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छत्तीसगढ़

बालोद में पहली बार जिजीविषा कार्यक्रम का आयोजन, एम्पलाय- एम्पलायर्स मीट में 500 से ज्य़ादा युवाओं को मिला रोजगार

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बालोदः मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशा अनुरूप बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले के अधिक से अधिक युवा-युवतियों को रोजगार एवं स्वरोजगार प्रदान करने हेतु जिजीविषा कार्यक्रम के अंतर्गत जिला मुख्यालय बालोद में आयोजित एम्पलाय-एम्पलायर्स मीट युवाओं के लिए सौगातों भरा रहा। जिला मुख्यालय बालोद के महादेव भवन गंजपारा में आयोजित इस एम्पलाय-एम्पलायर्स मीट के माध्यम से नियोजक संस्थाओं के द्वारा 501 अभ्यर्थियो का चयन किया गया। बालोद जिले में पहली बार वृहद पैमाने पर आयोजित मेगा एम्पलाय-एम्पलायर्स मीट के समापन अवसर में मुख्य अतिथि के रूप में संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संजारी-बालोद की विधायक मती संगीता सिन्हा ने किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में जिला पंचायत की अध्यक्ष मती सोनादेवी देशलहरा, उपाध्यक्ष मिथिलेश निरोटी, नगर पालिका परिषद बालोद के अध्यक्ष विकास चोपड़ा सहित कलेक्टर डा. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव व अन्य अधिकारीगण मौजूद थे। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा एम्पलॉय-एम्पलॉयर्स मीट के माध्यम से विभिन्न व्यवसायों के लिए चयनित अभ्यर्थियों को नियोजक संस्थाओं के द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र का वितरण भी किया गया। राज्य शासन की मंशा अनुरूप जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से बालोद जिले में पहली बार आयोजित एम्पलाय-एम्पलायर्स मीट का अतिथियों के अलावा रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए पहुंचे युवा-युवतियों तथा सभी लोगों ने मुक्तकंठ से सराहना की है।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद ने युवक-युवतियों को रोजगार एवं स्वरोजगार प्रदान करने हेतु आयोजित इस मेगा एम्पलाय-एम्पलायर्स मीट को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं की प्रतिभाओं को सामने लाने का कार्य किया गया है, जिससे युवाओं के रोजगार की राह खुली है। लक्ष्य निर्धारण कर दृढ़ मेहनत करने से ही सफलता मिलती है। उन्होंने चयनित युवाओं को अपनी बधाई एवं शुभकामनाए दी। संजारी-बालोद विधायक मती संगीता सिन्हा ने कार्यक्रम में चयनित हुए युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि हमें कभी हार नहीं मानना चाहिए, सदैव आशावादी बनकर अपने लक्ष्य को पाने प्रयासरत रहना चाहिए। जिला पंचायत की अध्यक्ष मती सोनादेवी देशलहरा, नगर पालिका परिषद बालोद के अध्यक्ष विकास चोपड़ा और जिला पंचायत के उपाध्यक्ष मिथिलेश निरोटी ने भी कार्यक्रम को संबोधित कर चयनित युवाओं को अपनी बधाई एवं शुभकामनाए दी और जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना की।

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कलेक्टर डा. गौरव कुमार सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने हेतु किया गया यह प्रयास सफल हुआ है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने अपनी सहभागिता ली थी, जिसके अनुरूप सफलता भी लक्ष्य से अधिक मिली है। कलेक्टर ने चयनित युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाए देते हुए कहा कि वे अपने नियोजक संस्थाओं में अपना बेहतर प्रदर्शन कर इस कार्यक्रम का नाम रौशन करें। आने वाले समय में इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन कर और भी अधिक युवाओं को नियोजक संस्थाओं द्वारा चयनित कर रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। कलेक्टर ने कार्यक्रम को सफल बनाने सभी संबंधित अधिकारी, कर्मचारियों की सराहना भी की। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डा. रेणुका वास्तव, डिप्टी कलेक्टर एवं कार्यक्रम की नोडल अधिकारी मती शीतल बंसल, जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत ठाकुर, जिला कौशल विकास प्राधिकरण के सहायक संचालक विकास देशमुख सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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