छत्तीसगढ़
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने की कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं मछली पालन विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा

बिलासपुर| छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय कार्य, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, पशुधन विकास, मछली पालन, जल संसाधन एवं आयाकट विभाग के मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा है कि गरीबों की मदद करना हमारा धर्म है। गोधन न्याय योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके क्रियान्वयन में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि गौठानों में महिला स्व सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाए। ग्राम पंचायतों के तालाब शत् प्रतिशत गरीबों को मिलने चाहिए। कृषि मंत्री चौबे ने आज मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उक्त बातें कही।
कृषि मंत्री चौबे ने आज बिलासपुर संभाग के जिलों के कृषि, उद्यानिकी, पशुधन, मछली पालन विभाग के कामकाज की गहन समीक्षा की। उन्होंने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना में किसानों को धान के बदले अन्य फसल लेने के लिए प्रोत्साहित करें। किसानों की हरसंभव मदद करते हुए उन्हें शासकीय योजनाओं से अधिक से अधिक लाभान्वित करने का निर्देश दिए। कृषि उत्पादन आयुक्त डाॅ. कमलप्रीत सिंह ने कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों से संपर्क बढ़ानेे के निर्देश दिए। संचालक कृषि यशवंत कुमार ने कृषि विभाग की योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। श्री चौबे ने कहा कि किसानों को उर्वरकों का विक्रय उचित दाम पर किया जाए। उन्होंने उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन एवं विक्रय में प्रगति लाने के निर्देश दिए। बैठक में गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी एस भारतीदासन ने गौठान समिति का भुगतान आॅनलाईन ही करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक स्वावलम्बी गौठान बनाया जाए। उद्यानिकी विभाग के संचालक श्री माथेश्वरन वी ने उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। मंत्री श्री चौबे ने नर्सरी की जिलेवार जानकारी ली और कहा कि बिलासपुर में अरपा के कछार में नर्सरी का कार्य बेहतर किया जा सकता है। उन्होंने उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। बाड़ी विकास के कार्य करने वाले पारम्परिक लोगों को प्रोत्साहन देने कहा। उन्हें हर प्रकार की सुविधा एवं उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पशुधन विकास विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि मोबाईल वेटनरी यूनिट के तहत अधिक से अधिक शिविर लगाए जाएं। गौठानों में चारागाह विकास का कार्य प्राथमिकता से करें। उन्होंने सभी मवेशियों के शत प्रतिशत वैक्सीनेशन पर जोर दिया। मछली पालन विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी संचालक वी.के. शुक्ला ने दी। चौबे ने मछली पालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत के तालाब शत प्रतिशत गरीब लोगों को मिलने चाहिए। परम्परागत यह कार्य करने वाले जैसे केंवट, निषाद जाति के लोगों को इन कार्याें में प्राथमिकता दी जाएं। उन्होंने अधिकारियों को कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में संसदीय सचिव रश्मि सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त डाॅ. कमलप्रीत सिंह, विशेष सचिव कृषि एवं गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी डाॅ. एस. भारतीदासन, कृषि विभाग के संचालक यशवंत कुमार, उद्यानिकी विभाग के संचालक माथेश्वरन वी, पशुपालन विभाग की संचालक चंदन त्रिपाठी, मछली पालन विभाग के संचालक वी के शुक्ला, राज्य जलग्रहण क्षेत्र मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रणवीर शर्मा, कलेक्टर डाॅ. सारांश मित्तर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरीस एस सहित संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















