छत्तीसगढ़
सबकी भागीदारी से ही होता है समाज का विकास : सीएम भूपेश बघेल

रायपुरः मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज रविवार को महासमुंद में आयोजित चंद्रनाहूँ कुर्मी क्षत्रिय समाज, छत्तीसगढ़ प्रदेश के 51वें केन्द्रीय महाधिवेशन में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने महाधिवेशन को सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज में सबकी भागीदारी से ही समाज का विकास होता है। समाज में समाजिक समरसता आती है। समाज वह है जो सबको साथ लेकर चलें, इससे सबके कल्याण का रास्ता निकालता है। कार्यक्रम महासमुंद बागबाहरा रोड स्थित शांत्रीबाई स्कूल परिसर में आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री ने सामाजिक एकता बनाये रखने पर जोर दिया.
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों एवं पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। इस मौक़े पर मुख्यमंत्री ने चंद्रोदय पब्लिक स्कूल और शांत्रीबाई महाविद्यालय के द्वितीय तल पर निर्मित अतिरिक्त निर्माण का लोकार्पण किया। दोनों द्वितीय तल पर निर्मित कार्यों की लागत 70 लाख रुपए है। इनका निर्माण छत्तीसगढ़ चंद्रनाहूँ शिक्षण समिति एवं विधायक निधि से किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समाज के पुरखों और विभूतियों ने भी छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समाज की विभूतियों ने शिक्षा, कृषि, सहकारिता के साथ-साथ समाज सुधार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का उल्लेखनीय कार्य हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा की सरकार की योजनाओं का लाभ किसान, गरीब, मजदूर सहित समाज के सभी वर्गों को मिल रहा हैै।
बघेल ने कहा कि राज्य में गोधन योजना से रोजगार और आय के नए स्त्रोत निकले है। जिनके पास कोई रोजगार नहीं होता था, वे भी गोबर बेचकर रोजगार के साथ लाभ कमा रहे हैं, महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को सालाना 6000 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी। छत्तीसगढ़ में वृक्षारोपण कार्य को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के तहत जिन किसानों ने खरीफ वर्ष 2020 में धान की फसल ली है, अगर वो धान की फसल के बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करते हैं, तो उन्हें आगामी 3 साल तक प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुराजी गांव योजना के तहत स्वीकृत गौठानों में ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों से गोबर खरीदी की जा रही है। खरीदे गए गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाकर छत्तीसगढ़ के हजारों महिला स्वयं सहायता समूह आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए सरकारी अंग्रेजी मीडियम स्कूल बनाये हैं। प्रदेश के सभी विकासखंड मुख्यालयों में एक-एक स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले जा रहे हैं। जल्द ही छत्तीसगढ़ के बच्चे फर्राटेदार अंग्रेजी बोलेंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में भर्ती की कार्रवाई शुरू हो गई है। कार्यक्रम को राज्यसभा सदस्य छाया वर्मा, संसदीय सचिव एवं विधायक विनोद चंद्राकर और चंद्रनाहूँ कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी चंद्राकर ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर समाज के द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बसना विधायक देवेंद्र बहादुर सिंह, खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, पंडरिया विधायक ममता चंद्राकर सहित निगम मंडल के अध्यक्ष, अनेक जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















