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छत्तीसगढ़

प्रदेश के किसानों पर मौसम की मार, छत्तीसगढ़ के 18 जिलों में कम बारिश से फसलों को नुकसान

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अचानक मानसून पर ब्रेक लग गया है। जिसके चलते कई जिलों में फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं दूसरी ओर बारिश नहीं होने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो तीन बाद बारिश की संभावना जताई है।

18 जिलों में औसत से कम बारिश

प्रदेश में मानसून के दस्तक के साथ झमाझम बारिश हुई। जिसके चलते नदी, उफान पर आ गए थे। लेकिन जुलाई महीने में मौसम की बेरुखी के चलते फसले बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। बारिश के आंकड़ों नजर डाले तो प्रदेश के 18 जिलों में औसत से कम बारिश हुई है। वहीं 9 जिले में अब तक औसत से अधिक बारिश हुई है।वहीं पूरे छत्तीसगढ़ में बारिश औसत से 7% कम हुई हैं। कई जिलों में कम वर्षा से फसलों को नुकसान हुआ है।

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देखें जिलों में बारिश का रिकॉर्ड

राज्य शासन के राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक 1 जून 2021 से अब तक राज्य में 379.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून से आज 19 जुलाई तक रिकॉर्ड की गई। वर्षा के अनुसार सुकमा जिले में सर्वाधिक 705.2 मिमी और मुंगेली जिले में सबसे कम 259.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा में 298 मिमी, सूरजपुर में 408.4 मिमी, बलरामपुर में 343.2 मिमी, जशपुर में 385.6 मिमी, कोरिया में 333.2 मिमी, रायपुर में 346.8 मिमी, बलौदाबाजार में 453.3 मिमी, गरियाबंद में 394.5 मिमी, महासमुंद में 324.5 मिमी, धमतरी में 353.8 मिमी, बिलासपुर में 383.6 मिमी, रायगढ़ में 315.1 मिमी, जांजगीर चांपा में 395.7 मिमी, कोरबा में 592.5 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 368.4 मिमी, दुर्ग में 383 मिमी, कबीरधाम में 302.8 मिमी, राजनांदगांव में 285.2 मिमी, बालोद में 317 मिमी, बेमेतरा में 473.6 मिमी, बस्तर 309.3 मिमी, कोण्डागांव में 372.1 मिमी, कांकेर में 341.7 मिमी, नारायणपुर में 432.6 मिमी, दंतेवाड़ा में 310.9 और बीजापुर में 429.4 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई।

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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