छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम् करेगा विद्वानों का सम्मान, इच्छुक विद्वान 31 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन
रायपुर| छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम् द्वारा वर्ष 2021 में संस्कृत के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्कृत विद्वानों का सम्मान किया जाएगा। प्रदेश के 5 संस्कृत विद्वानों को महर्षि वाल्मिकी सम्मान, ऋष्यश्रृंग सम्मान, लोमश ऋषि सम्मान, कौशल्या सम्मान प्राप्त करने वाले प्रत्येक विद्वान का शाल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह और 31 हजार रूपए की राशि से सम्मान किया जाएगा। इसी प्रकार महर्षि वेदव्यास सम्मान में शाल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह और 51 हजार रूपए की राशि प्रदान की जाएगी।
छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम् द्वारा इन सम्मानों के लिए इच्छुक विद्वान एवं संस्था से 31 जुलाई तक आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। संस्कृत में गद्य, पद्य और चम्पू में नई रचना करने वाले विद्वानों को महर्षि वाल्मीकि सम्मान, संस्कृत के प्रचार-प्रसार में लगे गैर सरकारी अथवा स्वैच्छिक संस्था या व्यक्ति को ऋष्य श्रृंग सम्मान, संस्कृत पाठशालाओं में संस्कृत की शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अध्यापक को लोमश ऋषि सम्मान, राज्य की संस्कृत विदुषी को कौशल्या सम्मान और महर्षि वेदव्यास सम्मान संस्कृत विद्यामंडलम् को व्यापक स्तर पर बौद्धिक सहयोग प्रदान करने वाले अखिल भारतीय स्तर के एक संस्कृत विद्वान को प्रदान किया जाएगा।
इच्छुक आवेदक संबंधित सम्मान के लिए आवेदन में सम्मान का नाम एवं वर्ष, व्यक्ति अथवा संस्था का पूर्ण परिचय पत्र व्यवहार पता सहित, संबंधित सम्मान के लिए प्रमाणित विवरण, यदि कोई पुरस्कार या सम्मान प्राप्त किया हो तो उसका विवरण, चयन होने की दशा में सम्मान ग्रहण करने के संबंध में आवेदक की सहमति दो पासपोर्ट फोटोग्राफ के साथ लिफाफे पर सम्मान एवं वर्ष का उल्लेख करते हुए सचिव छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम् न्यू राजेन्द्र नगर पानी टंकी के पास, छत्तीसगढ़ हाथ करघा कार्यालय के सामने रायपुर-छत्तीसगढ़ पिन नं. 492001 के पते पर 31 जुलाई तक कार्यालयीन समय में अपनी प्रविष्टि प्रत्यक्ष अथवा डाक से जमा कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के पश्चात् प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा। सम्मान के लिए प्रविष्टि प्रस्तुत करने वाले का कार्य क्षेत्र छत्तीसगढ़ होना आवश्यक है। संस्कृत विद्यामंडलम् से सम्मान प्राप्त कर चुके विद्वान पुनः आवेदन नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में प्रस्ताव का विवरण वेबसाईट बहेअउण्बहेजंजमण्हवअण्पद पर भी देखा जा सकता है। इच्छुक विद्वान संस्कृत विद्यामंडलम् के दूरभाष 0771-4001733 पर भी संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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