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छत्तीसगढ़

खदान से कोयला परिवहन बंद, रोजगार की मांग को लेकर 7 गांवों के भू-विस्थापित धरने पर बैठे

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की खदान में कोयला परिवहन बंद करा दिया गया है। ग्रामीणों की मांग है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए, और खेतों में मिट्टी फिलिंग को बंद किया जाए। बताया जा रहा है कि इसको लेकर प्रदर्शनकारी SECL प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, कोरबा के 7 गांवों के भू-विस्थापितों ने मानिकपुर खदान में कोयला परिवहन बंद करा दिया गया है। दादर खुर्द, भिलाई खुर्द, बरबसपुर, ढेलवाडीह दूसरे गांव के सैकड़ों लोग मानिकपुर खदान पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। सूचना मिलने पर एसईसीएल मानिकपुर के उप महाप्रबंधक अजय तिवारी वहां पहुंचे थे, जहां भू-विस्थापितों के साथ उनकी वार्ता फेल हो गई थी। वहीं शनिवार को कोयला परिवहन बंद होने से SECL प्रबंधन को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

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ग्रामीणों को न मुआवजा मिला न पुनर्वास

ग्रामीणों ने बताया कि SECL प्रबंधन ने पहले ही जिन ग्रामीणों की जमीन ली थी, उन्हें न मुआवजा दिया और न ही पुनर्वास की व्यवस्था की है। ऐसे में नए सिरे से कई किसानों के खेतों में मिट्टी फिलिंग का काम कराया जा रहा है, जो गलत है। जमीन के अधिग्रहण के समय एसईसीएल ने गांव के बेरोजगारों को नौकरी देने की बात कही थी, लेकिन अब प्रबंधन अपने वादे से मुकर रहा है।

बिना सूचना दिए मिट्टी फिलिंग का काम जारी

इसे लेकर सभी ग्रामीण आंदोलन पर उतर आए हैं। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे। प्रबंधन गांव के करीब 20 किसानों के खेतों में बिना सूचना दिए मिट्टी फिलिंग का काम करवा रहा था। इस बात की जानकारी होने पर खदान के भीतर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। एसईसीएल ने पुराने मामलों का अब तक निराकरण नहीं किया गया है, फिर नई जमीन को किस आधार पर लिया जा रहा है? उप महाप्रबंधक अजय तिवारी ने बताया कि जिस जमीन को लेकर विवाद हो रहा है, उसका निपटारा जब तक नहीं हो जाता, तब तक काम बंद किया जाता है।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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