Connect with us

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ : आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए आवासीय कॉलोनी का विकास

Published

on

रायपुर, 12 अगस्त (भाषा) छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुलिस आवासीय कालोनी विकसित कर रही है। इस कॉलोनी में उन्हें आवास के साथ रोजगार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा जिससे वह समाज में बेहतर जीवन जी सकें।

दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बृहस्पतिवार को बताया कि जिले में चल रहे लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान के बाद पुलिस अब उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उनके लिए आवासीय कॉलोनी विकसित कर रही है।

पल्लव ने बताया कि देश में पहली बार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए इस तरह की कॉलोनी विकसित की जा रही है। अगले वर्ष 26 जनवरी को कॉलोनी का उद्घाटन करने की योजना है।

उन्होंने बताया कि दंतेवाड़ा शहर में पुलिस लाइन के सामने 39 एकड़ के क्षेत्र में विकसित की जा रही इस आवासीय कालोनी में 108 वन बीएचके अपार्टमेंट के साथ मनोरंजन केंद्र, योग केंद्र और जिम, प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, छात्रावास तथा आंगनवाड़ी की सुविधा होगी। पहले चरण में 21 एकड़ में निर्माण कार्य होगा।

पल्लव ने बताया कि निर्माण कार्य करने वाले कामगारों में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली भी शामिल हैं। वह बढ़चढ़ कर इसमें हिस्सा ले रहे हैं।

यह भी पढ़ें   थाना पचपेड़ी पुलिस द्वारा सार्वजनिक जगह पर जुआ खेलते 10 आरोपी हुए गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा दी गई विशेष सहायता निधि से कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा है। पहली किस्त के रूप में ढाई करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। परियोजना की कुल लागत लगभग नौ करोड़ रुपए है।

उन्होंने बताया कि जिले में पिछले वर्ष जून से लोन वर्राटू अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान से प्रभावित होकर अब तक 400 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के साथ-साथ पुलिस जिले के प्रत्येक गांवों में माओवादी खतरे की दृष्टि से सुरक्षा स्थिति का आकलन रही है। जिले में गांवों को तीन श्रेणियों- लाल (अतिसंवेदनशील), पीला (संवेदनशील) और हरा (सामान्य) में रखा है।

उन्होंने बताया कि इस आंकलन के दौरान पाया गया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली जो लाल श्रेणी के गांव के निवासी हैं उन्हें अपने पूर्व सहयोगियों से खतरा है। यदि वह लौटकर अपने गांव जाते हैं तब वह उनके लिए सुरक्षित नहीं होगा।

पल्लव ने बताया कि इस आंकलन के बाद पुलिस ने ऐसे आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए आवासीय कॉलानी ‘लोन वर्राटू हब’ विकसित करने का फैसला किया।

उन्होंने बताया कि इस कॉलोनी में लाल श्रेणी के गांवों के आत्मसर्मिर्पित नक्सलियों को आवास की सुविधा दी जाएगी। लेकिन वह अपने पैतृक गांवों से स्थायी रूप से विस्थापित नहीं होंगे। जब उनका गांव लाल श्रेणी से निकलकर पीले या हरी श्रेणी में आता है और स्थिति उनके रहने के लिए अनुकूल हो जाती है तब उन्हें वापस जाने की अनुमति दी जाएगी।

यह भी पढ़ें   बिलासपुर : 2021 के दौरान "मिशन जीवन रक्षा" के तहत आरपीएफ कर्मियों ने 601 लोगों की बचाई जिंदगी

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा लाल श्रेणी के गांवों में नक्सली हिंसा के पीड़ितों लोगों को भी उनकी इच्छा के अनुसार कॉलोनी में आवास दिया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कॉलोनी में रोजगार के प्रशिक्षण देने से संबंधित संस्थान भी होगा, जहां निवासियों को मोटरसाइकिल मरम्मत, लघु वनोपज प्रसंस्करण, आधुनिक खेती सहित लगभग 20 विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कॉलोनी में 20 दुकानें भी बनाई जा रही हैं, जहां आत्मसमपर्पित नक्सलियों को कौशल विकास प्रशिक्षण के बाद अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए सहायता दी जाएगी। मकानों की तरह दुकानों को स्थायी रूप से आवंटित नहीं किया जाएगा तथा सहकारी आधार पर उसे संचालित किया जाएगा।

पल्लव ने बताया कि इसके साथ ही लाल श्रेणी वाले गांवों में पुलिस ने वहां के निवासियों को आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड और मतदाता परिचय पत्र प्राप्त करने और उनके बैंक खाते खोलने में मदद करनी शुरू कर दी है जिससे लोगों में प्रशासन पर विश्वास बढ़े।

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   सभी दुकानें बंद, बेमेतरा जिले में हुए हिंसा के विरोध में विश्व हिंदू परिषद को मिल रहा है चेंबर ऑफ कॉमर्स का समर्थन
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   मुख्यमंत्री की घोषणा नांदघाट को पूर्ण तहसील का दर्जा
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   Raipur: प्रोफेसर पर छात्रा से छेड़खानी करने का आरोप, पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending