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छत्तीसगढ़

Chhattisagrh: गणेशोत्सव को लेकर Guideline जारी…

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रायपुर: दो सालों से देशभर के मूर्ति कारोबार पर कोरोना संक्रमण का असर दिख रहा है। छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। इस साल भी गणेशोत्सव को लेकर कड़ी गाइडलाइन जारी की गई है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में लगभग 200 करोड़ रुपये की मूर्तियां फिर अटक गई हैं। यानी एक बार फिर मूर्तिकारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

गजानन की ये बड़ी-बड़ी मूर्तियां, जो कभी गणेशोत्सव में पंडाल की शोभा बढ़ाती थीं, जिन मूर्तियों को लेकर आयोजन समिति के बीच प्रतिस्पर्धा होती थी, वो कलात्मक मूर्तियां आज कलाकारों के गोडाउन में रखी हैं। लगभग 210 करोड़ रुपए की लागत से इन्हें तैयार किया गया है. पिछले साल भी ठीक गणेशोत्सव के पहले कोरोना गाइडलाइन जारी की गई, जिसने मूर्तिकारों के सामने संकट पैदा कर दिया। गाइडलाइन के तहत बड़ी मूर्तियों पर रोक लगाते हुए सिर्फ छोटी मूर्तियों की ही अनुमति दी गई, आनन-फानन में मूर्तिकारों ने छोटी मूर्तियां बनाकर बेचीं, लेकिन इससे उन्हें मुनाफा नहीं हुआ, बामुश्किल लागत निकली।

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यही चिंता इस साल है। संक्रमण काल के दूसरे साल भी सिर्फ छोटी मूर्तियों के लिए ही छूट मिली है, जिससे मूर्तिकारों की उम्मीदों पर फिर पानी पड़ गया। प्रदेश में 12 हजार से ज्यादा मूर्तिकार हैं और औसतन एक मूर्तिकार लगभग 100 मूर्ति बनाता है। इस लिहाज से पिछले साल 12 लाख मूर्तियां बनीं, लेकिन उसमें से सिर्फ आधी बिकीं और आधी डेड स्टॉक में चली गईं। आज भी मूर्तिकारों के गोडाउन में रखी करोड़ों की ये मूर्तियां अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं। इतनी बड़ी राशि के जाम होने से मूर्तिकारों के सामने आर्थिक संकट छा गया है, जिसने उनके चेहरे की हंसी छीन ली है।

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बच्चे उस गरीब के खाना खा सकें त्योहारों में, इसलिए भगवान खुद बिक जाते हैं बाजारों में उम्मीद है भूख की ये जंग जल्द ही खत्म हो और उत्सव का उत्साह मूर्तिकारों के चेहरे पर दिखाई दे।

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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