Connect with us

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: हाथियों के दो शावकों की मौत

Published

on

कोरबा, 25 सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में हाथियों के दो शावकों की मौत हो गई है। राज्य के वन विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को यहां बताया कि सूरजपुर जिले में स्थित तमोर पिंगला हाथी अभ्यारण्य के बचाव केंद्र में इस महीने की 23 और 24 तारीख को दो हाथी शावकों लक्ष्मण और रेवा की मौत हो गई है।

अधिकारियों ने बताया ​कि दोनों शावक कर्नाटक से लाए गए प्रशिक्षित कुमकी हाथियों के थे। राज्य में जंगली हाथियों को नियंत्रित करने के लिए कर्नाटक से कुमकी हाथियों को छत्तीसगढ़ लाया गया था। हाथी परियोजना सरगुजा की उप निदेशक प्रभाकर खलखो ने बताया कि तमोर पिंगला हाथी अभ्यारण्य के बचाव केंद्र में एक वर्ष नौ माह पहले लक्ष्मण और रेवा का जन्म हुआ था।

यह भी पढ़ें   रायपुर : इंडोर स्टेडियम में 9 अप्रैल से होगी श्रीमद भागवत कथा

खलखो ने बताया कि बुधवार की दोपहर हाथी शावक लक्ष्मण की तबियत अचानक बिगड़ने के बाद जब चिकित्सों से संपर्क किया गया तब उन्होंने शावक के हर्पिस वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि की। इसके बाद दूसरे शावक रेवा की भी तबीयत बिगड़ गई।

अधिकारी ने बताया कि चिकित्सकों ने लक्ष्मण का इलाज शुरू किया लेकिन बृहस्पतिवार को उसकी मौत हो गई। वहीं लक्ष्मण की हालत को देखते हुए रेवा को उससे अलग कर दिया गया था। लेकिन शुक्रवार को इलाज के दौरान रेवा ने भी दम तोड़ दिया। खलखो ने बताया कि हर्पिस वायरस से संक्रमित होने के बाद शावकों की 24 से 48 घंटे के भीतर मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि शावकों की मौत के बाद शेष हाथियों को वहां से अलग कर दिया गया है तथा दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ : राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने कलेक्टरों से वर्षा की स्थिति तथा प्रभावित फसलों की जानकारी मांगी

अधिकारी ने बताया कि दोनों हाथी शावकों के शवों का शुक्रवार को वरिष्ठ पशु चिकित्सकों की देखरेख में पोस्टमार्टम कराया गया। शावकों के नमूनों को जांच के लिए उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान भेजा जा रहा है।

भाषा सं संजीव मानसी

मानसी

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   ग्रीष्मकालीन हॉकी प्रशिक्षण शिविर में दिखा बच्चों का भारी उत्साह
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   स्टाफ नर्स ने हॉस्टल में फांसी लगाकर की आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, राजधानी समेत इन जिलों में हो रही बारिश
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending