छत्तीसगढ़
बिलासपुर : यूपीएससी (प्रारंभिक) परीक्षा 10 अक्टूबर को, बनाए गए 24 परीक्षा केंद्र

बिलासपुर| संघ लोक सेवा आयोग नई दिल्ली द्वारा सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 10 अक्टूबर 2021 को दो सत्रों में पूर्वान्ह 9.30 बजे से 11.30 बजे तक और अपरान्ह 2.30 बजे से 4.30 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसके लिए बिलासपुर में 24 परीक्षा केंद्र बनाए गए है जहां 8 हजार से अधिक परीक्षार्थी इस प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होंगे। कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर द्वारा परीक्षा पूर्व व्यवस्थाओं एवं परीक्षा के निष्पक्ष, सुचारू, निर्विघ्न संचालन के लिए स्थानीय निरीक्षण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेशानुसार शासकीय बिलासा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बनाए गए परीक्षा केंद्र हेतु अंशिका पाण्डेय संयुक्त कलेक्टर को स्थानीय निरीक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह शासकीय ई. राघवेन्द्र राव स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय में बनाए गए परीक्षा केंद्र हेतु संयुक्त कलेक्टर मोनिका वर्मा, शासकीय जे.पी.वर्मा स्नातकोत्तर कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में बनाए गए परीक्षा केंद्र हेतु संयुक्त कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी पंकज डाहिरे, शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय परीक्षा केंद्र हेतु डिप्टी कलेक्टर अमित कुंमार गुप्ता, सी.एम.डी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय परीक्षा केंद्र हेतु डिप्टी कलेक्टर मनोज केसरिया, कौशलेन्द्र राव विधि महाविद्यालय परीक्षा केंद्र हेतु हरिओम द्विवेदी डिप्टी कलेक्टर, डी.पी.विप्र विधि महाविद्यालय, अशोक नगर हेतु डिप्टी कलेक्टर अजीत पुजारी और डी.एल.एस.स्नातकोत्तर महाविद्यालय अशोक नगर हेतु डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी तुलाराम भारद्वाज को स्थानीय निरीक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है।
डी.पी.विप्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय पुराना हाई कोर्ट के पास परीक्षा केंद्र हेतु डिप्टी कलेकटर ललीता भगत, शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला परीक्षा केंद्र हेतु डिप्टी कलेक्टर कु. स्मृति तिवारी, देवकीनंदन कन्या उ.मा.शाला परीक्षा केंद्र हेतु डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी आनंद तिवारी, लाल बहादुर शास्त्री उच्चतर माध्यमिक शाला परीक्षा केंद्र हेतु डिप्टी कलेक्टर व्ही.सी. चंद्रवंशी, सेंट विसंेट पॉलेटी सीनियर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा केंद्र हेतु डिप्टी कलेक्टर महेश शर्मा, कृष्णा पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र हेतु डिप्टी कलेक्टर ओम विकास टंडन, सेंट फ्रांसिस सीनियर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा केंद्र हेतु तहसीलदार मस्तूरी मनोज खाण्डेय, शा.माता सबुरी नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय परीक्षा केंद्र हेतु तहसीलदार बिलासपुर रमेश कुमार मोर, शा.बालक उ.मा. शाला सरकण्डा परीक्षा केंद्र हेतु प्रभारी उप संचालक पंचायत जे.जे. शुक्ला, शा. कन्या हा.से. स्कूल सरकण्डा हेतु तहसीलदार बिलासपुर रिचा सिंह, मिशन हा.से.स्कूल परीक्षा केंद्र हेतु परियोजना अधिकारी जिला पंचायत रिमन सिंह ठाकुर, दिल्ली पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र हेतु सहायक संचालक पंचायत शिवानी ठाकुर, महर्षि विद्या मंदिर हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा केंद्र हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तखतपुर हिमांशु गुप्ता, ब्रिलियन्ट पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मस्तूरी कुमार सिंह लहरे, सेंट जेवियर उ.मा. विद्यालय परीक्षा केंद्र हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा बी.आर.वर्मा और शास.बहु.उच्च.माध्य.शाला मे बनाये गये है। परीक्षा केंद्र हेतु अधीक्षक भू अभिलेख दुश्यंत कुमार कौशले को स्थानीय निरीक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















