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छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन में हुई शामिल सीतापुर की शिक्षिका

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सीतापुर: प्रदेश की राजधानी रायपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय शिक्षा समागम में माध्यमिक शाला पेटला की शिक्षिका एलबी अनिता तिवारी ने सहभागिता निभाते हुए साक्षरता से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन किया। इस सम्मेलन में दिल्ली समेत अन्य कई प्रदेश के नवाचारी अतिथि शिक्षक एवं छत्तीसगढ़ के नवाचारी शिक्षक शामिल हुए और प्रदर्शनी लगाकर शिक्षा के क्षेत्र में किये गए उल्लेखनीय कार्यो का प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शिक्षामंत्री प्रेमसाय सिंह एवं शिक्षाविदों ने सम्मेलन में लगे प्रदर्शनी का अवलोकन किया, एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी शिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साहवर्द्धन किया। इस सम्मेलन में माध्यमिक शाला पेटला की शिक्षिका एलबी अनिता तिवारी ने भी अपने नवाचारी प्रयासों को साझा किया और कोरोना महामारी के दौरान इसकी उपयोगिता बताकर वाहवाही बटोरी।

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इस संबंध में अनिता तिवारी ने बताया कि इस शिक्षा समागम में शामिल विभिन्न राज्यों से आये शिक्षाविदों के बीच वर्तमान और भविष्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की संभावनाओं पर विचार मंथन हुआ। इस दौरान छत्तीसगढ़ में कोरोना काल के दौरान बच्चो को शिक्षा से जोड़ने रखने के लिए शिक्षकों द्वारा किये गए कार्यो को अन्य राज्यों के साथ क्षेयर किया गया। इस सम्मेलन में पढ़ाई तुहर द्वार, स्मार्ट क्लास, अंगना मा शिक्षा, छतरी वाले गुरुजी, सिनेमा वाले गुरुजी, सरगुजा का गोदना कला, मुस्कान पुस्तकालय, आमा राइट, जुगाड़ स्टूडियो, आँकलन तथा साक्षरता से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। शिक्षक एलबी अनिता तिवारी की प्रतिभा को देखते हुये इस राज्य स्तरीय शिक्षा सम्मेलन में मंच संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने एवं मंच संचालन की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक संपन्न करने पर सहायक संचालक समग्र शिक्षा एम सुधीश ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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