छत्तीसगढ़
किसानों के दम पर बनी कांग्रेस की सरकार किसान कर रही हैं वादाखिलाफी : भाजपा

मुंगेली| जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित बैठक में पूर्व खाद्यमंत्री श्री मोहले ने कहा कि वर्तमान में किसान खाद की कमी,यूरिया खाद के साथ अन्य खाद लेने की बाध्यता,गोबर खाद 10 रुपए किलो में जबरिया बेचा जा रहा है जिसे खरीदने की मजबूरी है,बीज की कमी है, अघोषित बिजली कटौती हो रही है ,भुगतान में देरी किया जाता है रकबा की कटौती कर दी गई थी,बारदाना नहीं था किसानों ने अपना बारदाना दिया जिसका पैसा नहीं मिला है,शासकीय तौर पर गलत आंकड़े पेश किए जा रहे है,किसानों के खाते का एटीएम नहीं दिया जा रहा है। अतः इन सब वादाखिलाफी व गलत नीतियों के विरोध में 26 जुलाई को पूरे प्रदेश में हो रहे विधानसभा स्तरीय धरना प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने की अपील किसानों से की। जिले के प्रभारी शंकर अग्रवाल ने संगठनात्मक घुट्टी पिलाते हुए जिला व मंडलवार जानकारी लेकर लक्ष्य के अनुरूप उपस्थिति की अपील किसानों व कार्यकर्ताओं से की तथा 24 जुलाई को विधानसभा स्तरीय बैठक हेतु निर्देशित किया। पूर्व विधायक तोखन साहू ने कहा कि किसानों को बरगला कर सत्ता में आयी कांग्रेस सरकार को किसान ही धूल चटाएंगे।

जिला भाजपा अध्यक्ष शैलेश पाठक ने कहा कि किसानों को न्याय दिलाने हेतु 26 जुलाई को धरना प्रदर्शन में अधिक से अधिक उपस्थिति हो यह हम सभी सुनिश्चित करें। संचालन जिला महामंत्री निश्चल गुप्ता ने तथा आभार जिला महामंत्री गुरमीत सलुजा ने किया। बैठक में जिला के सह प्रभारी राजेन्द्र शर्मा के साथ ही प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य गिरीश शुक्ला, नरेंद्र शर्मा, राकेश तिवारी,जिला भाजपा अध्यक्ष शैलेश पाठक,नगर पालिका उपाध्यक्ष मोहन मल्लाह,किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष रामधुन साहू,जिला महामंत्री किसान मोर्चा श्रीकांत पाण्डेय,वीरेंद्र केशरवानी,जिला उपाध्यक्ष धनीराम यादव,शिवप्रताप सिंह,धनेश साहू,दीनानाथ केशरवानी,अशोक सिंह ठाकुर,मण्डल अध्यक्ष राणाप्रताप सिंह,शंकर सिंह,सोम वैष्णव,प्रदीप मिश्रा, दिनेश साहू,हरिशंकर राजपूत, अश्विनी कश्यप,सुशील यादव,कोटूमल दादवानी,प्रदीप पाण्डेय,नंदकिशोर सिंह ,मानस सिंह बैस,अंजना जायसवाल, अमितेष आर्य,डॉ उदयराम जायसवाल, भवानी शंकर साहू,राजा चक्रधर,गोवर्धन जांगड़े,जीवन पटेल,किसान मोर्चा के मण्डल अध्यक्ष गण वीरेंद्र दीक्षित, अरुण राजपूत,जगन्नाथ साहू,विजय दीवान,रघुनाथ साहू,गणेश साहू,भवानी शंकर साहू,नंदकुमार ठाकुर,वीरेंद्र तिवारी आदि उपस्थित थे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















