छत्तीसगढ़
बिलासपुर : 21वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का उद्घाटन किया प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने

बिलासपुर| बिलासपुर में आयोजित 21वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का उद्घाटन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं वाणिज्य कर (पंजीयन एवं मुद्रांक) एवं जिले के प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल द्वारा किया गया। आगामी 6 अक्टूबर तक चलने वाले इस प्रतियोगिता में राज्य के पांच संभागों के 1 हजार से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
पुलिस ग्राउण्ड बिलासपुर में आयोजित खेल के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि श्री जयसिंह अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह न्यायधानी के लिए गौरव का क्षण है। बस्तर से लेकर सरगुजा तक के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में अपने प्रतिभाओं का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त कि बिलासपुर के निवासियों को उत्कृष्ट खेल देखने का अवसर मिलेगा।
अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। विगत दिनों बिलासपुर में 42 करोड़ के खेल सुविधाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर मंें चार खेल एकेडमी की सौगात दी है। जिससे क्षेत्र के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और वे देश विदेश में नाम रौशन कर प्रदेश का मान बढाएंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिलासपुर के विधायक श्री शैलेष पाण्डेय ने कहा कि खेल ऐसा कार्य है जो मेहनत, लगन, परिश्रम व बुद्धिमानी के साथ मैदान में उपस्थित रहकर करना पड़ता है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बच्चें खेल में भाग ले रहे है। यह मंच जो उन्हें मिला है, उसका पूरा लाभ उठाएं और अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन करें। विशिष्ट अतिथि महापौर श्री रामशरण यादव ने कहा कि कोरोना काल में बच्चों को बाहर जाकर खेलने का अवसर नहीं मिला था। अब यह अवसर उन्हें मिल रहा है। उन्होंने कहा कि खेल मैदान और खेल के साथ साथ खिलाड़ियों के भरण-पोषण पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए जिससे खिलाड़ी अपने देश-प्रदेश का नाम रौशन करेंगे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन जिला शिक्षा अधिकारी एस के प्रसाद ने दिया। उन्होंने राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि राज्य के 547 बालक और 466 बालिकाएं बेसबाल, कबड्डी, कराटे, क्रिकेट और हाॅकी प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाओं के लिए बेसबाल, 14 एवं 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिका वर्ग के लिए कबड्डी, 14,17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक बालिका वर्ग के लिए कराटे, 14 वर्ष आयु वर्ग के बालकों के लिए किक्रेट और 14 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं के लिए हाॅकी प्रतियोगिताएं होंगी।
देवकीनदंन कन्या उच्च. माध्य. विद्यालय बिलासपुर, पुलिस ग्राउण्ड बिलासपुर ,रघुराज स्टेडियम बिलासपुर, छत्तीसगढ़ उच्च. माध्य. विद्यालय बिलासपुर और सीपत रोड स्थित खेल परिसर के मैदान में प्रतियोगिताएं होंगी।
कार्यक्रम में सभी टीमों के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्च पास्ट किया। मुख्य अतिथि ने उनकी सलामी स्वीकार की। मुख्य अतिथि ने 21वीं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता का ध्वज फहराया और खेल के उद्घाटन की विधिवत् घोषणा की। आसमान में रंग बिरंगे गुब्बारे छोड़े गए। खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ खेलने की शपथ दिलाई गई।अंत में आभार प्रदर्शन सहायक संचालक शिक्षा विभाग श्री संदीप चोपड़े ने किया। इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष, कलेक्टर डाॅ सारांश मित्तर, पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार झा, नगर निगम के सभापति शेख नजरूद्दीन, अन्य पार्षद सहित गणमान्य नागरिक वाणी राव, विजय पाण्डेय, फिरोज कुरैशी सहित विभिन्न खेल संघों के खेल पदाधिकारी, कोच, मैनेजर एवं खिलाड़ी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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