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छत्तीसगढ़

Bilaspur News: प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दस्तावेज़ पूर्ति के लिए समय देने के निर्देश दिए

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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 सर्वेक्षण : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दस्तावेजों की पूर्ति के लिए हितग्राहियों को समय देने के दिए निर्देश

नगरीय निकायों को हितग्राहियों के आवश्यक प्रमाण पत्रों के लिए संबंधित राजस्व कार्यालयों से व्यक्तिगत समन्वय बनाने कहा

नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव ने हितग्राहियों के राजस्व कार्यालयों में लंबित जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र के प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत करने राजस्व विभाग को लिखा पत्र

हर हाल में पहुंचाएं अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक योजना का लाभ – अरुण साव

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए 15 नवम्बर से चल रहा सर्वेक्षण

बिलासपुर. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए वर्तमान में जारी सर्वेक्षण के दौरान ऐसे पात्र नागरिकों जिनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं है, उनके आवेदन तत्काल निरस्त नहीं करते हुए उन्हें दस्तावेजों के लिए समय प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगरीय निकायों को हितग्राहियों के जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र जैसे अनिवार्य दस्तावेजों के लिए संबंधित राजस्व कार्यालय से व्यक्तिगत समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के हितग्राहियों के राजस्व कार्यालयों में लंबित जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र के प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत करने के लिए राजस्व विभाग को पत्र प्रेषित किया है।

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केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरी क्षेत्रों में ‘सबके लिए आवास’ मिशन के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) का क्रियान्वयन 1 सितम्बर 2024 से किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में योजना को सभी नगरीय निकायों में लागू करते हुए भारत सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल पर हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) 15 नवम्बर से प्रारंभ कर दिया गया है। सर्वेक्षण के दौरान हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा रही है। इसके लिए हितग्राही परिवार का आधार कार्ड, बैंक खाता, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, भूमि के दस्तावेज इत्यादि की प्रविष्टि भारत सरकार द्वारा अनिवार्य की गई है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव को कुछ हितग्राहियों के माध्यम से यह पता चलने पर कि वांछित दस्तावेजों में से मुख्यतः राजस्व संबंधी दस्तावेजों की कमी के कारण पोर्टल पर हितग्राहियों की जानकारी दर्ज नहीं हो पा रही है, साव ने हितग्राहियों की असुविधा को देखते हुए और योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचाने के लिए सहानुभूतिपूर्वक कार्यवाही करते हुए सभी नगरीय निकायों को तत्काल निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी नगरीय निकायों में योजना के अन्तर्गत प्रक्रियाधीन हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) में प्राप्त हो रहे आवेदनों में अनिवार्य दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदनों को तत्काल निरस्त न करते हुए संबंधित हितग्राहियों को दस्तावेजों की पूर्ति के लिए यथोचित समयावधि प्रदान करने को कहा है, जिससे अधिकतम हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया जा सके। साव ने हितग्राहियों के जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र जैसे अनिवार्य दस्तावेजों के लिए संबंधित राजस्व कार्यालय से व्यक्तिगत समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश नगरीय निकायों को दिए हैं, जिससे कि संभावित हितग्राहियों को दस्तावेज प्राप्त करने में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सके।

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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का लाभ हर हाल में अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक पात्र हितग्राही परिवार को आवास दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार अंतिम छोर पर खड़े हर व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचाना सुनिश्चित करेगी। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर पात्र हितग्राही परिवारों को योजना में शामिल करने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने हरसंभव प्रयास करने को कहा है।

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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