छत्तीसगढ़
गाँजे कारोबार करने वाले आरोपियों पर बिलासपुर पुलिस का प्रहार

दो आरोपीयों को रंगे हाथ 02 किलो 150 ग्राम कीमती 20500 रूपये का गांजा के साथ किया गया गिरफ्तार।
एंड टू एंड इन्वेस्टीगेशन कर मादक पदार्थों के अवैध व्यापार में संलिप्त अन्य आरोपियों पर भी की जा रही है कार्यवाही
नाम आरोपी
- प्रमोद कुमार श्रीवास पिता श्यामनंद श्रीवास उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम सारधा थाना चकरभाठा जिला बिलासपुर।
- जोयेश प्रकाश राय उर्फ राजा पिता स्व. अनील राय उम्र 20 वर्ष निवासी माँ भवानी नगर वार्ड 14 गली न. 03 थाना सिरगिटटी जिला बिलासपुर।
जप्ती मशरूका
आरोपी प्रमोद श्रीवास के कब्जे से –
(1) मादक पदार्थ 01 किलो 500 ग्राम गांजा कीमती 10500 रूपये।
(2) एक मोटर सायकल आपाचे टीव्हीएस कीमती 70 हजार
(3) एक मोंबाईल टच स्कीन ओप्पो कंपनी चालू हालत में जिसमे सिम नम्बर किमती 10 हजार रूपये।
(4) जुमला कीमती – 90500 रूपयें।
आरोपी जोयेस प्रकाश राय उर्फ राजा के कब्जे से -(1) मादक पदार्थ 01 किलो गांजा कीमती 10000 रूपये।
(2) एक मोटर सायकल यामहा कंपनी कीमती 01 लाख 50 हजार रूपये।
(3) एक मोंबाईल टच स्कीन चालू हालत में कीमती 20 हजार रूपये।
(4) जुमला कीमती – 1,80,000 रूपयें।
दोनो आरोपीयों से जुमला जप्ती करीबन 2,70,500 रूपये।
इस प्रकार है कि दिनांक 15.09.2024 को चकरभाटा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई ग्राम सारधा थाना चकरभाठा का रहने वाला प्रमोद श्रीवास अपने सफेद रंग की मोसा. अपाचे क. सीजी 22 जेड 6310 में घुम घुम कर गांजा बिकी करने व ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में जोयेश राय उर्फ राजा नामक व्यक्ति से मिलकर मादक पदार्थ गांजा का खरीदी ब्रिकी कर अवैध रूप से लाभ अर्जित कर रहे है कि सूचना पर थाना चकरभांठा के सहायक उपनिरीक्षक चन्द्रकांत डहरिया को हमराह स्टाफ के सूचना के आधार पर चकरभाठा थाना क्षेत्र ट्रासपोर्ट नगर परसदा रोड बिजली आफिस के पास भेजा गया जहां मुखवीर के बतायेनुसार एक व्यक्ति सफेद रंग के अपाचे मोसा. क. सीजी 22 जेड 6310 एवं साथ में एक और मोसा यामहा आर-15 एम क्र. सीजी 10 बीएम 6386 में चालक मिले जिनको घेराबंदी कर पकडा गया।
जिनसे पृथक-पृथक पुछताछ पर अपाचे मोसा. का चालक अपना नाम प्रमोद कुमार श्रीवास पिता श्यामनंद श्रीवास उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम सारधा थाना चकरभाठा, जिला-बिलासपुर एवं मोसा यामहा आर-15 एम क सीजी 10 बीएम 6386 के चालक ने अपना नाम जोयेश प्रकाश राय उर्फ राजा पिता स्व. अनील राय उम्र 20 वर्ष निवासी माँ भवानी नगर वार्ड 14 गली न.-3 थाना सिरगिटटी जिला बिलासपुर के रहने वाला बताया। वाहन की तलाशी लेने पर मो.सा. आपाचे क. सीजी 22 जेड 6310 के हेण्डल में एक सफेद ब्लू रंग का कैरीबैग का थैला के अंदर 01 किलो 500 ग्राम मादक पदार्थ गांजा मिला एवं मोसा यामहा आर-15 एम क सीजी 10 बीएम 6386 के मोसा. में ब्लू-नीला रगं के कैरीबैग के थैला मे अंदर 01 किलो मादक पदार्थ गांजा मिला जिनसे बरामदगी पचनामा तैयार कर फोटोग्राफी/विडीयोग्राफी कराया गया।आरोपियों के क़ब्ज़े से मादक पदार्थ को विधिवत जप्त किया गया। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय पेश किया गया है।
पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देश पर प्रकरण में एंड तो एंड इन्वेस्टीगेशन किया जा रहा है इस अवैध कारोबार में संलिप्त अन्य आरोपियों की शीघ्र गिरफ़्तारी की जाएगी
प्रकरण की उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी चकरभाटा निरीक्षक रविन्द्र अनंत, सहायक उपनिरीक्षक चंन्द्रकांत डहरिया,प्रधान आरक्षक 102 अमरचंद्रा, आरक्षक राम कुमार बघेल, योगेन्द्र खुटे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।




















