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17 May Horoscope : जानिए कैसा होगा आपका आज का दिन

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मेष: पिता या घर मुखिया का सहयोग रहेगा। पारिवारिक महिला से तनाव मिल सकता है। वाणी पर संयम रखें। बुद्धि कौशल से किए गए कार्य में आशातीत प्रगति होगी।

वृष: मैत्री संबंध प्रगाढ़ होंगे। भाई-बहन का सहयोग मिलेगा। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता से सहयोग मिल सकता है। किया गया पुरुषार्थ सार्थक होगा।

मिथुन: जीविका के क्षेत्र में किया गया श्रम सार्थक होगा। रिश्तों में निकटता आएगी। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी।

कर्क: आर्थिक पक्ष में सुधार होगा, लेकिन संतान या शिक्षा के कारण तनाव मिलेगा। व्यावसायिक मामलों में जोखिम न उठाएं। जीवनसाथी का सहयोग एवं सानिध्य मिलेगा।

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सिंह: स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। जीवनसाथी का सहयोग रहेगा। पारिवारिक समस्या से ग्रसित हो सकते हैं। शासन सत्ता से सहयोग मिल सकता है।

कन्या: शिक्षा प्रतियोगिता के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। पिता या घर के मुखिया का सहयोग रहेगा, फिर भी स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी।

तुला: मन अशांत रहेगा। महिला अधिकारी का सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। रिश्तों में मधुरता आएगी। किसी कार्य के संपन्न होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।

वृश्चिक: पारिवारिक जीवन सुखमय होगा। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। किसी तरह का जोखिम न उठाएं। रचनात्मक प्रयास फलीभूत होंगे। पारिवारिक दायित्व की पूर्ति होगी।

धनु: शिक्षा प्रतियोगिता के क्षेत्र में आशातीत सफलता मिलेगी। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। व्यावसायिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। किया गया पुरुषार्थ सार्थक होगा। नए संबंध बनेंगे।

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मकर: आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी। जीविका के क्षेत्र में प्रगति होगी। शासन सत्ता का सहयोग रहेगा। किसी कार्य के संपन्न होने से आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

कुंभ: स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। व्यर्थ का मानसिक तनाव मिल सकता है। संयम बरतें। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। किया गया पुरुषार्थ सार्थक होगा। नए संबंध बनेंगे।

मीन: पारिवारिक दायित्व की पूर्ति होगी। दूसरे से सहयोग लेने में सफल होंगे। रचनात्मक प्रयास फलीभूत होगा। बुद्धि कौशल से किए गए कार्य में सफलता मिलेगी।

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राजधानी में निकली तिरंगा यात्रा, CM साय ने भरी हुंकार, कहा- आसानी से नहीं मिली आजादी, वीरों ने दिया बलिदान…

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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने आज राजधानी रायपुर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली. ‘मोर तिरंगा, मोर अभिमान-हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत आयोजित इस तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत प्रदेश के कई मंत्री, विधायक के साथ बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए.

रायपुर के इंडोर स्टेडियम से भव्य तिरंगा यात्रा की कार्यक्रम का आगाज हुआ. देशभक्ति के रंग से सराबोर इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत तमाम कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे, डिप्टी सीएम अरुण साव, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, मंत्री राजेश अग्रवाल, मंत्री ओपी चौधरी, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक राजेश मूणत और विधायक सुनील सोनी समेत बीजेपी के अनेक नेता-कार्यकर्ता के साथ स्काउट एंड गाइड्स, NCC कैडेट्स, स्कूली छात्र-छात्राएं समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए.

इंडोर स्टेडियम में बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे. इस दौरान मौजूद युवाओं और स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला. तिरंगा यात्रा इंडोर स्टेडियम से निकलकर गणेश मंदिर तिराहा, बूढ़ापारा बिजली ऑफिस, नगर निगम भवन, महिला थाना चौक और फायर ब्रिगेड चौक होते हुए सुभाष स्टेडियम पहुंची.

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धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा के बाद पहली बार तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘जेन Z हमारे बच्चे’, गुमराह किए गए

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धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद पर शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी. संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान जेन जी को गुमराह करने की कोशिशें की गईं. लेकिन पद उनके लिए कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा. उन्होंने कहा कि खुद पीएम से अपने इस्तीफे की पेशकश की थी.

कॉकरोच पार्टी प्रोटेस्ट के बाद इस्तीफा देने वाले पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि जेन जी हमारे ही बच्चे हैं. कुछ लोगों के द्वारा वे लोग गुमराह हो रहे है.

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे को लेकर हुए भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच पद छोड़ने के करीब दो हफ्ते बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी. प्रधान ने शनिवार को भुवनेश्वर की GM यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए अपने इस्तीफे पर बात की.

आपको याद दिल दे कि NEET पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच उन्होंने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था.

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बिना सुविधाओं के रचा इतिहास : छोटे से गांव ने देश को दिए 17 अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी….

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अहमदाबाद। गुजरात के महीसागर जिले का एक छोटा सा गांव रतुसिंह ना मुवाडा, जहां महज 100 घर हैं, आज देश भर में शतरंज क्रांति की अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। बिना किसी महंगी अकादमी या बड़ी सुविधाओं के, इस गांव ने बीते चार सालों में 17 FIDE-रेटेड खिलाड़ी तैयार कर दिए हैं।

इस प्रेरणादायक बदलाव की नींव 2021 में रखी गई थी। गांव के  सरकारी प्राइमरी स्कूल ‘बाल वाटिका’ के 45 वर्षीय गणित शिक्षक संदीप उपाध्याय ने बच्चों को शतरंज सिखाने की मुहिम शुरू की। स्कूल की जर्जर हालत और सीमित संसाधनों के बावजूद, संदीप सर ने अपने वेतन का बड़ा हिस्सा बच्चों की एंट्री फीस, यात्रा खर्च, किताबों और चेस किट पर लगाकर उनके सपनों को पंख दिए। उनके इस संकल्प को ग्रैंडमास्टर अंकित राजपरा का भी साथ मिला, जो हर महीने गांव आकर बच्चों को मुफ्त कोचिंग देते हैं।

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उपलब्धियां और आंकड़े

मेडल व ट्रॉफी: खेत मजदूरों और दिहाड़ी मजदूरों के इन बच्चों ने अब तक 120 ट्रॉफी और 179 मेडल अपने नाम किए हैं।


टूर्नामेंट का प्रदर्शन: राज्य स्तर के 24 टूर्नामेंट्स में से 22 में गांव के बच्चों ने टॉप-3 में जगह बनाई।


विशेष पहचान: गांधीनगर के ‘स्टूडेंट्स चेस फेस्टिवल’ में बाल वाटिका को ‘बेस्ट इंस्टीट्यूट’ चुना गया। साथ ही, 21 बच्चों को सरकारी डिस्ट्रिक्ट लेवल स्पोर्ट्स स्कूल में मुफ्त शिक्षा और कोचिंग के लिए चुना गया है।

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