छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़: सहकारी समिति अध्यक्षों की नियुक्ति पर विवाद, गैर आदिवासियों को अध्यक्ष बनाने का आरोप
पूर्व विधायक गुलाब कमरो आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में अध्यक्षों की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, सरगुजा संभाग में 5 वीं अनुसूची लागू होने के बावजूद गैर आदिवासी को अध्यक्ष बनाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के कोरिया और मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी, भरतपुर जिले के विकासखंडों में आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में अध्यक्षों की नियुक्ति पर पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे आदिवासियों के अधिकारों का हनन बताया है।
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि, प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद आदिवासी हैं और सरगुजा संभाग से ही आते हैं। इसके बावजूद उन्हें आदिवासियों के हित की तनिक भी चिंता नही है। प्रदेश सरकार आदिवासियों के हितों की रक्षा करने की बजाय उनका शोषण कर रही है। जिसका जीता जागता उदाहरण कोरिया एम सी बी में सहकारी समितियों में अध्यक्षो की नियुक्ति का मामला है।
सरगुजा संभाग में लागू है 5 वीं अनुसूची
पूर्व विधायक ने कहा कि, सरगुजा संभाग में 5वी अनुसूची लागू है। लेकिन संवैधानिक प्रावधानों को दरकिनार कर आदिवासियों की जगह गैर आदिवासियों की की नियुक्ति धडल्ले से की जा रही है। सहकारी समितियों में अध्यक्षों की नियुक्ति स्थानीय विधायक की अनुशंसा से होती है। वर्तमान विधायक खुद काल्पनिक सीएम दीदी हैं, जो कि खुद भी आदिवासी हैं। लेकिन उनके द्वारा आदिवासियों के हितों का ख्याल नही रखा गया जो कि सरासर गलत है।
पूर्व सरकार में सभी अध्यक्ष थे आदिवासी
उन्होंने आगे कहा कि, पूर्व की कांग्रेस सरकार में कोरिया और एमसीबी में सहकारी समिति के सभी अध्यक्ष आदिवासी थे। साथ ही सभी अध्यक्ष अपने समिति के पंजीकृत किसान भी थे, लेकिन वर्तमान में हुई नियुक्तियों में कई अध्यक्ष ऐसे भी हैं जो सम्बंधित सोसायटी के सदस्य एवं पंजीकृत किसान तक नही है। ऐसे में किस आधार पर नियुक्ति हुई यह जांच का विषय एवं बड़ा मामला है।
बड़ा आंदोलन करने का किया ऐलान
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने पूरे मामले पर सरकार को घेरते हुए इस निर्णय पर आपत्ति जताई है। साथ ही सरकार को आदिवासी विरोधी बताते हुए आंदोलन किये जाने की करते हुए कहा कि, आदिवासियों के अधिकारों का किसी भी सूरत में हनन नही होने दिया जाएगा। सहकारी समिति अध्यक्षों की नियुक्ति के मामले को लेकर बड़ा आंदोलन किये जाने की बात कही है।
भाजपा मंडल अध्यक्षो को मिली है जिम्मेदारी
मिली जानकारी अनुसार, कोरिया और एमसीबी में अधिकांश समितियों में भाजपा के गैर आदिवासी मंडल अध्यक्षों को बतौर सहकारी समिति अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति की गई है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
-
Uncategorized3 days ago
छत्तीसगढ़ में दशहरा-दिवाली और शीतकालीन अवकाश का ऐलान, जानिए कब-कब बंद रहेंगे स्कूल
-
Uncategorized7 days ago
RSS ने OTT के ‘सांस्कृतिक प्रदूषण’ पर रोक के लिए बनाया पैनल, जानिए कौन-कौन पैनल में है शामिल…
-
Uncategorized4 days ago
WhatsApp में बड़ा बदलाव! अब पुराने मैसेज ढूंढना होगा आसान, जानें कैसे काम करेगा नया Search Shortcut
-
Uncategorized4 days ago
मुख्यमंत्री साय की ओडिशा के CM माझी से मुलाकात, बोले- महानदी जल विवाद का जल्द निकलेगा समाधान
-
Uncategorized2 days ago
पाकिस्तान में 1,000 रुपए तक पहुंच सकता है पेट्रोल, अभी 389 रुपए लीटर ; बांग्लादेश में भी बढ़े Fuel Prices
