छत्तीसगढ़
बिलासपुर : गोबर से गौठानों में बरस रहा धन
बिलासपुर| गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन से बिलासपुर शहरी क्षेत्र के गौठानों में धन बरस रहा है। योजना के तहत 31 जुलाई तक लगभग 26 लाख रूपए का गोबर क्रय किया गया था। जिससे लगभग 34 लाख रूपए मूल्य की वर्मी एवं सुपर कम्पोस्ट खाद के साथ-साथ गौकाष्ठ व अन्य उत्पाद तैयार किये गये हैं। अब तक 19 लाख 35 हजार रूपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री हो चुकी है तथा लगभग 15 लाख के उत्पाद तैयार होने की प्रकिया में है।
गोधन न्याय योजना के अंतर्गत बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के चार गौठानों में पशुपालकों से 31 जुलाई 2021 तक 13 हजार 620 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई। जिसका शत् प्रतिशत उपयोग वर्मी व सुपर कम्पोस्ट खाद उत्पादन के साथ-साथ गौकाष्ठ और अन्य सामग्री बनाने में किया गया है।
इस योजना का संचालन शहर के मोपका, तिफरा, सकरी और सिरगिट्टी क्षेत्र में नरवा, गरवा, घुरवा योजना के तहत बनाये गये गौठानों में किया जा रहा है। इन गौठानों में खरीदे गये गोबर में 4412 क्विंटल का उपयोग वर्मी कम्पोस्ट, 5414 क्विंटल का उपयोग सुपर कम्पोस्ट उत्पादन और 3794 क्विंटल गोबर का उपयोग गौकाष्ठ बनाने में किया गया है। गौठानों में उत्पादित 732 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद में से 7 लाख से अधिक मूल्य के 703 क्विंटल खाद का विक्रय किया जा चुका है। इसी तरह 1,107 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट खाद का उत्पादन किया गया। जिसमें से 5 लाख 14 हजार रूपए मूल्य के 856 क्विंटल खाद की बिक्री हो चुकी है।गौठान में गोबर से गौकाष्ठ उत्पादन कर 6 लाख 62 हजार रूपए मूल्य के गौकाष्ठ बेचे जा चुके है। इसका उपयोग शमशान घाट में शवों को जलाने के लिए लकड़ी की जगह पर किया जा रहा है।
नगर निगम के उपायुक्त राकेश जायसवाल ने बताया कि कोविड काल में संक्रमित शवों को जलाने के लिए नगर निगम द्वारा गौकाष्ठ का ही उपयोग किया गया। घरों में भी लोग खाना पकाने के लिए इसका उपयोग करते है। यह पर्यावरण के लिए सुरक्षित है साथ ही यह लकड़ी का सस्ता एवं श्रेष्ठ विकल्प है। उन्होंने बताया कि ठंड के दिनों में गोबर से गौकाष्ठ बनाया जाता है। इसके लिए चारो गौठानों में मशीन भी नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराई गई है।
गोबर उत्पाद के विक्रय से गौठानों में कार्य करने वाले स्व सहायता समूहों को प्राप्त 5 लाख रूपए लाभांश की राशि उनके खातें में जमा है। शहर के चार गौठानों में 16 महिला स्व सहायता समूह कार्यरत है। जिनसे जुड़ी 160 महिलाओं के लिए गोधन न्याय योजना रोजगार का उत्तम जरिया बन चुकी है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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