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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बिलासपुर वन वृत्त अंतर्गत सर्वाधिक 2.77 लाख मानक बोरा तेन्दूत्ता का संग्रहण

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रायपुर| राज्य में चालू वर्ष के दौरान समस्त 6 वनवृत्तिों में से बिलासपुर वन के अंतर्गत सर्वाधिक 2 लाख 76 हजार 670 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ है। इसमें तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 110 करोड़ 21 लाख रूपए की संग्रहण राशि का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है। गौरतलब है कि वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में चालू वर्ष के दौरान तेन्दूपत्ता संग्रहण सीजन में 522 करोड़ रूपए से अधिक की राशि के 13 लाख 5 हजार 710 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ है।


राज्य लघु वनोपज से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें बिलासपुर वनवृत्त के अंतर्गत वन मंडलवार बिलासपुर में 11 करोड़ 89 लाख रूपए की राशि के 29 हजार 715 मानक बोरा, मरवाही में 7 करोड़ 78 लाख रूपए की राशि के 19 हजार 440 मानक बोरा तथा जांजगीर-चांपा में 01 करोड़ 51 लाख रूपए की राशि के 3 हजार 763 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ है। इसी तरह रायगढ़ में 17 करोड़ 88 लाख रूपए की राशि के 44 हजार 702 मानक बोरा, धरमजयगढ़ में 28 करोड़ रूपए की राशि के 70 हजार 157 मानक बोरा, कोरबा में 17 करोड़ 18 लाख रूपए की राशि के 42 हजार 960 मानक बोरा तथा कटघोरा में 26 करोड़ 37 लाख रूपए की राशि के 65 हजार 932 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ है।


इसके पश्चात् सरगुजा वन वृत्त के अंतर्गत 102 करोड़ 10 लाख रूपए की राशि के 2 लाख 55 हजार 675 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है। इनमें जशपुर में 9 करोड़ 32 लाख रूपए की राशि के 23 हजार 297 मानक बोरा, मनेन्द्रगढ़ में 12 करोड़ 80 लाख रूपए की राशि के 32 हजार मानक बोरा, कोरिया में 8 करोड़ 40 लाख रूपए की राशि के 20 हजार 996 मानक बोरा, सरगुजा में 12 करोड़ 26 लाख रूपए की राशि के 30 हजार 645 मानक बोरा तथा सूरजपुर में 23 करोड़ 28 लाख रूपए की राशि के 58 हजार 207 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है।
इसी तरह कांकेर वन वृत्त के अंतर्गत 98 करोड़ 98 लाख रूपए की राशि के 2 लाख 49 हजार 679 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ है। इनमें पूर्व भानुप्रतापपुर में 36 करोड़ 40 लाख रूपए की राशि के 91 हजार 320 मानक बोरा, पश्चिम भानुप्रतापुर में 29 करोड़ 45 लाख रूपए की राशि के 70 हजार 120 मानक बोरा, दक्षिण कोण्डागांव में 5 करोड़ रूपए की राशि के 12 हजार 446 मानक बोरा तथा केशकाल में 8 करोड़ 44 लाख रूपए की राशि के 21 हजार 107 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ है। नारायणपुर में 6 करोड़ 13 लाख रूपए की राशि के 15 हजार 322 मानक बोरा, कांकेर में 13 करोड़ 75 लाख रूपए की राशि के 34 हजार 364 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है।
वन वृत्त रायपुर के अंतर्गत 75 करोड़ 32 लाख रूपए की राशि के एक लाख 88 हजार 527 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ है। इनमें वन मंडलवार धमतरी में 9 करोड़ 16 लाख रूपए की राशि के 22 हजार 890 मानक बोरा, गरियाबंद में 27 करोड़ 96 लाख रूपए की राशि के 69 हजार 890 मानक बोरा, महासमुंद में 29 करोड़ 95 लाख रूपए की राशि के 74 हजार 871 मानक बोरा तथा बलौदाबाजार में 8 करोड़ 35 लाख रूपए की राशि के 20 हजार 877 मानक बोरा तेन्दूत्ता का संग्रहण किया गया है। इसके पश्चात् वन वृत्त जगदलपुर के अंतर्गत 70 करोड़ 60 लाख रूपए की राशि के एक लाख 76 हजार 505 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है। इनमें वन मंडलवार बीजापुर में 30 करोड़ 16 लाख रूपए की राशि के 75 हजार 395 मानक बोरा, सुकमा में 30 करोड़ 36 लाख रूपए की राशि के 75 हजार 913 मानक बोरा, दंतेवाड़ा में 4 करोड़ रूपए की राशि के 10 हजार 395 मानक बोरा, जगदलपुर में 6 करोड़ की राशि के 14 हजार 802 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ है।
इसके पश्चात् वन वृत्त दुर्ग के अंतर्गत 63 करोड़ 46 लाख रूपए की राशि के एक लाख 58 हजार 653 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ है। इनमें वन मंडलवार राजनांदगांव में 26 करोड़ 22 लाख रूपए की राशि के 65 हजार 559 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है। खैरागढ़ में 13 करोड़ 88 लाख रूपए की राशि के 34 हजार 698 मानक बोरा, बालोद में 8 करोड़ 15 लाख रूपए की राशि के 20 हजार 383 मानक बोरा तथा कवर्धा में 15 करोड़ 20 लाख रूपए की राशि के 38 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ है।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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