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छत्तीसगढ़

अटल यूनिवर्सिटी के छात्र एक वर्ष पीछे रह जाएंगे, जल्द हो परीक्षाओं का आयोजन

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बिलासपुर| अटल यूनिवर्सिटी के छात्र एक वर्ष पीछे रह जाएंगे, जल्द हो परीक्षाओं का आयोजन| इस वर्ष ऑनलाइन परीक्षा दूसरी बार ली जा रही है। जो छात्र वार्षिक परीक्षा देते है, वे 2 कक्षाओं की परीक्षा दे चुके होंगे, जब की सेमेस्टर पद्धति में परीक्षा देने वाले छात्र एक ही कक्षा की 2 परीक्षा दे रहे होगे। ऐसी स्थिति में सेमेस्टर पद्धति वाले छात्र एक वर्ष पीछे रह जायेगे तथा उन्हें 1 वर्ष गवाना पढ़ेगा।


अगर जल्द ही अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित नहीं की गई तब छात्र आने वाले सत्र में दूसरे विश्वविद्यालयों में एडमिशन से वंचित रह जाएंगे।अभाविप बिलासपुर ने अटल यूनिवर्सिटी के कुलसचिव को ज्ञापन दे कर छात्रों कि इस चिंता से अवगत कराया तथा जल्द से जल्द इस विषय को लेकर उचित निर्णय लेने की मांग की।साथ ही ऑनलाइन परीक्षा होने के कारण प्रश्न पत्र छपाई,उत्तरपुस्तिका एवम् पर्यवेक्षक पर होने वाला खर्च बच रहा है इस स्थित में छात्रों द्वारा महीनों पहले दिए गए परीक्षा शुल्क पर कटौती करते हुए आधी फिस वापस(पिछ्ले वर्ष ऐसी स्थिति में आधी परीक्षा शुल्क ली गई थी) करने की मांग की
आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के छात्रों के लिए यह उचित कदम होगा।

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विश्वविद्यालय द्वारा दूसरी बार इस तरह की परीक्षा ली जारही है परन्तु तमाम निर्देशों एवं सावधानियों के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा विश्वनीय तथा उचित व्यवस्था नहीं बनाई जा सकी। सवाल पूछने पर अधिकारी पर्याप्त संख्या में कर्मचारी न होने की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ लेते है।अतः छात्रों की इन चिंताओं एवम् लगातार हो रही असुविधाओं के जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशाशन एवम् लंबे समय से कम बजट आवंटित कर विश्वविद्यालय की गुणवत्ता कम करने वाले प्रदेश सरकार के विरोध में अभाविप ने उग्र आंदोलन के चेतावनी भी दी| ज्ञापन सौंपने के दौरान महानगर मंत्री आयुष तिवारी,सहमंत्री श्रीजन पांडेय एवम् कार्यालय मंत्री प्रकाश श्रीवास उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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