Connect with us

छत्तीसगढ़

बेमेतरा : स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया एवं डेंगू से बचने की दी सलाह

Published

on

बेमेतरा| बारिश के मौसम में जलजनित बिमारियों के साथ ही मच्छरों के प्रकोप बढ़ने से मलेरिया, डेंगु होने के भी संभावना बनी रहती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्षा ऋतु में होने वाले संक्रामक बीमारियों में उल्टी दस्त, बुखार, पीलिया, मलेरिया, आंत्रशोध आदि के फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है, जिससे यह बीमारी महामारी का रूप धारण करने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है। संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए सड़ी गली सब्जी, फल, आदि का सेवन न किया जाए। दस्त रोग के समुचित प्रबंधन हेतु ‘‘लो ऑस्मोलर ओ.आर.एस. घोल लेना सुनिश्चित किया जाए। मलेरिया बीमारी में हाथ-पैर में दर्द, सिर दर्द, ठंड के साथ बुखार आता है। यह मादा एनाफिलीज संक्रमित मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया से बचने के लिए घर के आसपास पानी जमा होने ना दें, रूके हुए पानी में मिट्टी का तेल, जला हुआ मोबिल ऑयल डालें। शाम के समय नीम की पत्ती का धुंआ करें। सोते समय दवा लेपित मच्छरदानी का प्रयोग करें।

यह भी पढ़ें   Corona Update: छत्तीसगढ़ में आज मिले कोरोना के 32 नए पॉजिटिव मरीज, 16 हुए स्वस्थ

डेंगू एक वायरस से होने वाली बीमारी का नाम है, जो एडीज नामक मच्छर की प्रजाति के काटने से होता है। इस मच्छर के काटने पर विषाणु तेजी से मरीज के शरीर में अपना असर दिखाने लगता है। जिसके कारण तेज बुखार और सर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते है। इसे हड्डी तोड़ “बुखार” या ब्रेक बोन बुखार भी कहा जाता है। डेंगू का उपचार संभव है। डेंगू से बचने के लिए स्वयं को मच्छरों से बचाना बहुत जरूरी है। डेंगू जांच की सुविधा सभी शासकीय अस्पतालों एवं निजी अस्पतालों में उपलब्ध है। डॉक्टरों ने डेंगू के प्रारंभिक लक्षण के बारे में बताया कि तेज ठंड के साथ बुखार आना, कमर, मांसपेशियों, जोड़ों और सिर में तेज दर्द होना, हल्की खाँसी, गले में दर्द और खराश का होना, शरीर पर लाल-लाल दाने(रैश) दिखाई देता है, थकावट, भूख न लगना और कमजोरी होना, उलटी और दर्द होना डेंगू के लक्षण हैं। प्रारंभिक लक्षण होने पर डेंगू का तत्काल जांच करवाएं। सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   Corona Update: छत्तीसगढ़ में आज मिले कोरोना के 32 नए पॉजिटिव मरीज, 16 हुए स्वस्थ
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी के परिणाम घोषित, डॉ.एकता चंद्राकर बनीं स्टेट टॉपर
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़: कांग्रेस पार्षद का मर्डर, तालाब के पास मिली लाश...
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending