छत्तीसगढ़
CG: सिटी बसों का किराया 25% तक बढ़ाया गया

रायपुर। सीएम निवास में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। सिटी बसों का किराया 25% तक बढ़ाया गया है। साथ ही त्रैमासिक कर में 1 जुलाई 2020 से 31 दिसम्बर 2021 तक छूट दी गई है।
मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में सहायक शिक्षक के पद पर भर्ती के लिए बस्तर एवं सरगुजा सम्भाग तथा कोरबा ज़िले में लागू स्थानीय निवासी होने की शर्त से छूट प्रदान करने का निर्णय।
बैठक में #COVID संक्रमण से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण लगे lockdown एवं शैक्षणिक संस्थान के बसों का संचालन न होने के कारण, शैक्षणिक संस्था के लिए संचालित बस द्वारा देय त्रैमासिक कर में 1 जुलाई 2020 से 31 दिसम्बर 2021 तक छूट प्रदान करने का निर्णय।
बैठक में आबकारी विभाग द्वारा आयोजित आबकारी उप निरीक्षक के पद पर सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा में आवेदकों कर्मचारियों को आयु सीमा में केवल एक बार के लिए छूट देते हुए आगामी सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने का निर्णय।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित मंत्री परिषद की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
• छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत जारी राशनकार्डो पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के समक्ष अतिरिक्त खाद्यान्न निःशुल्क वितरण करने का निर्णय लिया गया। इस पर 223.58 करोड़ रूपए की व्ययभार की प्रतिपूर्ति छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत की जाएगी।
• छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक नीति 2019-24 में अनुसूचित जाति / जनजाति वर्ग के उद्यमियों को औद्योगिक नीति में वर्णित पिछड़े विकासखण्ड श्रेणी “द” में रियायती दर पर विभागीय लैंड बैंक की (औद्योगिक पार्कों/ क्षेत्र के लिए हस्तांतरित भूमि को छोड़कर) अविकसित औद्योगिक प्रयोजन की भूमि आबंटित किए जाने संबंधी प्रावधान एवं अन्य संशोधनों का अनुमोदन किया गया।
अ. सोलर विद्युत उत्पादन में लगने वाले प्लांट एवं मशीनरी पर आधारित उद्योगों को उच्च प्राथमिकता की श्रेणी में शामिल किया गया।
ब. निजी भूमि पर उत्पादन किए जाने वाले काष्ठ पर आधारित उद्योग को प्राथमिकता उद्योग में शामिल किया गया।
स. औद्योगिक नीति के अंतर्गत एमएसएमई सेवा श्रेणी उद्यमों की सूची
द. अनुमोदित की गई। उद्योग नीति में पूर्व में किए गए संशोधनों को एक नवम्बर 2019 से प्रभावशील किए जाने का अनुमोदन दिया गया। धान / चावल उपार्जन में प्रयुक्त होने वाले जूट बैग / बारदाना को उच्च प्राथमिकता में शामिल किया गया।
राज्य में स्थापित होने वाले निजी औद्योगिक पार्कों में विस्तार के लिए 3 करोड़ रूपए तक के अनुदान का प्रावधान किया गया।
• स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में सहायक शिक्षक पद पर भर्ती के लिए बस्तर एवं सरगुजा संभाग तथा कोरबा जिले में लागू स्थानीय निवासी होने के शर्त से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
• कोविड-19 संक्रमण से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण लॉकडाउन एवं शैक्षणिक संस्था के बसों के संचालन नहीं होने के कारण शैक्षणिक संस्थान के लिए संचालित बस द्वारा देय त्रैमासिक कर में एक जुलाई 2020 से 31 दिसम्बर 2021 तक छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
• खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य में किसानों से धान खरीदी के लिए पुराने जूट बारदानें की दर 18 रूपए प्रति नग से बढ़ाकर 25 रूपए प्रति नग निर्धारित करने तथा किसानों को इसका भुगतान समर्थन मूल्य के भुगतान के साथ करने मुख्यमंत्री जी के अनुमोदन का अनुसमर्थन किया गया।
• डीजल के मूल्य पर वृद्धि होने के कारण संविदा वाहन एवं प्रकरण वाहन के रूप में संचालित नगर वाहन के यात्री किराए की दर में परिवहन विभाग द्वारा प्रस्तावित वृद्धि दर का अनुमोदन किया गया।
• आबकारी विभाग द्वारा आयोजित की जाने वाली आबकारी उप निरीक्षक के पद पर सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा में आवेदकों / कर्मचारियों को आयु सीमा में केवल एक बार के लिए छूट देते हुए आगामी सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया।
• रायपुर विकास प्राधिकरण रायपुर को पट्टे पर रायपुर नगर निगम क्षेत्र में पूर्ण में आबंटित शासकीय भूमि को एक रूपए प्रति वर्ग फुट की दर से आबंटित करने का निर्णय लिया गया। रायपुर विकास प्राधिकरण को रायपुर के कटोरा तालाब पुरैना, अमलीडीह, तेलीबांधा, रायपुरा, बोरियाखुर्द, सरौना, हीरापुर, देवेन्द्र नगर, पंडरीतराई फाफाडीह सहित अन्य स्थानों पर कुल 162.
31 एकड़ रकबा पट्टे पर आबंटित है, जिसमें से 158.50 एकड़ आवासीय प्रयोजन तथा 3.81 एकड़ की व्यावसायिक प्रयोजन की भूमि है।
• माननीय मुख्यमंत्री द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में राइस मिलों को कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि 120 रूपए प्रति क्विंटल दिए जाने की घोषणा की गई है। प्रोत्साहन राशि में वृद्धि किए जाने पर अतिरिक्त व्यय भार राशि 945 करोड़ सहित प्रोत्साहन राशि में कुल व्यय 1295 करोड़ रूपए संभावित है। इसकी प्रतिपूर्ति छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ को अतिरिक्त व्यय मद से किए जाने का निर्णय लिया गया। मिलर द्वारा न्यनतम 4 माह की क्षमता द्वारा कस्टम मिलिंग करने पर यह प्रोत्साहन राशि प्रदान करने एवं प्रोत्साहन के संबंध में स्लेब न्यवस्था समाप्त करने, प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत कस्टम मिलिंग के साथ तथा शेष 50 प्रतिशत राशि का भुगतान केन्द्रीय पूल में चांवल जमा होने के पश्चात किए जाने का निर्णय लिया गया।
• छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा आयोग अधिनियम 1995 की धाराओं में संशोधन कर उपाध्यक्ष पद के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
• गोधन न्याय योजना अंतर्गत गौठान समिति में उत्पादित कम्पोस्ट को
सहकारी समितियों के माध्यम से निजी संस्था / फर्म को भी विक्रय के लिए
सम्मिलित करने तथा योजना अंतर्गत प्रावधानित बजट में 0.5 प्रतिशत प्रशासकीय मद में व्यय की अनुमति दिए जाने का निर्णय लिया गया।
• द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2021-22 का विधानसभा में उप स्थापन के
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















