छत्तीसगढ़
कलेक्टर साहब..! आप बिलासपुर जिले के लिए रोल मॉडल हैं…! लेकिन मास्क तो पहन लिया कीजिए …
ऐसे दौर में…आपको या आपकी फोटो को बिना मास्क के देखने पर… अच्छा नहीं लगता
बिलासपुर। बिलासपुर जिले की पुलिस कल 2 जुलाई शुक्रवार से पूरे जिले में “मेरा मास्क-मेरी जिम्मेदारी”
अभियान चला रही है। सामाजिक संगठनों के सहयोग से बिलासपुर शहर के सभी लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित करने के लिए शहर के सभी चौक चौराहों पर लोगों को रोक रोक कर मास्क पहनने के लिए कह रही है।
पुलिस प्रशासन की ओर से उसके जवानों द्वारा सामाजिक संगठनों के नव युवकों और युवतियों के साथ शहर के हर चौक चौराहे में राहगीरों को मास्क वितरित भी किया जा रहा है। बिलासपुर के अलावा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में भी पुलिस के अधिकारी कर्मचारी सामाजिक संगठनों की मदद से यह अभियान चला रहे हैं।
यह लगभग साबित हो चुका है कि कोविड-19 के संक्रमण और उससे बचाव के लिए फिजिकल डिस्टेंसिंग तथा मास्क के अलावा कोई और उपाय नहीं है। ऐसे में बिलासपुर पुलिस के द्वारा चलाया जा रहे, *मेरा मास्क मेरी जिम्मेदारी *अभियान की जितनी तारीफ की जाए कम है। और इस अभियान को लेकर आज शनिवार को बिलासपुर शहर के अखबारों तथा इसके 1 दिन पूर्व सोशल मीडिया में बिलासपुर कलेक्टर सारांश मित्तर की एक तस्वीर प्रकाशित, प्रसारित हुई है।
इसमें बिलासपुर कलेक्टर बिना मास्क के दिखाई दे रहे हैं। एनटीपीसी के द्वारा बिलासपुर में कोविड 19 से निपटने के उपायों में मदद स्वरूप अपनी ओर से कल 40 लाख रुपए का चेक जिला कलेक्टर सारांश मित्र को उनके कार्यालय में सौंपा गया। यह चेक स्वीकार करते समय की जो तस्वीर जिला जनसंपर्क कार्यालय से प्रसारित हुई है।
उसमें चेक सौंपने वाले एनटीपीसी के अधिकारी तो मास्क पहने हुए हैं, लेकिन बिलासपुर कलेक्टर बिना मास्क के चेक स्वीकार करते हुए दिख रहे हैं।
ऐसे समय में जब बिलासपुर का पुलिस प्रशासन पूरे जिले और शहर को मास्क पहनने के लिए “मेरा मास्क-मेरी जिम्मेदारी” अभियान चला रहा हो तब जिला कलेक्टर बिना मास्क के रहें अथवा सोशल मीडिया पर या अखबारों में उनकी बिना मास्क की तस्वीरें प्रकाशित, प्रसारित हों..तो इससे निश्चित ही अच्छा संदेश नहीं जाता होगा।।।
ऐसे में बिलासपुर शहर व जिले के लोगों को मास्क पहने के लिए प्रेरित करने के पुलिस प्रशासन अथवा जिला प्रशासन की अपील का नैतिक असर निश्चित ही कमजोर होता होगा। साथ ही इससे “मेरा मास्क मेरी जिम्मेदारी” अभियान चलाने वाले पुलिस प्रशासन के अफसर भी डिमारलाईज होते होंगे।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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