 12.5 करोड की लागत से नंदकट्टी, दनिया, बोरी, पुरदा एवं लिटिया मुख्य मार्ग में 14 किलोमीटर फोरलेन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया।
मुख्यमंत्री ने सरगुजा जिले को दी 58.43 करोड़ से अधिक के विकास कार्याे की सौगात
कार्यक्रम में अम्बिकापुर में 14 करोड़ 57 लाख रुपए की लागत से निर्मित 500 सीटर अनुसूचित जनजाति छात्रवास भवन, 32 करोड़ 31 लाख रुपए की लागत से बनने वाले रघुनाथपुर-लुंड्रा-धौरपुर मार्ग का भूमिपूजन किया गया।
कोण्डागांव जिले को 49.47 करोड़ के 11 विकास कार्यों की सौगात
कोण्डागांव जिले में 47.76 करोड़ रुपए के पुल पुलिया एवं सड़क मार्गों के 09 कार्यों का भूमिपूजन तथा 1.71 करोड़ रुपए के दो कार्यों का लोकार्पण किया गया। इसमें केशकाल विधानसभा में कांदाकोड़ी से सुखडीही तक के 03 किमी सड़क, केशकाल से रांधना (मुक्तिधाम) तक 03 किमी सड़क, चिंगली से डोंडरापाल तक 06 किमी सड़क, अंतागढ़ बेड़मा मुख्य मार्ग से पड्डे तक 3.50 किमी सड़क, नारायणपुर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले आदनार भंवरडीह (बारदा) नदी पर पुल निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इसके साथ गिरोला में 50 लाख के निर्मित मिनी स्टेडियम एवं इंडोर हॉल तथा बड़ेबेन्दरी में 1.21 करोड़ लागत की शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय भवन का लोकार्पण किया गया।
बालोद जिले में 195.72 करोड़ रुपए लागत के विभिन्न विकास कार्याे का शिलान्यास
बालोद जिले में 90.74 करोड़ रुपए लागत के बनने वाले आदमाबाद-घोटिया-डौण्डी 41 किलोमीटर लम्बे सड़क निर्माण कार्य, 30.27 करोड़ रुपए लागत के गुरूर-पड़कीभाट-सनौद 16.80 किलोमीटर लम्बी सड़क निर्माण कार्य, 13.93 करोड़ रुपए लागत के कंवर-गंगोरीपार-बासीन-भोथली मार्ग लम्बाई 8.40 किलोमीटर पुल पुलिया सहित का शिलान्यास किया गया।
कबीरधाम जिले को मिली 218 करोड़ 37 लाख रुपए के कार्याें की सौगात
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कबीरधाम जिले में 218 करोड़ 37 लाख 98 हजार रुपए लागत के 10 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। जिले में 128 करोड़ 88 लाख रुपए की लागत से पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के पंडरिया बजाग मार्ग का लगभग 35 किलोमीटर का नया सड़क निर्माण का लोकार्पण किया गया। यह मार्ग कबीरधाम जिलेवासियों की सबसे पुरानी और बहुप्रतिक्षित मांग रही है। सड़क निर्माण पूरा होने से छत्तीसगढ राज्य मध्यप्रदेश से होते हुए प्रयागराज का सीधा संपर्क जुड़ गया है। इससे छत्तीसगढ़ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
बस्तर जिले में 139 करोड़ के 29 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन
मुख्यमंत्री बघेल ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर जिलावासियों को 139 करोड़ रुपए से अधिक के 29 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने 44 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत से इंद्रावती नदी में पुराने पुल के स्थान पर नए पुल का निर्माण, 24 करोड़ 26 लाख 39 हजार रुपए की लागत से बिंता-सतसपुर से धर्माबेड़ा के बीच इंद्रावती नदी पर पुल का निर्माण, जगदलपुर से चित्रकोट मार्ग में 22 करोड़ 33 लाख 94 हजार रुपए की लागत से विभिन्न स्थानों में उन्नयन और नवीनीकरण कार्य, नगरनार में 3 करोड़ 44 लाख रुपए की लागत से बनने वाले आईटीआई भवन, 3 करोड़ रुपए की लागत से दलपत सागर का विकास कार्य और एक करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से गंगामुण्डा के सौन्दर्यीकरण कार्य का भूमिपूजन किया।
धमतरी जिले को 144 करोड़ रुपए से अधिक लागत के कार्यों की सौगात
धमतरी जिले में एक अरब 39 करोड़ 57 लाख रुपए लागत की 76.80 किलोमीटर लंबी 9 सड़कों, 4.65 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला आमदी में शासकीय नवीन महाविद्यालय भवन निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। नगरी के बिरगुड़ी से कसपुर मार्ग पर 12 किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (पुल-पुलिया सहित), लागत 20.58 करोड़, दुधावा-नगरी-बासीन मार्ग पर 11.40 किलोमीटर लम्बे मार्ग का उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य, लागत 3.33 करोड़ रुपए, 12 किलोमीटर लंबे मेघा-सिंगपुर-दुगली मार्ग का उन्नयन तथा नवीनीकरण कार्य, लागत 25.73 करोड़ रुपए तथा 16 किलोमीटर लंबे मेघा-सिंगपुर-दुगली मार्ग का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य, लागत 44.88 करोड़ रुपए का भूमिपूजन किया गया।
इसी तरह 20.87 करोड़ रुपए की लागत के 10.60 किलोमीटर लंबे भाठागांव-भखारा मार्ग का चौड़ीकरण, 10.81 करोड़ रुपए की लागत से कुरूद- चर्रा- छाती- उड़ेना- झिरिया- कण्डेल- भोथली- बोड़रा- संबलपुर मार्ग, लंबाई पांच किलोमीटर का चौड़ीकरण एवं उन्नयन कार्य, 10.38 करोड़ रुपए की लागत से छः किलोमीटर लंबे अछोटा-मुड़पार-रूद्री (राम वनगमन पथ) मार्ग निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया।
जशपुरवासियों को 170.26 करोड़ रुपए के 1457 निर्माण और विकास कार्यों की मिली सौगात
मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले में 27 करोड़ 04 लाख 37 हजार रुपए की लागत के 50 कार्यों का लोकार्पण और 143 करोड़ 22 लाख 29 हजार के 1407 कार्यों का भूमि पूजन किया।
सूरजपुर जिले को 60.69 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात
सूरजपुर जिले में 60.69 करोड़ रुपए के कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। उन्होंने जिले में कुल 12 विकास कार्यों का वर्चुअल भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम में अंबिकापुर प्रतापपुर मार्ग पर महान नदी पर 13.73 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित पुल का लोकार्पण किया गया। इसके साथ-साथ ग्राम सरहरी से ग्राम सिंघरा के मध्य बांकी नदी पर 4.81 करोड़ की लागत से निर्मित पुल, 3.75 करोड़ की लागत से भटगांव के पटना से भैयाथान मार्ग लम्बाई 5 किलोमीटर का उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य, 4.43 करोड़ रुपए की लागत के लटोरी हाई स्कूल से भंडार पारा तक मार्ग, पुल-पुलिया निर्माण कार्य, लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत के लक्ष्मीपुर से नया करकोली मार्ग का निर्माण कार्य पुल पुलिया सहित लंबाई 2 किलोमीटर लागत, 7.25 करोड़ की लागत से प्रेमनगर पंपानगर द्वारिका पुर से अक्षय पुर तक पहुंचमार्ग एवं पुल पुलिया निर्माण सहित विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन किया गया।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















