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छत्तीसगढ़

Bilaspur: सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए अहम फैसले

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कलेक्टर ने की लोगों से हेलमेट व सुरक्षा बेल्ट लगाकर नियंत्रित गति से वाहन चलाने की अपील

बिलासपुर, कलेक्टर अवनीश शरण की अध्यक्षता में आज जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक जिला कार्यालय के सभा कक्ष में हुई। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई अहम फैसले लिये गये।

कलेक्टर ने कहा कि सड़क दुर्घटना रोकने के लिए गंभीरता से काम करने की जरूरत है। जिले में वर्ष 2024 के लिए ब्लैक और ग्रे स्पॉट का चिन्हांकन किया जायेगा। कलेक्टर ने यह कार्य जल्द से जल्द करते हुए ब्लैक और ग्रे-स्पॉट चिन्हांकित करने पर बल दिया ताकि जरूरी एहतियातन व्यवस्था की जा सके।

इसमें रम्बल स्ट्रीप, सूचनात्मक बोर्ड, ब्लिंकर्स और ब्लैक ग्रे-स्पॉट सिम्बल बोर्ड इत्यादि सम्मिलित है। कलेक्टर ने हाईवे के किनारे ढाबों की लगातार जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी ढाबे में शराब खोरी की घटना सामने आती है तो ढाबा संचालकों के उपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें।

उन्हांेने सड़कों में जेब्रा क्रॉसिंग की पुताई अभियान चलाकर 15 दिनों के भीतर करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सुरक्षित एवं दुर्घटना रहित यात्रा के लिए लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से हेलमेट व सुरक्षा सीट बेल्ट लगाकर नियंत्रित गति से वाहन चलाने की अपील की है।

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बैठक में कलेक्टर ने चार पहिया वाहनों में अनिवार्य रूप से सीट बैल्ट लगाने के नियम का कड़ाई से पालन करवाने कहा। उन्होंने जिले में सड़क दुर्घटना की रोकथाम के लिए लोगों को हेलमेट पहनने लगातार प्रेरित करने कहा। कलेक्टर ने ऐसे वाहन चालकों के लायसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए जो यातायात नियमों का पालन नहीं करते है।

अधिकारियों ने बताया कि विगत वर्ष 130 लायसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई। कलेक्टर ने कहा कि नेशनल हाईवे एवं स्टेट हाईवे में दुर्घटना के नियंत्रण के लिए पेट्रोलिंग वाहन लगातार चलते रहे।

ओवर स्पीड वाहन चलाने वाले चालकों के विरूद्ध कार्रवाई जारी रखें। उन्होंने सड़क सुरक्षा सप्ताह जो 11 जनवरी से शुरू हो रहा है उसमें अभियान चलाकर शिविरों के जरिए लर्निंग लायसेंस बनवाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्कूल बसों एवं ड्राइवरों की फिटनेस जांच भी समय-समय पर करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि 14 जनवरी को स्कूल बसों की फिटनेस की जाएगी।

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कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्कूल बस के ड्राइवर अनिवार्य रूप से यूनिफार्म मंे रहे और सभी पास के पहचान पत्र हो। स्कूल बसों में क्षमता से ज्यादा बच्चे न बिठाए जाए। कलेक्टर ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था दुरूस्त करने यातायात पुलिस, नगर निगम और आरटीओ को संयुक्त रूप से कार्य करने कहा।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क दुर्घटना में घायलों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्वरित रूप से उपचार की सुविधा मुहैया कराई जाए।


बैठक में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राजेन्द्र जायसवाल, एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी, बिलासपुर एसडीएम सूरज कुमार साहू, मस्तूरी एसडीएम अमित कुमार सिन्हा, आरटीओ अनुभव शर्मा सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे।

छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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