छत्तीसगढ़
CG News: पिकअप से टकराई कार, मौके पर ही चार युवकों ने तोड़ा दम, तेज रफ्तार बनी दुर्घटना की वजह

मंगलवार की रात एक तेज रफ्तार कार पिकअप से टकरा गई। इस हादसे में चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रतापपुर: कार और पिकअप के बीच मंगलवार की रात हुई भिड़ंत में चार युवकों की मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार सवार तीन युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि चौथे युवक की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई। मरने वाले चार युवकों में से तीन आपस में रिश्तेदार थे। वहीं इस घटना में पिकअप चालक भी घायल हुआ है जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक साथ चार युवकों की मौत से क्षेत्र में मातम पसर गया है। मामले में पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर पीएम उपरांत शव परिजन के सुपुर्द कर दिया गया हौ और घटना की जांच जारी है।
बताया जा रहा है कि, मंगलवार की रात 11 बजे प्रतापपुर के ग्राम गोवर्धनपुर निवासी 24 वर्षीय प्रियांशु पटेल आ. प्रतोष पटेल, 23 वर्षीय दीपक पटेल आ. मिथलेश पटेल, 21 वर्षीय पुष्पेंद्र पटेल आ. सुरेंद्र पटेल व बटई निवासी विनय यादव कार क्रमांक सीजी 29 एई 7704 से रात को अम्बिकपुर जाने के लिए निकले थे। इस दौरान रात लगभग 11.30 बजे जैसे ही कार सवार गोटगवां के समीप पहुंचे की सामने से आ रहे तेज रफ्तार टमाटर लोड पिकअप क्रमांक यूपी 64 एटी 6380 से उनकी भिड़ंत हो गई। टकराने के बाद कार के एयरबैग खुल गए लेकिन टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के सामने का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया जबकि पिकअप भी टक्कर के बाद पलट गया। टक्कर की आवाज सुनकर मौके पर स्थानीय लोग मदद के लिए पहुंचे।
घंटों मशक्कत के बाद निकाले गए शव
भिड़ंत में कार सवार प्रियांशु पटेल, दीपक पटेल, पुष्पेंद्र पटेल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। घायल कार सवार विनय यादव और पिकअप चालक अम्बिकपुर फुंदुरडिहारी निवासी 42 वर्षीय विक्रम सिंह बड़ा को गंभीर हालत में उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनो को अम्बिकपुर रिफर किया गया था जहां विनय यादव की मिशन अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं पिकअप चालक की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद युवकों के शव कार के अंदर बुरी तरह से फंसे हुए थे जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस द्वारा बाहर निकाला गया।
बीच सड़क पर खराब पड़ा था ट्रैक्टर ट्राली
गोटगवां में हुई इस दुर्घटना के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है लेकिन बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर यह घटना हुई वहां पहले से ही एक गन्ना लोड ट्रैक्टर का ट्राली दुर्घटनाग्रस्त पड़ा हुआ था। हादसे के समय अचानक ही ट्राला सामने आने के कारण संभवतः युवकों ने अपनी कार मोड़ दी और इसी दौरान सामने से आ रहे पिकअप से उनकी भिड़ंत हो गई। हैरानी की बात तो यह है कि गोटगवां में आए दिन सड़क हादसे होते है इसके बाद भी जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों ने समय रहते ट्रैक्टर ट्राली को नहीं हटवाया गया।
क्षेत्र में पसरा मातम
मंगलवार की रात भीषण सड़क हादसे में चार युवकों की मौत से क्षेत्र में शोक का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंचे जहां उनका रो- रोकर बुरा हाल है।
हुई है चार की मौत
थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह धुर्वे ने बताया कि, पिकअप व कार के बीच हुई टक्कर में तीन युवकों की मौत हो गई थी, जबकि कार सवार एक युवक और पिकअप चालक को अंबिकापुर रेफर किया गया था। कार सवार चौथे युवक की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। मामले में अपराध दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















