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छत्तीसगढ़

CG: 22 बच्चों ने लिया अनुभव प्रशासनिक अफसरों की कुर्सी संभालने का

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पेंड्रा। छत्तीसगढ़ के गौरेला,पेंड्रा,मरवाही में एक दिन के लिए प्रशासन की बागडोर 22 बच्चों के हाथ में थी। कलेक्टर, SP, DFO समेत विभिन्न पदों की जिम्मेदारी स्कूली बच्चों को दी गई। कलेक्टर की कुर्सी पर बैठी छात्रा ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को विकास के काम करने के निर्देश दिए। वहीं बाल SP ने जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने को कहा। DFO ने भी जंगलों की कटाई पर रोक लगाने और जंगली जानवरों के संरक्षण करने अफसरों को निर्देशित किया। इसी तरह जिले के 22 अलग-अलग पदों पर बच्चे बैठे और उन्होंने सरकारी कामकाजों को करीब से देखा।

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एक दिन के लिए कलेक्टर बनी आकृति नासरी ने कलेक्टर नम्रता गांधी के साथ पूरा समय बिताया। कलेक्टर नम्रता ने आकृति को जिला प्रशासन के सारे कामों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह से एक कलेक्टर का दायित्व होता है। काम करने के तरीके बताए। साथ ही IAS अफसर बनने के लिए पढ़ाई के बारे में भी बताया। आकृति ने कहा कि, मैं पढ़ लिख कर अब IAS अफसर ही बनूंगी।

दरअसल, जले में जिला प्रशासन ने बाल दिवस सप्ताह के दौरान सरकारी काम-काज की प्रक्रिया समझाने और सीखने के उद्देश्य से स्कूली बच्चों को 17 एवं 18 नवंबर को 2 दिन के लिए बाल प्रशासक बनाया था। बाल प्रशासकों को कलेक्टर, SP, DFO, स्वास्थ्य, पंचायत, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, PWD समेत 22 जिला स्तरीय और 22 ब्लॉक स्तरीय अफसरों की जिम्मेदारी दी गई थी। इससे पहले सभी बच्चों को कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित किया गया जिसके बाद उनके कार्यालयों के लिए उन्हें रवाना किया गया।

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लेकिन यूनिसेफ की तरफ से हर साल 20 नवंबर को विश्व बाल दिवस मनाया जाता है। इस दौरान बच्चों को बाल प्रशासक के रूप में विभिन्न शासकीय कार्यालयों में काम के तौर तरीकों के बारे में बताया जाता है।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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