छत्तीसगढ़
धमतरी जिले में 273 लोक सेवा केन्द्रों के जरिए तीन लाख 557 आवेदनों का हुआ निराकरण

धमतरी| छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के माध्यम से समय-सीमा में नागरिकों को सेवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया गया है। अधिनियम के तहत नागरिकों को समय पर ऑनलाईन प्रमाण पत्र दिया जा रहा है। इस सुविधा से नागरिक.को बेवजह कार्यालयों में आने की जरूरत नहीं। साथ ही समय सीमा और निर्धारित दरों पर भी प्रमाण पत्र सहज रूप से उपलब्ध हो रहा है। जिले में शासन के विभिन्न विभागों की सेवाओं का लाभ आम जनता को सुलभ कराने के लिए संचालित कुल 273 लोक सेवा केन्द्रों के जरिए दिसम्बर 2018 से अब तक तीन लाख 557 आवेदनों का निराकरण कर आवेदनकर्ताओं को उसका लाभ सुनिश्चित किया गया है। इसमें 11 लोक सेवा केन्द्र शासकीय भवनां में संचालित और 262 च्वाईस सेंटर शामिल हैं।
राज्य सरकार के लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत् विभिन्न विभागों की अनेक सेवाओं का लाभ समय-सीमा में आवेदक को उपलब्ध कराया जा रहा है। लोक सेवा केन्द्र तथा च्वाईस सेंटर के माध्यम से वर्तमान समय में जिले में विभिन्न विभागों की तकरीबन 65 सेवाओं का लाभ दिया जा रहा है। लोकसेवा केन्द्र के माध्यम से आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र, नामांतरण, सीमांकन, बटवांरा, ऋण पुस्तिका, नक्सा-खसरा, मिशल, बी-1, बी-2, जन्म पंजीयन एवं प्रमाण-पत्र, ड्रायविंग लाईसेंस, पेंशन योजना हेतु आवेदन, पेंशन योजना हेतु आवेदन, आरबीसी 6-4 के आवेदन, रोजगार पंजीयन, मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, सहकारी समितियों का पंजीकरण, बेरोजगार इंजीनियर, व्यापार हेतु अनुज्ञप्ति, भवन निर्माण अनुज्ञा, नजूल पट्टा अनापत्ति प्रमाण पत्र सहित अन्य कई सेवाएं नाम मात्र शुल्क अदा कर समय सीमा में प्राप्त की जा सकती है।
ई-जिला प्रबंधक श्री शब्बीर हुसैन ने बताया कि जिले में 273 लोक सेवा केन्द्रों के जरिए अब तक एक लाख 34 हजार 848 आय प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं तथा 46 हजार 919 पात्र आवेदकों को मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है। अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के 25 हजार 90 लोगों को जाति प्रमाण पत्र तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के 46 हजार 712 आवेदकों को ओबीसी प्रमाण-पत्र जारी किया जा चुका है। इसी तरह 4820 किसानों को उनके भूमि की नकल तथा 13 हजार 513 को जन्म पंजीकरण एवं प्रमाण पत्र का वितरण किया गया है। साथ ही राजस्व सेवाएं कृषि भूमि परिवर्तन सीमांकन के लिए 405 तथा 2545 को मृत्यु पंजीकरण एवं प्रमाण पत्र, 3857 को इंडिरा गांधी पेंशन योजना के तहत लाभ दिया गया तथा 947 को राजस्व न्यायालय आदेश प्रमाण पत्र, 1136 को विधवा पेंशन, 950 भवन निर्माण अनुज्ञा, 1013 विवाह पंजीयन एवं प्रमाण पत्र, 876 नल कनेक्शन, 1195 जन्म प्रमाण पत्र में सुधार, 1029 सुखद सहारा के लिए आवेदन, 2798 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना तथा 223 लोगों को इंदिरा गांधी निःशक्तता पेंशन योजना, दुकान एवं स्थापना पंजीयन 2001 एवं लॉकडाउन के दौरान छूट हेतु 4998 लोगों को लाभान्वित किया गया है। इस तरह कुल तीन लाख 557 आवेदनों का निराकरण किया गया है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















