छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़: सड़क सुरक्षा बैठक,सीएम साय ने दिए यातायात नियमों के सख्त पालन के निर्देश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में यातायात नियमों के पालन के लिए जनजागरूकता अभियान का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए हैं।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में प्रदेश के सड़क सुरक्षा परिदृश्य, सड़क दुर्घटना के नियंत्रण के उपायों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कहा कि, सड़क दुर्घटनाओं के नियंत्रण के लिए दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट के उपयोग तथा वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जनजागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जाए।
ब्लैक सपाट्स के सुधार में तेजी लाएं
मुख्यमंत्री साय ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़कों पर ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्य में तेजी लाने, जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने, सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के इलाज के लिए निर्माणाधीन ट्रामा स्टेब्लाईजेशन यूनिट्स का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में परिवहन विभाग द्वारा तैयार कराया गया ‘‘बस संगवारी एप’’ लांच किया और परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा पर प्रकाशित पोस्टर का विमोचन किया।
सड़क सुरक्षा संबंधी पाठ कोर्स में शामिल किए गए
बैठक में जानकारी दी गई कि, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के स्कूलों में कक्षा पहली से लेकर दसवीं तक के राज्य शैक्षणिक अनुसंधान परिषद की पाठ्यपुस्तकों में सड़क यातायात नियमों से संबंधित अध्याय पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। बैठक में बताया गया कि यातायात व्यवस्था का इलेक्ट्रॉनिक सर्विलेंस रायपुर, बिलासपुर और नवा रायपुर में किया जा रहा है। भिलाई और दुर्ग में यह व्यवस्था आंशिक रूप से संचालित है। सितंबर 2023 से अक्टूबर 2024 तक 101 ब्लैक स्पॉट और 748 जंक्शन के सुधार कार्य पूर्ण किए गए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने पर सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु की संभावना 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है।
लाखों वाहन चालकों पर की गई कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग द्वारा 6 लाख 70 हजार से अधिक तथा पुलिस विभाग द्वारा 4 लाख 87 हजार से अधिक चालानी कार्यवाही की गई है। 01 जनवरी 2023 से 31 अक्टूबर 2024 तक 7826 वाहन चालकों का लायसेंस निलंबित किया गया है। 8 दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों राजनांदगांव, धरसींवा अभनपुर, पाली, सिमगा, सुकमा, बेमेतरा और पत्थलगांव में ट्रामा स्टेब्लाईजेशन यूनिट निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है।
14 हजार 261 वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस, 72 हजार से अधिक वाहनों में स्पीड गवर्नर तथा 2200 बसों में पेनिक बटन लगाए गए हैं। बैठक में ब्लैक स्पॉट की पहचान, सुधार की कार्यवाही, सड़कों में यातायात संकेतक, होर्डिंग्स हटाने, फुटपाथ, पार्किंग, सर्विस लेन से अतिक्रमण हटाने आदि कार्यों की समीक्षा की गई।
ये अफसर बैठक में हुए शामिल
बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बसव राजू एस. और राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, आबकारी सचिव आर. संगीता, एडीजी ट्रेफिक प्रदीप गुप्ता, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर उपस्थित थे। सभी संभागों के आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक वर्चुअली बैठक में शामिल हुए। अंतर्विभागीय लीड एजेंसी के अध्यक्ष एवं एआईजी ट्रेफिक संजय शर्मा ने बैठक में प्रेजेंटेशन दिया।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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