Connect with us

छत्तीसगढ़

Chhattisgarh: नसबंदी के दौरान महिला की मौत.. 3 डॉक्टरों पर हत्या का केस दर्ज

Published

on

बेमेतरा,छत्तीसगढ़। बेमेतरा में नसबंदी के दौरान महिला की मौत के मामलाे में3 डॉक्टरों पर केस दर्ज किया गया है।फरवरी 2020 में नसबंदी के दौरान नस कटने से महिला की मौत हो गई थी। अब हेल्थ केयर हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर केस दर्ज किया गया है। डॉक्टर्स के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बेमेतरा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. सतीश शर्मा द्वारा भी जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में यह बात कही गई थी कि उक्त निजी चिकित्सालय में नसबंदी ऑपरेशन किए जाने के लिए अधिकृत नहीं है, उसके बाद भी वहां के डाक्टरों द्वारा महिला की नसबंदी ऑपरेशन किया गया और लापरवाही के चलते महिला की अंतड़ी में गहरे जख्म हो गए, जिसकी वजह से ही अत्यधिक रक्तस्राव होने के चलते महिला की स्थिति गंभीर हुई और महिला की मौत हो गई।

यह भी पढ़ें   खेत में मिली लापता महिला की लाश, हत्या कर पहचान छिपाने चेहरा जलाया और खेत में फेंक दिया

हालांकि कोतवाली बेमेतरा में मामला तो दर्ज किया गया है, लेकिन फिलहाल किसी तरह की कार्रवाई अभी हो नहीं पाई है, जल्द ही चिकित्सकों की गिरफ्तारी की बात भी कोतवाली प्रभारी बेमेतरा द्वारा कही गई है।

प्रमिला साहू पति खुमान साहू (25) ग्राम गनियारी की रहने वाली थी उक्त महिला का नसबंदी ऑपरेशन 18 फरवरी 2020 को हेल्थ केयर चिकित्सालय में किया गया था। इसके बाद 19 फरवरी को महिला की स्थिति बिगड़ने पर डाक्टरों ने स्वजनों को सलाह दी कि उन्हें उचित उपचार के लिए दूसरा चिकित्सालय ले जाना अच्छा होगा।

डॉक्टर की सलाह पर स्वजनों द्वारा महिला को नारायणा हास्पिटल रायपुर में भर्ती कराया गया, किंतु महिला की स्थिति गंभीर होने की वजह से 29 फरवरी 2020 को उसकी मौत हो गई। इसके बाद महिला के स्वजनों ने बेमेतरा के उक्त चिकित्सकों के ऊपर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर तथा महिला की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सहित फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद उक्त तीनों चिकित्सकों के खिलाफ धारा 304 ए और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   लम्बे समय से 20 शिक्षक स्कूलों से नदारद सेवा समाप्ति के लिए नोटिस जारी करने निर्देश
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में होने वाली जी-20 की बैठकों की व्यवस्था की तैयारियां शुरू
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   Vi का खास Independence Day ऑफर, FREE दे रहा 50GB डेटा और ₹75 की छूट …
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending